गुरु को आखिरी सलाम देने शिष्यों ने अपनाई अनोखी परंपरा, अर्थी के आगे हुए अखाड़े के करतब, भावुक हो गए सब
Udaipur Hindi News: उदयपुर में गुरु और शिष्य का यह रिश्ता अखाड़ों की पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है. पहलवान अपने उस्ताद को केवल कुश्ती सिखाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका सिखाने वाला गुरु मानते हैं. ऐसे में जब कोई उस्ताद दुनिया से विदा होता है, तो शिष्य उसके सम्मान में अखाड़े की कला को सामने लाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं.
गणेश विसर्जन के दौरान रामगंगा नदी में डूब रहा था युवक, गोताखोर ने बचाया… मौत के जबड़े से ऐसे खींची जिंदगी, Video
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18










