Mandar Hill Harassment Incident | बिहार के टूरिस्ट स्पॉट मंदार हिल पर महिला से बर्बरता और छेड़छाड़, 6 लोगों पर केस दर्ज; वीडियो वायरल
बिहार के बांका ज़िले स्थित मशहूर पर्यटन और तीर्थ स्थल मंदार हिल पर एक महिला के साथ बदसलूकी, मारपीट और छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए छह अज्ञात युवकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो क्लिप पर लगे टाइमस्टैम्प के मुताबिक, यह घटना 3 सितंबर की बताई जा रही है, जो 22 सितंबर को पुलिस के संज्ञान में आई।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना मंदार हिल पर हुई, जो एक मशहूर टूरिस्ट और तीर्थ स्थल है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में टाइमस्टैम्प से पता चलता है कि इसे 3 सितंबर को रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो क्लिप में आरोपी महिला के साथ बदतमीज़ी करते और उसे चप्पल से मारते हुए दिख रहे हैं। स्थानीय पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने बताया कि पुलिस को यह वीडियो 22 सितंबर को अपने सोशल मीडिया सेल के ज़रिए मिला।
वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस इसकी सच्चाई का पता लगाने के लिए मंदार हिल पहुँची। टीम ने मौके पर जाकर पुष्टि की कि यह वही जगह है जो वीडियो में दिख रही थी।
पुलिस ने मंदार हिल के आस-पास के स्थानीय लोगों और दुकानदारों से पूछताछ की ताकि वीडियो में दिख रहे आरोपियों और महिला की पहचान की जा सके।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के इरादे से आपराधिक बल का इस्तेमाल), 75 (यौन उत्पीड़न), 76 (महिला के कपड़े उतारने के इरादे से आपराधिक बल का इस्तेमाल) और 3(5) (साझा इरादा) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66E और 67A के तहत खुद मामला दर्ज किया।
पुलिस ने वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर रिकॉर्ड में लिया है। जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह क्लिप कुछ दिन पहले हुई एक घटना के बाद सामने आई है, जिसमें बिहार के जमुई में कोचिंग क्लास से लौट रहे एक किशोर लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह ने रोका, घेरा, उनसे पूछताछ की और उन्हें जाने देने से पहले उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की।
इस अपराध को आरोपियों ने खुद कैमरे में रिकॉर्ड किया था और बाद में यह वीडियो वायरल हो गया। क्लिप में लड़की के साथ यौन उत्पीड़न होते और उसके दोस्त को आरोपियों से उसे जाने देने की गुहार लगाते हुए देखा जा सकता है। यह घटना 19 सितंबर को हुई थी। मंगलवार, 22 सितंबर को पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में "दो मुख्य आरोपियों" को पकड़ लिया है।
एक मुठभेड़ के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया, जिसमें वे घायल हो गए थे। इसके साथ ही, जमुई घटना के सिलसिले में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या कम से कम पांच हो गई है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं।
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This time it is Mount Mandar in Banka district of Bihar.
Once again a Young Woman has been subjected to Molestation and Assault.
A Video Clip Shows several Young Men Misbehaving with her and beating her with slippers.
It is alleged that they… pic.twitter.com/PXkSni5HLZ— Dont Be Afraid (@RebelVista31) September 25, 2026
प्रॉपर्टी खरीदारों को बड़ा तोहफा! 1 अक्टूबर से नहीं पड़ेगी TAN की जरूरत, केवल PAN से निपटेगा TDS का काम
यदि आप किसी अनिवासी भारतीय (NRI) या नॉन-रेजिडेंट से घर, जमीन या कोई भी अचल संपत्ति (Immovable Property) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आमतौर पर निवासी भारतीय विक्रेता के मुकाबले किसी NRI से प्रॉपर्टी खरीदना कागजी प्रक्रियाओं और टैक्स नियमों के कारण थोड़ा जटिल और समय खपाने वाला होता था। लेकिन 1 अक्टूबर, 2026 से इनकम टैक्स विभाग इस प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने जा रहा है।आयकर विभाग ने रेजिडेंट खरीदारों (Resident Buyers) के लिए टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) काटने और जमा करने की प्रक्रिया को सरल कर दिया है, जिससे खरीदारों को अतिरिक्त टैक्स रजिस्ट्रेशन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इसके बजाय, खरीदार TDS काटने, जमा करने और रिपोर्ट करने के लिए अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह बदलाव नए इनकम-टैक्स कानून में बदलाव का हिस्सा है और इसका मकसद नॉन-रेजिडेंट विक्रेताओं के साथ लेन-देन करने वाले व्यक्तियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना है।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अलग TAN की ज़रूरत नहीं
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मौजूदा सिस्टम के तहत, नॉन-रेजिडेंट से अचल संपत्ति खरीदने वाले रेजिडेंट व्यक्ति या HUF को TDS काटना होता है और लेन-देन के लिए TAN लेना होता है। एक व्यक्तिगत खरीदार के लिए, यह पहले से ही बड़े प्रॉपर्टी लेन-देन में नियमों के पालन का एक और कदम जोड़ सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने बजट 2026 FAQs में साफ़ किया था कि यह ज़रूरत 1 अक्टूबर, 2026 से हटा दी जाएगी। इसके बजाय खरीदार TDS से जुड़े नियमों के पालन के लिए अपने PAN का इस्तेमाल कर सकेंगे। खरीदार अलग TAN लेने के बजाय PAN-आधारित चालान-सह-स्टेटमेंट मैकेनिज्म के ज़रिए लेन-देन की रिपोर्ट कर सकेंगे।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस कदम से रेजिडेंट व्यक्तियों और HUFs पर नियमों के पालन का बोझ कम होगा, क्योंकि वे अपने PAN का इस्तेमाल करके इनकम टैक्स काट सकेंगे।
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NRI प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS अभी भी लागू है
इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि NRI विक्रेताओं से जुड़े प्रॉपर्टी लेन-देन से TDS हटा दिया गया है। TDS की ज़िम्मेदारी बनी रहेगी। बदलाव इस बात में है कि खरीदार को नियमों का पालन कैसे करना है।
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खरीदारों को अभी भी लागू TDS तय करना होगा, ज़रूरी स्टेज पर टैक्स काटना होगा और तय प्रोसेस के ज़रिए इसे जमा करना और रिपोर्ट करना होगा। तो, भले ही TAN से जुड़े कागज़ी काम कम किए जा रहे हैं, लेकिन खरीदार इस लेन-देन को हर मामले में किसी निवासी विक्रेता से प्रॉपर्टी खरीदने जैसा नहीं मान सकते।
दूसरे शब्दों में, खरीदारों के लिए नए नियमों से 1 अक्टूबर से अनिवासी विक्रेताओं के साथ प्रॉपर्टी की डील आसान और कम झंझट वाली हो जानी चाहिए।
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