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Hakka noodles recipe: बाजार जैसे टेस्टी वेज हक्का नूडल्स घर पर बनाएं, ये आसान रेसिपी आएगी खूब पसंद

Hakka noodles receipe: जब भी चाइनीज खाने का मन करे तो वेज हक्का नूडल्स का नाम सबसे पहले याद आता है। कुरकुरे रंग-बिरंगे सब्जियों और चटपटे सॉस के साथ तैयार नूडल्स बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आते हैं। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत या सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती।

अगर आप भी घर पर रेस्टोरेंट जैसे स्वाद वाले वेज हक्का नूडल्स बनाना चाहते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। नूडल्स को ज्यादा गलाने के बजाय हल्का उबालना और तेज आंच पर सब्जियों को जल्दी-जल्दी भूनना इसके स्वाद को बिल्कुल अलग बना देता है। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।

वेज हक्का नूडल्स बनाने के लिए सामग्री

  • 200 ग्राम हक्का नूडल्स
  • 1 कप पत्तागोभी बारीक कटी हुई
  • 1 गाजर बारीक कटी हुई
  • 1 शिमला मिर्च बारीक कटी हुई
  • 1/2 कप फ्रेंच बीन्स बारीक कटी हुई
  • 1 छोटा प्याज लंबा कटा हुआ
  • 1 चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन
  • 1 चम्मच बारीक कटा हुआ अदरक
  • 1 से 2 हरी मिर्च
  • 1 बड़ा चम्मच सोया सॉस
  • 1 बड़ा चम्मच रेड चिली सॉस
  • 1 छोटा चम्मच विनेगर
  • 1 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
  • 2 बड़े चम्मच तेल
  • स्वादानुसार नमक

वेज हक्का नूडल्स बनाने का तरीका

सबसे पहले नूडल्स को करें तैयार
एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी गर्म करें। इसमें थोड़ा नमक और कुछ बूंदें तेल की डालकर हक्का नूडल्स डालें। नूडल्स को पैकेट पर दिए निर्देश के अनुसार या लगभग 80 प्रतिशत तक ही पकाएं। ध्यान रखें कि नूडल्स पूरी तरह नरम न हों, वरना सब्जियों के साथ मिलाने पर वे टूट सकते हैं।

नूडल्स पकने के बाद उन्हें तुरंत छलनी में निकालकर ठंडे पानी से धो लें। अब थोड़ा तेल डालकर नूडल्स को हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि वे आपस में चिपकें नहीं।

तेज आंच पर भूनें सब्जियां
अब एक कड़ाही या वॉक को तेज आंच पर गर्म करें। इसमें तेल डालकर सबसे पहले लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें। कुछ सेकंड भूनने के बाद प्याज डालकर तेज आंच पर चलाएं। इसके बाद गाजर, बीन्स, शिमला मिर्च और पत्तागोभी डालें।

सब्जियों को बहुत ज्यादा पकाने की जरूरत नहीं है। इन्हें तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें, ताकि इनका हल्का क्रंच बना रहे। यही क्रंच हक्का नूडल्स को रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देता है।

सॉस डालकर मिलाएं नूडल्स
अब सब्जियों में सोया सॉस, रेड चिली सॉस, विनेगर और काली मिर्च डालें। नमक डालते समय सावधानी रखें, क्योंकि सोया सॉस में भी नमक होता है। सभी चीजों को तेज आंच पर अच्छी तरह मिलाएं।
इसके बाद उबले हुए नूडल्स कड़ाही में डालें। बड़े चम्मच या चिमटे की मदद से नूडल्स को हल्के हाथ से टॉस करें, ताकि वे टूटें नहीं। करीब 2 से 3 मिनट तक तेज आंच पर चलाने के बाद गैस बंद कर दें।

गरमा-गरम परोसें
तैयार वेज हक्का नूडल्स को तुरंत प्लेट में निकालें और गरमा-गरम परोसें। आप चाहें तो इसके साथ चिली सॉस या मंचूरियन भी सर्व कर सकते हैं। नूडल्स को स्वादिष्ट बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि सब्जियां ज्यादा न गलें और पूरी प्रक्रिया तेज आंच पर की जाए। इस आसान तरीके से घर पर ही स्वादिष्ट और चटपटे वेज हक्का नूडल्स तैयार किए जा सकते हैं।

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लेखक: (कीर्ति)

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परिवार वेलनेस और भविष्य की स्वास्थ्य तैयारी के बीच कैसे बना रहे हैं संतुलन?

