कृति सेन ने पितृसत्ता पर उठाए सवाल:कहा- कब तक पूछेंगे कि लड़की ने क्या पहना, आदमियों को क्यों नहीं सिखाते कि शोषण, जबरदस्ती न करें
रक्षाबंधन से जुड़े एड में पहनावे के चलते विवादों में रहीं कृति सेनन ने अब देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे छेड़छाड़, रेप और शोषण के मामलों में पितृसत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये लड़ाई आदमियों और औरतों के बीच नहीं बल्कि उन औरतों के साथ भी है, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मानती हैं। कृति सेनन ने बिना किसी घटना का जिक्र किए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, यह लड़ाई पुरुषों और महिलाओं के बीच नहीं है। यह महिलाओं और पितृसत्तात्मक सोच के बीच की लड़ाई है। उन पुरुषों के खिलाफ, जो महिलाओं को कमतर समझते हैं और उन महिलाओं के खिलाफ भी, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मान बैठी हैं। आगे कृति ने लिखा, ‘आखिर कब तक महिलाओं को ही यह सिखाया जाता रहेगा कि वे खुद को यौन हिंसा से कैसे बचाएं? पुरुषों को यह क्यों नहीं सिखाया जाता कि वे महिलाओं के साथ छेड़छाड़, यौन शोषण और जबरदस्ती न करें?’ ‘जब किसी नाबालिग के साथ बलात्कार होता है, तो सवाल यह क्यों नहीं पूछा जाता कि ऐसा करने वाला इंसान किस तरह की सोच रखता है? इसके बजाय आज भी लोग यही पूछते हैं कि लड़की ने क्या पहना था, वह कहां थी, किसके साथ थी, बाहर क्यों गई थी और उसके परिवार ने उसे ऐसा करने की इजाजत क्यों दी?’ इसके अलावा कृति ने लिखा, ‘महिलाओं को हर बार यह समझाना बंद कीजिए कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा सावधान रहें। जरूरत पुरुषों को यह सिखाने की है कि वे महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आएं और अपनी मर्यादा में रहें। लड़कों को सहमति और सम्मान का मतलब सिखाइए। उन्हें अपने व्यवहार की जिम्मेदारी लेना सिखाइए। जो पुरुष गलत व्यवहार करते हैं, उनकी गलती का बोझ महिलाओं पर डालना बंद कीजिए।’ आएशा खान बोलीं- ये देखकर घिन आती है धुरंधर के गाने शरारत में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस ने भी कुछ समय पहले जमुई में लड़की के साथ हुई बर्बरता पर लिखा था, बिहार में जो हुआ, उसे देखकर मुझे सच में घिन आती है। सोचिए, जब लोग आपको घेरकर खड़े हों, आप डरे हुए हों, अपमानित महसूस कर रहे हों और लोग आपकी मदद करने के बजाय खड़े होकर आपका वीडियो बना रहे हों। इसे नैतिकता का नाम देना बंद कीजिए। उत्पीड़न को संस्कृति की आड़ में छिपाना बंद कीजिए। यह बेहद शर्मनाक और घिनौना है। दिशा पाटनी की बहन खुशबू बोलीं- कोई साथ घूमे तो आपत्ति क्यों खुशबू पाटनी ने 22 सितंबर को एक वीडियो शेयर कर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। खुशबू ने सवाल उठाया कि अगर कोई लड़का और लड़की अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, साथ घूमना चाहते हैं या दोस्त बनना चाहते हैं, तो लोगों को इससे आपत्ति क्यों होनी चाहिए? जमुई केस के बारे में पढ़िए- 19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 साल की छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया गया था। इसका वीडियो 21 सितंबर को सामने आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी 21 सितंबर को मिली, जिसके बाद पीड़िता की पहचान कर केस दर्ज किया गया। इसके लिए SIT बनाई गई। वीडियो में दिख रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपियों के रूप में बताए जा रहे हरेराम यादव और नंदन यादव का 22 सितंबर को एनकाउंटर किया गया। एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि छेड़खानी मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है जबकि वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव (लाल गमछा) और हरे राम यादव अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने को लेकर दो दर्जन से अधिक लोगों, ट्विटर हैंडलर, फेसबुक और इंस्टाग्राम को चिन्हित किया गया है। वीडियो प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी POSCO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा।
कानपुर के नाम पर पहली ट्रेन! ‘कानपुर मेल’ से दिल्ली का सफर होगा आसान, जानें कब से चलेगी
कानपुर के यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी सौगात सामने आई है. कानपुर सेंट्रल स्टेशन से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई दैनिक ट्रेन चलाने को मंजूरी मिल गई है. रेलवे बोर्ड से स्वीकृत इस ट्रेन का नाम 14153-14154 कानपुर मेल रखा गया है. खास बात यह है कि यह कानपुर सेंट्रल से चलने वाली पहली ऐसी ट्रेन होगी, जिसका नाम शहर के नाम पर रखा गया है.
