झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई का रूप धर 1858 में अंग्रेजों को दी चकमा, रानी को किला से मिला निकलने का मौका, जानें इतिहास
Jhansi History: झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सहयोगी झलकारी बाई ने 1858 में अंग्रेजों को भ्रमित करने के लिए रानी का रूप धारण किया था, जिससे रानी को किले से निकलने का मौका मिला. झलकारी बाई रानी लक्ष्मीबाई की भरोसेमंद सेविका और सहयोगी थीं. रानी के झांसी आने के बाद झलकारी बाई भी उनसे जुड़ीं और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया. झलकारी बाई के पति पूरन कोरी झांसी की सेना में सैनिक थे झलकारी बाई को भी हथियार चलाने और युद्ध की तैयारी का अभ्यास था इसी वजह से वह रानी की महिला सैनिक टुकड़ी दुर्गा दल से जुड़ी थीं.
PHOTOS: ₹38900 करोड़ लागत, 680 KM लंबाई और 4 राज्यों की कनेक्टिविटी, आस्था और व्यापार का एक्सप्रेसवे
Delhi Amritsar Katra Expressway: देशभर में सड़क मार्ग को इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए सुविधाओं का लगातार विकास किया जा रहा है. पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य सड़क मार्ग को उस लेवल तक पहुंचाना है, जहां यह रेलवे को रिप्लेस कर सके. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे को उसी उद्देश्य के तहत विकसित किया जा रहा है. तकरीबन 680 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर कु ₹38900 करोड़ खर्च आने का अनुमान है. यह एक्सप्रेसवे व्यापार और आस्था का अद्भुत फ्यूजन है. (सभी तस्वीरें NHAI के X अकाउंट से साभार)
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