आज परिवार स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए भी तैयारी कर रहे हैं। संतुलित पोषण, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और तनाव प्रबंधन जैसे वेलनेस लक्ष्यों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों की वित्तीय तैयारी के साथ जोड़ा जा रहा है।

एक संतुलित दृष्टिकोण परिवारों को जीवनशैली से जुड़े जोखिमों का प्रबंधन करने, दीर्घकालिक बीमारियों के लिए तैयार रहने और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान वित्तीय अनिश्चितता को कम करने में मदद कर सकता है। प्रिवेंटिव आदतों को उचित सुरक्षा योजना के साथ जोड़कर बेहतर स्वास्थ्य तैयारी का समर्थन किया जा सकता है।

वेलनेस और स्वास्थ्य तैयारी दोनों एक साथ पारिवारिक प्राथमिकताएँ क्यों बन रही हैं?
परिवार अब यह समझने लगे हैं कि स्वस्थ रहना और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए तैयार रहना, दोनों के लिए समानांतर प्रयास जरूरी हैं। जीवनशैली में सुधार बेहतर स्वास्थ्य परिणामों का समर्थन कर सकता है, लेकिन यह हर मेडिकल जोखिम को समाप्त नहीं कर सकता।

बदलते कार्य पैटर्न, लंबे समय तक बैठकर काम करना, तनाव और खानपान की आदतें सभी आयु वर्गों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती होने, इलाज और दीर्घकालिक देखभाल से जुड़े खर्च परिवार की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव डाल सकते हैं।

एक व्यावहारिक पारिवारिक दृष्टिकोण में शामिल हो सकते हैं:

  • स्वस्थ दैनिक दिनचर्या बनाए रखना
  • नियमित प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप करवाना
  • पारिवारिक मेडिकल इतिहास को समझना
  • इमरजेंसी सेविंग्स बनाना
  • स्वास्थ्य सुरक्षा आवश्यकताओं की समीक्षा करना

वेलनेस का उद्देश्य टाले जा सकने वाले जोखिमों को कम करना है, जबकि स्वास्थ्य तैयारी उन परिस्थितियों का प्रबंधन करने पर केंद्रित होती है जहाँ मेडिकल सहायता की आवश्यकता पड़ती है।

आज एक संतुलित पारिवारिक वेलनेस रणनीति कैसी दिखती है?
एक संतुलित वेलनेस रणनीति स्वस्थ दैनिक आदतों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य योजना का संयोजन है। परिवार अब केवल अल्पकालिक फिटनेस लक्ष्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भी सोच रहे हैं कि आज की जीवनशैली भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को कैसे प्रभावित कर सकती है।

पारिवारिक वेलनेस रणनीति में शामिल हो सकते हैं:

  • नियमित शारीरिक गतिविधि
  • संतुलित पोषण संबंधी विकल्प
  • पर्याप्त नींद की आदतें
  • तनाव प्रबंधन के उपाय
  • प्रिवेंटिव मेडिकल परामर्श
  • स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए वित्तीय योजना

हालांकि, वेलनेस प्रयासों को मेडिकल तैयारी का पूरक होना चाहिए, उसका विकल्प नहीं। स्वस्थ व्यक्ति को भी दुर्घटनाओं, संक्रमणों या अप्रत्याशित स्वास्थ्य स्थितियों के कारण इलाज की आवश्यकता पड़ सकती है।

परिवार किन भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए पहले से योजना बना रहे हैं?
परिवार अब उन स्वास्थ्य जोखिमों के लिए पहले से योजना बना रहे हैं जिनमें लंबे समय तक उपचार या निरंतर देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। किसी दीर्घकालिक बीमारी का प्रभाव घरेलू वित्त पर भी पड़ सकता है क्योंकि इलाज का खर्च लंबे समय तक जारी रह सकता है।

लंबी अवधि की मेडिकल आवश्यकताओं में अक्सर बार-बार होने वाला उपचार, विशेषज्ञ डॉक्टरों से नियमित परामर्श और दीर्घकालिक देखभाल शामिल होती है, जो स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों और घरेलू वित्त दोनों को प्रभावित कर सकती है।