कानपुर से दिल्ली के बीच नई सीधी ट्रेन की मांग काफी समय से की जा रही थी. भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, रेल मंत्री और क्षेत्रीय उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. उनके अनुसार, एक सितंबर 2001 को श्रमशक्ति एक्सप्रेस शुरू होने के करीब 25 साल बाद कानपुर से दिल्ली के लिए एक नई सीधी दैनिक ट्रेन को मंजूरी मिली है. सांसद रमेश अवस्थी ने कहा है कि इस ट्रेन का संचालन हर हाल में दशहरा तक शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कानपुर मेल के रास्ते में आठ स्टॉपेज प्रस्तावित हैं। इससे गाजियाबाद, दादरी और रास्ते में आने वाले अन्य इलाकों के यात्रियों को भी दिल्ली और कानपुर के बीच सफर करने में सुविधा मिलेगी.
ट्रेन को दशहरा तक शुरू करने का किया जाएगा प्रयास
ट्रेन का टाइमटेबल भी सामने आया है. ट्रेन संख्या 14153 कानपुर मेल कानपुर सेंट्रल से रोजाना रात 8:40 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 4:50 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी. वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 14154 आनंद विहार से रात 11:25 बजे चलेगी और सुबह 7:25 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी. नई ट्रेन की मंजूरी पर सांसद रमेश अवस्थी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि नई ट्रेन से शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी. सांसद ने दावा किया कि यह ट्रेन यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय होगी और इसे दशहरा तक शुरू कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.
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पूर्वांचल के लिए भी चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मुंबई और पुणे से पूर्वांचल के अलग-अलग शहरों के लिए भी विशेष ट्रेनों का संचालन करने का फैसला किया है. लोकमान्य तिलक टर्मिनस-मऊ स्पेशल ट्रेन 11 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी और इसके 12 फेरे होंगे। यह ट्रेन प्रयागराज छिवकी के रास्ते वाराणसी, जौनपुर और शाहगंज होते हुए मऊ पहुंचेगी. इसी तरह हडपसर-गाजीपुर सिटी द्वि-साप्ताहिक स्पेशल का संचालन 13 अक्टूबर से 20 नवंबर तक किया जाएगा. इसके भी 12 फेरे निर्धारित हैं। यह ट्रेन प्रयागराज छिवकी के बाद वाराणसी और जौनपुर होते हुए गाजीपुर सिटी पहुंचेगी.
14 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
वहीं लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 14 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी. इस ट्रेन के भी 12 फेरे होंगे और यह प्रयागराज छिवकी होते हुए बनारस पहुंचेगी. पूर्वोत्तर रेलवे ने भी त्योहारों को देखते हुए कई विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है. मऊ-अंबाला कैंट साप्ताहिक त्योहार स्पेशल वाया गोरखपुर चलाई जाएगी. ट्रेन संख्या 05301-05302 के कुल नौ फेरे होंगे और इसका संचालन एक अक्टूबर से 27 नवंबर तक किया जाएगा.
इसके अलावा योगनगरी ऋषिकेश-कोलकाता-योगनगरी ऋषिकेश आरक्षित त्योहार विशेष एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 04312-04311 का संचालन 16 अक्टूबर से 22 नवंबर तक होगा. वहीं अमृतसर-कोलकाता-अमृतसर त्योहार विशेष एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 04624-04623 सात अक्टूबर से 28 नवंबर तक यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी. इस तरह त्योहारों के दौरान कानपुर से दिल्ली के बीच नई दैनिक ट्रेन के साथ-साथ पूर्वांचल और दूसरे प्रमुख शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनों की सुविधा मिलने से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे.
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