'मेरा घर टूटा रहा है...', कोमल रानी के खिलाफ खुलकर सामने आईं सुनिता आहूजा, इमोशनल होकर औरतों और जैन-जी से मांगा सपोर्ट
Sunita Ahuja-Komal Rani Swarnkar Controversy: गोविंदा (Govidna) और सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) के बीच विवाद काफी लंबे समय से चल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनीता का आरोप है कि गोविंदा का कोमल रानी स्वर्णकार (Komal Rani Swarnkar) संग अफेयर चल रहा है, जिसकी वजह से उनका घर टूट रहा है. वो कई बार बिना नाम लिए कोमल रानी पर निशाना साधती हुई नजर आईं. अब जब गोविंदा एक बार फिर कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन करने पहुंचे तो इससे सुनीता बहुत बुरी तरह भड़क गईं और कोमल के खिलाड़ खुलकर सामने आई हैं. उन्होंने इस मामले में औरतों और जैन-जी से सपोर्ट मांगा है. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा है.
'मेरे जीवन के राक्षसों का माता नाश करें'
दरअसल, हाल ही में सुनीता आहूजा धनेश्वर काली माता रानी मंदिर माता के दर्शन करने पहुंची. जहां पर उन्होंने अपनी जिंदगी की दुखों को शेयर किया. सोशल मीडिया पर सामने आए, इस वीडियो में वह बिना लिए कोमल रानी स्वर्णकार के खिलाफ बोलती हुईं नजर आई. आपको बता दें कि कोमल वहीं, जिनका कथित तौर पर गोविंदा संग अफेयर चल रहा है. वीडियो के जरिए सुनीता आहूजा ने लोगों से मदद की मांग की है और कोमल रानी अपनी जिंदगी का राक्षस बताया है. उन्होंने वीडियो में कहा कि उनका घर टूट रहा है. जिसके लिए वह औरतों और जैन-जी का सपोर्ट मांगती नजर आईं.
उन्होंने कहा, 'नमस्कार मैं सुनीता आहूजा. मैं आज धनेश्वर काली माता रानी के दर्शन करने आई हूं. आप सब जानते हो कि मां काली राक्षसों का नाश करती हैं. मेरे जीवन में भी कुछ राक्षस हैं. मैं माता को बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें. जो मीडिया में आने के चक्कर में अपना पब्लिसिटी कर रहे हैं. मैं हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि आप लोग भी उनका सपोर्ट ना करें.'
'मेरा घर टूटा रहा रहा है...'
इसके आगे सुनीता आहूजा ने इमोशनल होकर कहा कि मैं चाहती हूं कि आप मेरा सपोर्ट करें. मेरे साथ जो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा, 'अगर आपके घर की बेटी या बहू को ये सब दिन देखना होता तो आप क्या करते. मैं चाहती हूं कि आप सब प्लीज मुझे सपोर्ट करें. जितने भी जैन-जी बच्चे हैं औरतें हैं. मेरा सपोर्ट करें. जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है. मेरा घर टूट रहा है वो भी बिना किसी कारण. मैं चाहती हूं कि सभी औरतें और जैन-जी मेरा स्टैंड लें और मीडिया से भी अपील करती हूं, इस चीज को आगे ना बढ़ाएं. मैं माता से यहीं मांगने आई हूं जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें. वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं. मैं चाहती हूं कि मेरे जीवन से ये संकट हट जाए.
गोविंदा पर भी साधा था निशाना
बीते दिनों गणेश चतुर्थी के मौके पर गोविंदा और कोमल रानी लालबागचा राजा के पंडाल में भगवान गणेश का आशीर्वाद करने के लिए पहुंचे थे. जिसके बाद गोविंदा पर सुनीता भड़क गई थीं. पति गोविंदा को कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखकर वह अपनी भड़ास निकाल दिखीं. उन्होंने बिना नाम लिए गोविंदा पर निशाना साधते हुए कहा कि जानवर इंसान से अच्छे होते हैं और इंसान धोखेबाज होते हैं. उन्होंने कहा, ‘इंसान लोगों को जितना भी प्यार करो, उसका कोई फायदा नहीं है. धोखा ही देते हैं. जानवरों को प्यार करो, देखो हमेशा चिपके रहते हैं. इंसान से अच्छे तो जानवर होते हैं. जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं. धोखेबाज होते हैं इंसान.'
