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Dussehra-Diwali Special Train: फेस्टिवल पर रेलवे का बड़ा तोहफा, इन रूट्स पर चलेंगी 102 स्पेशल ट्रेन ट्रिप

Dussehra-Diwali Special Train: दशहरा और दिवाली के फेस्टिव सीजन के दौरान ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ा इंतजाम किया है। त्योहारों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे सोलापुर डिवीजन के स्टेशनों से 102 स्पेशल ट्रेन ट्रिप चलाएगा।

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Pitru Paksha में Purnima Shraddh पर तर्पण और Panchabali की पूरी विधि

हिंदू धर्म में पितृपक्ष में पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक काम करते हैं। इस बार 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाएगा। वहीं इसके अगले दिन यानी की 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। इस तिथि से मुख्य रूप से पितृपक्ष की शुरूआत मानी जाती है।

पूर्णिमा श्राद्ध

आज यानी की 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध है, इस दिन उन पूर्वजों का याद किया जाता है और श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को होती है। अगर घर-परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी, तो पितृपक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध की तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। मुख्य पितृपक्ष से पहले आने वाली पूर्णिमा श्राद्ध को महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है।

पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध में फर्क

पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध के बीच मुख्य अंतर तिथि का है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध उन पूर्वजों का किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी। वहीं 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध में उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुई थी।

जानें पूर्णिमा श्राद्ध की विधि

इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और फिर साफ सफेद कपड़े पहनें। इसके बाद रौहिणी या कुतुप मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठें। अब दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में कुश की पवित्री पहनें। अब तांबे या कांसे के बर्तन में कच्चा दूध, शुद्ध जल, काले तिल, सफेद फूल और अक्षत मिलाएं। दोनों हाथों में कुश रखें और जल लेकर 'ॐ पितृभ्यः नमः' बोलते हुए अपने गोत्र का नाम लें। फिर अंगूठे के सहारे से जल को किसी बर्तन में गिराएं।

तर्पण के बाद प्याज-लहसुन के बिना बनाए गए खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में कुत्ते, कौवे, गाय, चींटी और देवता के लिए अलग-अलग रखें। इसको पंचबलि भी कहा जाता है। वहीं संभव हो तो ब्राह्मणों को भोजन कराएं और यथासंभव दान दें। वहीं मंदिर या जरूरतमंद को आटा, चावल, सब्जी और फल आदि का दान दें। वहीं श्राद्ध कर्म के अंत में अगस्त्य ऋषि सहित अपने पूर्वजों से प्रार्थना करें और भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।

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स्क्वाश में 3 मेडल पक्के, अनाहत-अभय फाइनल में पहुंचे, जोशना और वेलावन को ब्रॉन्ज

एशियन गेम्स 2026 के 8वें दिन स्क्वाश में भारत के लिए कम से कम दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल पक्के हो गए हैं. सबसे पहले मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इसके बाद महिला सिंगल्स में अनाहत सिंह और मेंस सिंगल्स में अभयन सिंह ने सेमीफाइनल में जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई. Sat, 26 Sep 2026 12:56:36 +0530

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