MP Monsoon: 5 अगस्त के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, नए सिस्टम से तेज बारिश के संकेत, 42 जिलों में अब भी कम हुई है बारिश
मध्य प्रदेश में अब भी 15 प्रतिशत बारिश कम हुई है । भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन-जबलपुर समेत 42 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 2 दिन कहीं भी भारी बारिश की संभावना नही है लेकिन 4-5 अगस्त से फिर झमाझम बारिश का दौर शुरु हो सकता है। सोमवार को भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ सक्रिय है। 4 अगस्त से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 5 अगस्त के बाद प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेजी देखने को मिल सकती है।
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। इसके अलावा 6 अगस्त को प्रदेश के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, शिवपुरी, गुना में अच्छी बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से 15% कम बारिश
1 जून से 2 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 18.5 इंच (470.5 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 19% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 11% कम पानी गिरा है।
ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के 42 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
सिर्फ मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। इसमें देवास में सबसे ज्यादा करीब 29 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 4 इंच ही बरसात हुई है।
चलती पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग, देखते ही देखते धू-धूकर जली पूरी बोगी, सभी यात्री सुरक्षित
बिहार के सहरसा जिले से सोमवार तड़के एक बड़ी रेल घटना सामने आई, जिसने कुछ देर के लिए स्टेशन पर मौजूद हर व्यक्ति की सांसें रोक दीं। समस्तीपुर से सहरसा जा रही पैसेंजर ट्रेन जैसे ही सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, इंजन के पास लगी एक बोगी से धुआं निकलता दिखाई दिया।
घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री घबराकर बाहर निकलने लगे। रेलवे कर्मचारियों, रेल सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे लगी ट्रेन में आग
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 63344 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर सोमवार सुबह करीब 3:40 बजे सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। ट्रेन रुकने के कुछ ही पल बाद इंजन से जुड़ी पहली बोगी के बैटरी बॉक्स के पास धुआं उठता दिखाई दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने पहले इसे मामूली तकनीकी समस्या समझा, लेकिन थोड़ी ही देर में धुआं तेज लपटों में बदल गया। आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही समय में पूरी बोगी जलने लगी। रात का समय होने के कारण यात्रियों में घबराहट और बढ़ गई। कई लोग अपना सामान छोड़कर तुरंत ट्रेन से नीचे उतर आए ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ लिया और बिना देरी किए सुरक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी। समय पर उठाए गए इन कदमों की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
शुरू किया राहत और बचाव अभियान
आग लगने की सूचना मिलते ही स्टेशन पर लगातार घोषणाएं की गईं और यात्रियों से शांत रहने तथा तुरंत ट्रेन खाली करने की अपील की गई। रेलवे कर्मचारियों के साथ रेल सुरक्षा बल और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे और एक-एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस दौरान किसी तरह की भगदड़ न मचे, इसके लिए यात्रियों को अलग-अलग दिशाओं से प्लेटफॉर्म पर लाया गया। रेलवे अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति जलती हुई बोगी के आसपास न रहे।
कुछ ही देर बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां भी स्टेशन पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की लगातार कोशिश के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। हालांकि तब तक बोगी का बड़ा हिस्सा जल चुका था।
हादसे में कोई जनहानि नहीं
इस घटना का सबसे सकारात्मक पक्ष यह रहा कि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अगर आग कुछ मिनट पहले चलती ट्रेन में फैल जाती या राहत कार्य में देरी होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही धुआं दिखाई दिया, रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। इसी वजह से यात्रियों को बिना किसी बड़ी परेशानी के बाहर निकाल लिया गया। कई यात्रियों ने राहत टीम की तेजी से की गई कार्रवाई की सराहना भी की।
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