परिवार जिन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं, उनमें शामिल हैं:

  • उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएँ
  • जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ
  • गंभीर मेडिकल इमरजेंसी
  • दीर्घकालिक उपचार की आवश्यकताएँ
  • वरिष्ठ परिवार सदस्यों की स्वास्थ्य ज़रूरतें

स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ समय के साथ बदलती हैं, इसलिए उम्र और जीवनशैली के अनुसार स्वास्थ्य योजना भी विकसित होती रहनी चाहिए।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर परिवारों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य चुनौतियों से आगे रहने में कैसे मदद करता है?
प्रिवेंटिव हेल्थकेयर संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की जल्द पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद करता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और मेडिकल परामर्श स्वास्थ्य जोखिमों के बेहतर प्रबंधन का समर्थन कर सकते हैं।

विशेष रूप से उन परिवारों के लिए प्रिवेंटिव केयर महत्वपूर्ण है जिनमें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या किसी विशेष बीमारी का पारिवारिक इतिहास मौजूद है।

सरल प्रिवेंटिव उपायों में शामिल हैं:

  • वार्षिक हेल्थ चेक-अप
  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की निगरानी
  • स्वस्थ वजन बनाए रखना
  • डॉक्टर की सलाह का लगातार पालन करना
  • आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ परामर्श लेना

हालांकि प्रिवेंटिव केयर हर जोखिम को समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन यह परिवारों को समस्याओं की जल्दी पहचान करने, समय रहते प्रतिक्रिया देने और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की बेहतर योजना बनाने में मदद करती है।

परिवार अप्रत्याशित मेडिकल खर्चों के लिए वित्तीय तैयारी कैसे कर रहे हैं?
मेडिकल इमरजेंसी तब वित्तीय दबाव पैदा कर सकती है जब इलाज का खर्च उपलब्ध बचत से अधिक हो जाए। इसलिए परिवार इमरजेंसी फंड और बचत योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पॉलिसी की शर्तों, कवरेज सीमाओं, एक्सक्लूजन और लागू नियमों के अनुसार पात्र स्वास्थ्य खर्चों का प्रबंधन करने में सहायता कर सकती है। यह अस्पताल में भर्ती से जुड़े खर्चों और अन्य कवर की गई मेडिकल आवश्यकताओं के लिए सहायता प्रदान कर सकती है।

परिवारों को निम्नलिखित बातों की समीक्षा करनी चाहिए:

विचार करने योग्य पहलू     यह क्यों महत्वपूर्ण है
सम इंश्योर्ड   उपलब्ध कवरेज राशि निर्धारित करता है
वेटिंग पीरियड्स  यह तय करता है कि कुछ लाभ कब उपलब्ध होंगे
नेटवर्क हॉस्पिटल्स कैशलेस उपचार की उपलब्धता को प्रभावित करता है
एक्सक्लूजन  किन स्थितियों को कवर नहीं किया गया है, यह स्पष्ट करता है
प्रीमियम अफोर्डेबिलिटी  लंबे समय तक पॉलिसी जारी रखने में मदद करती है

कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएँ, पात्र नेटवर्क अस्पतालों में, बीमाकर्ता की शर्तों और अस्पताल की प्रक्रियाओं के अनुसार, क्लेम प्रक्रिया को आसान बना सकती हैं।
परिवारों को केवल कम प्रीमियम देखकर योजना नहीं चुननी चाहिए। कवरेज की उपयुक्तता, पॉलिसी की शर्तें और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताएँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

नियमित हेल्थ चेक-अप दीर्घकालिक पारिवारिक योजना का हिस्सा क्यों बन रहे हैं?
नियमित हेल्थ चेक-अप अब दीर्घकालिक पारिवारिक योजना का हिस्सा बनते जा रहे हैं क्योंकि स्वास्थ्य आवश्यकताएँ अक्सर धीरे-धीरे बदलती हैं। समय-समय पर स्वास्थ्य मूल्यांकन परिवारों को स्वास्थ्य रुझानों पर नज़र रखने, बदलते जोखिमों को समझने और भविष्य की मेडिकल आवश्यकताओं के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करते हैं।