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केंद्र की पीएलआई योजना से फार्मा और मेडटेक क्षेत्र को मिला बढ़ावा
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं भारत के फार्मास्युटिकल, बल्क ड्रग्स और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करने में सफल रही हैं। इससे आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है और फार्मा तथा मेडटेक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षमता विकसित करने के लिए तकनीक अपनाने को बढ़ावा मिला है।
सरकार ने 2020 में ‘बल्क ड्रग्स के लिए पीएलआई योजना’ को मंजूरी दी थी, जिसके लिए कुल 6,940 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया। इस योजना का उद्देश्य चिन्हित 41 महत्वपूर्ण उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और खासतौर पर एपीआई तथा अन्य जरूरी फार्मास्युटिकल कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भरता कम करना था।
जून 2026 तक इस योजना के तहत 5,210.74 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका है, जो 4,330 करोड़ रुपए के निर्धारित निवेश से अधिक है। 28 एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के विनिर्माण के लिए कुल 39 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
फैक्टशीट के अनुसार, इस योजना से पेनिसिलिन-जी, क्लैवुलैनिक एसिड और रिफैम्पिसिन जैसे महत्वपूर्ण फर्मेंटेशन-आधारित उत्पादों का घरेलू उत्पादन भी संभव हुआ है। पहले इनके लिए काफी हद तक आयात पर निर्भरता थी।
फार्मास्युटिकल्स के लिए पीएलआई योजना को 2021 में मंजूरी दी गई थी, जिसके लिए कुल 15,000 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया। इस योजना का उद्देश्य भारत की विनिर्माण क्षमता बढ़ाना, निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहित करना तथा उच्च-मूल्य वाली फार्मास्युटिकल उत्पादों की ओर बदलाव को बढ़ावा देना है।
यह योजना बायोफार्मास्युटिकल्स, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, पेटेंटेड और पेटेंट-मुक्त दवाओं, ऑर्फन ड्रग्स, ऑटो-इम्यून दवाओं और अन्य उच्च-मूल्य वाले फार्मास्युटिकल उत्पादों के साथ-साथ बल्क ड्रग्स पीएलआई योजना के तहत शामिल नहीं किए गए चुनिंदा एपीआई और प्रमुख कच्चे माल के विनिर्माण को समर्थन देती है।
इस योजना के तहत कुल 55 आवेदकों का चयन किया गया है, जिनमें 20 एमएसएमई शामिल हैं। जून 2026 तक इस योजना के तहत 46,744 करोड़ रुपए का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ है, जो 17,275 करोड़ रुपए के लक्षित निवेश से काफी अधिक है।
फैक्टशीट के अनुसार, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अरबिंदो फार्मा लिमिटेड, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड, ल्यूपिन लिमिटेड, सिप्ला लिमिटेड, इंटास फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और टोरेंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड जैसी कंपनियों ने इस योजना के तहत कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर, ऑटो-इम्यून दवाओं और अन्य उच्च-मूल्य वाली फार्मास्युटिकल्स के विनिर्माण के लिए अपनी क्षमता का विस्तार किया है।
मेडिकल डिवाइस के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना को 2020 में मंजूरी दी गई थी, जिसके लिए कुल 3,420 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया। इस योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करना था।
यह योजना भारत में निर्मित पात्र मेडिकल डिवाइस की अतिरिक्त बिक्री पर पांच साल की अवधि के लिए 5 प्रतिशत प्रोत्साहन प्रदान करती है।
इस योजना से पहले बड़े पैमाने पर आयात किए जाने वाले कई उच्च-स्तरीय मेडिकल डिवाइस के घरेलू विनिर्माण की क्षमता विकसित करने में मदद मिली है। योजना के तहत 57 अलग-अलग मेडिकल डिवाइस का उत्पादन शुरू हो चुका है। इनमें एमआरआई मशीन, सीटी स्कैनर, कैथ लैब, लीनियर एक्सेलरेटर, सी-आर्म, मैमोग्राफी मशीन, अल्ट्रासाउंड सिस्टम, एनेस्थीसिया मशीन और हार्ट वाल्व शामिल हैं।
इस पहल ने प्रमुख वैश्विक निर्माताओं को भी आकर्षित किया है और भारत में तकनीक हस्तांतरण तथा उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा दिया है।
फैक्टशीट के अनुसार, जीई हेल्थकेयर, सीमेंस, फिलिप्स, वेरेक्स, निप्रो और ओमरोन जैसी कंपनियों ने देश में अपनी विनिर्माण गतिविधियां स्थापित या विस्तारित की हैं। वहीं, कई भाग लेने वाली कंपनियों ने वैश्विक साझेदारों के साथ तकनीक हस्तांतरण संबंधी समझौते भी किए हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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