PFI के 4 सदस्यों को उम्रकैद, हिंदू मुन्नानी नेता सी. शशिकुमार की हत्या मामले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला
चेन्नई की पूनामल्ली स्थित NIA मामलों की विशेष अदालत ने हिंदू मुन्नानी के कोयंबटूर प्रवक्ता सी. शशिकुमार की हत्या के मामले में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चार सक्रिय सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी ठहराए गए सद्दाम हुसैन, सुबैर, मुबारक और मोहम्मद रफीकुल हसन को उम्रकैद के साथ प्रत्येक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. NIA के मुताबिक, प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़े आरोपियों को लेकर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह उसकी ओर से PFI के खिलाफ पहली दोषसिद्धि है.
22 सितंबर 2016 को हुई थी शशिकुमार की हत्या
हिंदू मुन्नानी के कोयंबटूर प्रवक्ता सी. शशिकुमार की 22 सितंबर 2016 को कोयंबटूर में धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी. NIA की जांच के मुताबिक, यह हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि हत्या का मकसद समाज के एक वर्ग में भय पैदा करना और क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देना था.
हत्या की घटना के बाद कोयंबटूर शहर और ग्रामीण क्षेत्र समेत 6 जिलों में व्यापक हिंसा हुई थी. राज्य पुलिस ने इस सिलसिले में 300 से अधिक FIR दर्ज की थीं.
पहले तमिलनाडु पुलिस, फिर NIA ने संभाली जांच
मामले में शुरुआती FIR कोयंबटूर के थुडियालूर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. इसके बाद मामले की जांच तमिलनाडु CB-CID ने की. भारत सरकार के 22 जनवरी 2018 के आदेश के बाद मामले की जांच NIA को सौंप दी गई. NIA ने केस को दोबारा दर्ज करते हुए इसे RC-03/2018/NIA/DLI के रूप में रजिस्टर किया.
साजिश रचकर हत्या को दिया गया अंजाम
NIA की जांच में सामने आया कि आरोपी PFI के सक्रिय सदस्य थे और उन्होंने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचकर शशिकुमार की लक्षित हत्या को अंजाम दिया. विस्तृत जांच के बाद NIA ने 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थीं. मामले की सुनवाई 2019 में शुरू हुई. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 75 गवाहों और बचाव पक्ष की ओर से 2 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.
किन धाराओं में हुई सजा?
विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को IPC की धारा 302, 120-B और 153-A तथा UAPA की धारा 16, 18 और 20 के तहत दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई. हालांकि, अदालत ने एक सह-आरोपी अबू उर्फ सैयद अबुथागिर को बरी कर दिया है. NIA ने कहा है कि वह अदालत के फैसले की समीक्षा कर रही है और इस बरी किए जाने के खिलाफ अपील की अदालत में उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है.
जमुई कांड: पीड़िता की फोटो CM के X हैंडल पर डालने के मामले में FIR, CMO के स्टेनोग्राफर पर आरोप
FIR on CMO Stenographer: जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की फोटो मुख्यमंत्री के X हैंडल पर शेयर किए जाने के मामले में अब FIR दर्ज हो गई है. सचिवालय थाने में दर्ज केस में CMO कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है.
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