बीमारी पर ही ध्यान केंद्रित करने के बजाय, परिवार अब नियमित जांच का उपयोग स्वास्थ्य योजना की निरंतरता बनाए रखने और उभरती चुनौतियों की जल्द पहचान के लिए कर रहे हैं।
हेल्थ चेक-अप परिवारों को मदद कर सकते हैं:

  • संभावित समस्याओं की प्रारंभिक पहचान करने में
  • मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों की निगरानी करने में
  • बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समझने में
  • मेडिकल खर्चों की बेहतर योजना बनाने में

नियमित मूल्यांकन परिवारों को जीवन के विभिन्न चरणों में बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य योजनाओं को अपडेट करने में भी मदद कर सकते हैं।

परिवार आज के वेलनेस निवेश और कल की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच कैसे संतुलन बना रहे हैं?
परिवार आजकल वर्तमान वेलनेस लक्ष्यों और भविष्य के स्वास्थ्य खर्चों दोनों के लिए संतुलित निवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। फिटनेस, पोषण और प्रिवेंटिव केयर में निवेश स्वस्थ जीवनशैली का समर्थन कर सकता है, जबकि वित्तीय सुरक्षा विकल्प मेडिकल परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर सकते हैं।

कई परिवार अपने संसाधनों को वेलनेस गतिविधियों, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, इमरजेंसी सेविंग्स और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच बाँट रहे हैं ताकि एक संतुलित दीर्घकालिक स्वास्थ्य रणनीति विकसित की जा सके। फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस भी इस दृष्टिकोण का समर्थन कर सकता है क्योंकि यह परिवारों को पात्र स्वास्थ्य खर्चों के लिए तैयार रहने में मदद करता है और साथ ही उन्हें दीर्घकालिक वेलनेस लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखने की सुविधा देता है।

वर्तमान प्राथमिकता भविष्य का स्वास्थ्य लाभ
प्रिवेंटिव चेक-अप्स प्रिवेंटिव चेक-अप्स    स्वास्थ्य समस्याओं की जल्दी पहचान
स्वस्थ जीवनशैली विकल्प जीवनशैली संबंधी जोखिमों का बेहतर प्रबंधन
इमरजेंसी सेविंग्स तत्काल वित्तीय सहायता
हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स पात्र मेडिकल खर्चों के विरुद्ध सुरक्षा
पारिवारिक स्वास्थ्य योजना बदलती आवश्यकताओं के लिए बेहतर तैयारी

एक संतुलित दृष्टिकोण परिवारों को वेलनेस लक्ष्यों का समर्थन करने के साथ-साथ संभावित स्वास्थ्य खर्चों के लिए तैयार रहने में मदद करता है।

परिवार के रूप में दीर्घकालिक स्वास्थ्य तैयारी को मजबूत करने के लिए कौन से सरल कदम उठाए जा सकते हैं?
दीर्घकालिक स्वास्थ्य तैयारी अक्सर व्यवस्थित मेडिकल रिकॉर्ड बनाए रखने, समय-समय पर कवरेज की समीक्षा करने और मेडिकल परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहने पर निर्भर करती है।
उपयोगी उपायों में शामिल हैं:

  • मेडिकल रिकॉर्ड को अद्यतन रखना
  • परिवार के स्वास्थ्य इतिहास को समझना
  • स्वास्थ्य कवरेज की नियमित समीक्षा करना
  • इमरजेंसी संपर्क विवरण आसानी से उपलब्ध रखना
  • जीवन के महत्वपूर्ण बदलावों के बाद स्वास्थ्य आवश्यकताओं का पुनर्मूल्यांकन करना

स्वास्थ्य योजना की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कवरेज और तैयारी की रणनीतियाँ परिवार की बदलती जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप बनी रहें।

बड़े परिवारों के लिए, फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस विकल्प एक ही पॉलिसी संरचना के तहत कवरेज प्रदान कर सकते हैं, जो बीमाकर्ता की शर्तों और पात्रता मानकों पर निर्भर करता है। योजना चुनने से पहले परिवारों को कवरेज सीमाएँ, सदस्य पात्रता, एक्सक्लूजन और प्रीमियम प्रभाव की तुलना करनी चाहिए।

