टमाटर की ग्रेवी हो गई जरूरत से ज्यादा खट्टी? ये उपाय आएंगे काम
टमाटर का इस्तेमाल हर भारतीय किचन में किया ही जाता है। कई तरह की सब्जियां बनाने के लिए हम ग्रेवी के रूप में हम टमाटर को प्रयोग करते हैं, फिर चाहे पनीर की सब्जी हो, छोले हों, शाही ग्रेवी हो या कोई साधारण मसालेदार सब्जी, टमाटर स्वाद को एक अलग ही रंग दे देता है।
लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि टमाटर ज्यादा खट्टे निकल जाते हैं और ऐसे में पूरी ग्रेवी का स्वाद बिगड़ जाता है। खासकर तब परेशानी होती है जब सब्जी लगभग तैयार हो और चखने पर अचानक बहुत ज्यादा खटास महसूस हो। ऐसे में अक्सर हम पूरी सब्जी ही बाहर फेंक देते हैं। लेकिन आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। तो चलिए जानते हैं कि ग्रेवी की खटास को बैलेंस करने के लिए क्या किया जाए-
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थोड़ी सी चीनी करें इस्तेमाल
अगर टमाटर की ग्रेवी बहुत ज्यादा खट्टी हो गई है, तो उसमें थोड़ी सी चीनी डालना सबसे आसान उपायों में से एक है। हालांकि, इस बात का ख्याल रखें कि आप बहुत ज्यादा चीनी न डालें। पहले एक छोटी चुटकी डालकर ग्रेवी को अच्छी तरह मिलाएं और फिर स्वाद चखें। जरूरत लगे तो थोड़ी और डाल सकती हैं। जरूरत से ज्यादा चीनी मिलाने से सब्जी मीठी हो सकती है।
थोड़ा सा गुड़ आएगा काम
अगर घर में चीनी की जगह गुड़ है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इतना ही नहीं, गुड़ ग्रेवी में हल्की मिठास के साथ एक अलग तरह का स्वाद भी रखें। हालांकि, इसकी मात्रा बहुत कम रखें। थोड़ा सा गुड़ डालकर ग्रेवी को पकाएं और फिर स्वाद जांचें।
ताजी क्रीम से बढ़ेगा टेस्ट
अगर आप सब्जी के खट्टेपन को कम करने के साथ एक रिचनेस भी लाना चाहती हैं तो ऐसे में थोड़ी सी मलाई या ताजी क्रीम का इस्तेमाल करना अच्छा विचार हो सकता है। यह तरीका खासकर पनीर, मलाईदार सब्जियों या हल्की मसालेदार ग्रेवी में काफी अच्छा लग सकता है। बस, इसे धीरे-धीरे मिलाएं और ग्रेवी को बहुत तेज आंच पर न पकाएं।
थोड़ा दूध डालें
कुछ ग्रेवी में थोड़ी मात्रा में दूध डालने से भी टमाटर की खटास का असर कम महसूस हो सकता है। हालांकि, दूध हर तरह की ग्रेवी के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसे खासकर उन सब्जियों में इस्तेमाल करें जिनका स्वाद पहले से थोड़ा मलाईदार या हल्का है। दूध डालने के बाद ग्रेवी को अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर धीमी आंच पर पकाएं।
- मिताली जैन
नेतन्याहू ने जेब से क्या निकाला, UN से भागे 77 देश, बैठा रहा भारत!
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शेर की तरह दहाड़ने के लिए संयुक्त राष्ट्र के हॉल में घुसे। लेकिन नेतन्याहू को देखते ही 77 देशों के डिप्लोमेट्स भाग गए। इनमें से ज्यादातर यूरोपीय देश और मुस्लिम देश के डिप्लोमेट्स शामिल थे। लेकिन आपको बता दें कि भारत बैठा रहा। संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू ने अपने बयानों से जो आग लगाई है वो जल्दी बुझने वाली नहीं है। नेतन्याहू ने करीब 40 मिनट का भाषण दिया। नेतन्याहू ने अपने बयान से साबित कर दिया है कि दुनिया भाड़ में जाए। हमसे अगर कोई पंगा लेगा या यहूदियों को कुछ कहेगा तो उसकी धज्जियां उड़ा दी जाएंगी। फिर चाहे वह दोस्त हो या दुश्मन। नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल में पहुंचे। नेतन्याहू के विरोध में करीब 77 देशों के डिप्लोमेट्स ने वॉकआउट कर दिया। नेतन्याहू उनको मुस्कुरा कर देखते रहे। जब सब चले गए उसके बाद नेतन्याहू ने जो कहा वो होश उड़ा देने वाला था। नेतन्याहू ने कहा कि अगर नैतिक रूप से कायर कोई व्यक्ति अभी भी इस हॉल में बैठा है तो वह तुरंत उठकर चला जाए। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद होगा।
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नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान अचानक एक पेजर निकाला और हवा में लहराना शुरू कर दिया। नेतन्याहू ने पूछा कि आपको यह चीज याद है? हो सकता है कि आपको याद ना हो लेकिन हिजबुल्लाह के आतंकियों को याद है। दरअसल यह वो पेजर है जिसने हिजबुल्लाह की लीडरशिप को उड़ा दिया था। सितंबर 2024 में लेबनान और सीरिया में हिजबुल्ला के हजारों पेजर्स में एक साथ रहस्यमई तरीके से ब्लास्ट हो गया था। एक हैरतंगेज ऑपरेशन में इजराइल ने सबसे पहले हिजबुल्लाह के हजारों आतंकियों तक अपने पेजर पहुंचाए। सब में एक साथ मैसेज भेजा। सभी पेजर एक साथ फट गए और हिजबुल्ला के सैकड़ों आतंकी एक साथ मर गए।
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दरअसल सितंबर 2024 में लेबनान सीरिया में हिजबुल्ला के लड़ाकों और कमांडरों के पास मौजूद हजारों पेजर एक साथ फटने लगे। अगले ही दिन वहां से खबर आई कि वॉकी टॉकी में भी सीरियल ब्लास्ट हुए हैं। यानी कि इजराइल की ओर से इंपेजर और वॉकी टॉकीज़ का इस्तेमाल किया गया था जिसमें एक बम फिट किया गया था और जिसका कमांड इजराइल के पास था और एक ही झटके में उन्होंने इन सभी को ब्लास्ट कर दिया। इन धमाकों में हिजबुल्ला के कई लड़ाके और टॉप कमांडर्स भी मारे गए थे और हिजबुल्ला का टॉप कम्युनिकेशन कमांड नेटवर्क पूरी तरीके से तोड़ कर रख दिया था इजराइल ने। इस खुफिया ऑपरेशन को आधुनिक युद्ध इतिहास के सबसे घातक और सटीक ऑपरेशंस में माना जाता है। यूएन के मन से पेजर दिखाकर नेतन याहू ने यह साफ संदेश दे दिया कि अगर इजराइल अपने दुश्मनों के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
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