Congress नेता Harish Rawat ने Haridwar से विधानसभा चुनाव लड़ने के दिए संकेत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी सीट से उम्मीदवार बनना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में रावत ने कहा कि उनकी उम्र बढ़ रही है, लेकिन हरिद्वार के साथ उनका लगाव भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने 2009 से 2014 के बीच हरिद्वार से लोकसभा सांसद के रूप में अपने कार्यकाल को अपने जीवन का “स्वर्णिम काल” बताया।
रावत ने लिखा कि हरिद्वार के मतदाताओं के साथ उनका रिश्ता इतना गहरा हो गया था कि दोनों एक दूसरे के पर्याय बन गए थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में सैकड़ों परिवारों से उनके व्यक्तिगत व पारिवारिक रिश्ते आज भी कायम हैं। रावत ने कहा, “मेरे दिल में एक इच्छा है कि क्या मैं एक बार हरिद्वार का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता?” उन्होंने कहा कि हरिद्वार को लेकर उनके मन में बहुत सारी सोच और योजनाएं हैं और वह इसे उत्तराखंड का “संबल” और “पिलर” बनाना चाहते हैं।
हालांकि, रावत ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की और कहा कि राज्य के व्यापक सवालों और पार्टी के आंतरिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी भावना दबानी पड़ती है। कांग्रेस नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि हरिद्वार से उनका जुड़ाव राजनीतिक चुनाव तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक उनमें सांस है, वह हरिद्वार की सेवा करते रहेंगे।
हाल में दिल्ली से देहरादून लौटने पर समर्थकों ने रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया था। उनके ताजा बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरिद्वार की राजनीति में उनके संभावित आगमन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
CIC ने PESO को दिए निर्देश: जानलेवा हादसों के बाद रद्द हुए पटाखा लाइसेंस का ब्योरा दें
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) को निर्देश दिया है कि वह घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए पटाखों के लाइसेंसों से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराए। यह निर्देश तब आया, जब संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के संबंध में उसके पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने यह निर्देश उस अपील पर सुनवाई करते हुए जारी किया, जिसमें पटाखों के बनाये जाने को मंजूरी, घातक दुर्घटनाओं के बाद अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं, जन-जागरूकता के लिए सार्वजनिक की गई दुर्घटना संबंधी रिपोर्टों और घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए लाइसेंसों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
आयोग ने पाया कि प्रतिवादी ने केवल आंशिक जानकारी उपलब्ध कराई थी और पीईएसओ को निर्देश दिया कि वह मांगी गई सभी सूचनाओं को शामिल करते हुए संशोधित जवाब प्रस्तुत करे। घातक दुर्घटनाओं के बाद रद्द किए गए लाइसेंसों के संबंध में आयोग ने पीईएसओ को निर्देश दिया कि वह आरटीआई आवेदन दायर किए जाने से पहले के तीन वर्षों के दौरान “विनिर्माताओं की जिम्मेदारी तय किए जाने के कारण रद्द किए गए लाइसेंसों की संख्या” उपलब्ध कराए। पीईएसओ ने शुरू में घातक दुर्घटनाओं के बाद अपनाई जाने वाली एसओपी के संबंध में “कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है” कहा था और विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 131 का हवाला दिया था।
आयोग ने उसे निर्देश दिया कि मांगी गई एसओपी या संबंधित नियम उपलब्ध कराए। आयोग ने पीईएसओ को यह भी निर्देश दिया कि यदि उपलब्ध हो, तो विभिन्न आकार के पटाखों का इस्तेमाल करने वाले संयुक्त आतिशबाजी उत्पादों की स्वीकृत संख्या भी उपलब्ध कराई जाए। आतिशबाजी से जुड़ी दुर्घटनाओं की रिपोर्टों के संबंध में आयोग ने पीईएसओ को निर्देश दिया कि यदि संबंधित रिपोर्टें उपलब्ध हों, तो उनकी वेबसाइट पर मौजूद विशिष्ट लिंक उपलब्ध कराया जाएं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