परिवार अब यह समझ रहे हैं कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य तैयारी तब सबसे प्रभावी होती है जब उसे निरंतर वेलनेस आदतों का समर्थन प्राप्त हो। प्रिवेंटिव केयर, नियमित स्वास्थ्य निगरानी, वित्तीय तैयारी और उपयुक्त स्वास्थ्य कवरेज, सभी भविष्य की मेडिकल अनिश्चितताओं का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्तमान वेलनेस प्राथमिकताओं और भविष्य की स्वास्थ्य योजना के बीच संतुलन बनाकर परिवार अधिक सूचित निर्णय ले सकते हैं और बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए अपनी समग्र तैयारी को मजबूत कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह एक प्रायोजित (Sponsored) लेख है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। हेल्थ इंश्योरेंस से संबंधित कवरेज, लाभ, शर्तें, सीमाएं, एक्सक्लूजन, वेटिंग पीरियड और क्लेम नियम संबंधित बीमा पॉलिसी के नियम एवं शर्तों के अधीन हैं। किसी भी बीमा योजना का चयन करने से पहले पॉलिसी दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार स्वतंत्र निर्णय लें। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए योग्य चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

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  Sports

कोहली सबसे तेज 15 हजार वनडे रन से 59 दूर:रोहित बतौर ओपनर 200वीं पारी खेलेंगे, भारत Vs वेस्टइंडीज पहला मैच आज

भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से मैच शुरू होगा। भारत ने इस साल 3 वनडे सीरीज खेलीं। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली, जबकि टीम ने अफगानिस्तान को हराया। विराट कोहली सबसे तेज 15 हजार वनडे रन से 59 रन दूर हैं। उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 377 पारियों में 15 हजार रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली के नाम 43 मैच में 2261 रन और 9 शतक हैं। एक और सेंचुरी लगाते ही वे दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। श्रीलंका के खिलाफ वे पहले ही ऐसा कर चुके हैं। भारत से 20 साल से सीरीज नहीं जीत पाया वेस्टइंडीज वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आखिरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज 2006 में जीती थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच हुई 13 सीरीज भारत ने अपने नाम की हैं। भारत में वेस्टइंडीज की आखिरी सीरीज जीत 2002 में आई थी। दोनों के बीच अब तक 142 वनडे खेले गए हैं। भारत ने 72 और वेस्टइंडीज ने 64 मैच जीते हैं, जबकि 6 मुकाबले टाई या बेनतीजा रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 2018 में 10 हजार रन पूरे किए थे कोहली ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापट्टनम में 129 गेंद पर नाबाद 157 रन बनाए। इसी पारी के दौरान वे 10 हजार वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने थे।उन्होंने यह उपलब्धि 205 पारियों में हासिल की थी और सचिन तेंदुलकर का 259 पारियों का रिकॉर्ड तोड़ा था। रोहित बतौर ओपनर 200वीं पारी खेलेंगे रोहित भारत के लिए बतौर ओपनर अपनी 200वीं पारी खेलने उतरेंगे। उन्होंने अब तक 199 पारियों में 9865 रन बनाए हैं। इस दौरान 18 बार नाबाद रहे। उनका बेस्ट स्कोर 264 है। औसत 54.50 और स्ट्राइक रेट 96.39 है। ओपनर के रूप में उनके नाम 32 शतक और 49 अर्धशतक हैं। भारत के लिए नंबर-4 और गेंदबाजी कॉम्बिनेशन अहम वेस्टइंडीज के शाई होप बेस्ट बैटर ग्रीनफील्ड में तेज गेंदबाजों को मदद ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक 2 वनडे खेले गए हैं। यहां सीम गेंदबाजों का औसत 25.35 है। 2018 में इसी मैदान पर वेस्टइंडीज की टीम 104 रन पर ऑलआउट हुई थी। रवींद्र जडेजा ने 4 विकेट लिए थे। बारिश की संभावना नहीं मौसम गर्म और उमस भरा है। शुक्रवार को भारत की प्रैक्टिस से करीब एक घंटे पहले तेज बारिश हुई थी, लेकिन फिलहाल मैच पर बारिश का खतरा नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत- रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। वेस्टइंडीज- जॉन कैंपबेल, जस्टिन ग्रीव्स/ज्वेल एंड्रयू, कीसी कार्टी, शाई होप (कप्तान-विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रॉस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, जेयडन सील्स/शमर जोसेफ, अल्जारी जोसेफ, वाइटल लॉज। Sat, 26 Sep 2026 23:00:00

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