इंश्योरेंस कमीशन पर IRDAI का बड़ा प्रस्ताव, नई गाड़ियों से लेकर हेल्थ पॉलिसी तक बदलेगा सिस्टम
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की ओर से प्रस्तावित नए नियमों से देश के इंश्योरेंस इकोसिस्टम में बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है और इससे इंश्योरेंस इंडस्ट्री में प्रोडक्ट के मुताबिक कमीशन कैप की नई व्यवस्था लागू हो सकती है. यह बयान एक्सपर्ट्स की ओर से दिया गया.
इंश्योरेंस रेगुलेटर ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बड़े सुधारों का प्रस्ताव दिया है. इसमें एक आसान तीन-स्तरीय ढांचा शामिल है, जिसका उद्देश्य पॉलिसीहोल्डर्स के लिए लागत कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और बड़े पैमाने पर गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करना है. जानकारों के मुताबिक, इस कदम से निश्चित रूप से ग्राहकों को फायदा होगा, लेकिन इससे बैंक-एश्योरेंस पार्टनर और एनबीएफसी जैसे डिस्ट्रीब्यूटर्स के मार्जिन पर तुरंत दबाव भी पड़ेगा.
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर देबाशीष बनर्जी ने कहा, "आखिरकार, इस प्रस्ताव का मकसद डिजिटल तरीकों को अपनाना, पॉलिसी को लंबे समय तक बनाए रखना और एक ऐसा मार्केट बनाना है जो टिकाऊ हो और ग्राहकों को प्राथमिकता दे. जैसा कि कहा जाता है, 'जरूरत ही आविष्कार की जननी है', और ये बदलाव कंपनियों को नए तरीके सोचने और अपनाने के लिए मजबूर करेंगे." 'बीमा वितरण के अर्थशास्त्र को फिर से तय करने' पर आईआरडीएआई के कंसल्टेशन पेपर में नए वाहनों के मोटर इंश्योरेंस के लिए कमीशन या भुगतान की सीमा तय करने का प्रस्ताव है. इसके तहत थर्ड-पार्टी प्रीमियम के लिए यह भुगतान शून्य और खुद के नुकसान व उससे जुड़े कवर के लिए 5 प्रतिशत रखने का सुझाव दिया गया है.
इससे "टेक्नोलॉजी, जागरूकता और उससे जुड़े खर्च" भी कमीशन की सीमा के दायरे में आ जाएंगे, और मौजूदा मोटर इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर (एमआईएसपी) सिस्टम की जगह एक व्यापक इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटी (आईडीई) सिस्टम ले लेगा. शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की पार्टनर शैलजा लाल ने कहा, "इन बदलावों का ऑटोमोबाइल डीलरों, ओईएम से जुड़े ब्रोकर्स, इंश्योरेंस कंपनियों और मोटर इंश्योरेंस बेचने वाले अन्य लोगों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा. नई गाड़ियों की पॉलिसी से होने वाली शुरुआती कमाई कम होने और डीलर से जुड़े समझौतों के कड़े होने से, डिस्ट्रीब्यूशन मार्जिन और कम हो सकता है."
इन प्रस्तावों का मकसद इंश्योरेंस की बिक्री को डीलर के साथ अन्य रिश्तों से अलग करना है. डीलरों को सिर्फ इसलिए कैशलेस रिपेयर से इनकार करने की इजाजत नहीं होगी क्योंकि ग्राहक ने इंश्योरेंस कहीं और से खरीदा है. साथ ही, आईआरडीएआई ग्राहकों को 'बीमा सुगम' जैसे वैकल्पिक डिजिटल चैनलों तक ज्यादा पहुंच देने का प्रस्ताव दे रहा है, और डीलरों के लिए जरूरी होगा कि वे गाड़ी बेचते समय ग्राहकों को इस विकल्प के बारे में साफ तौर पर बताएं. लाल ने कहा, "इन सुधारों से डीलर-आधारित पारंपरिक मॉडल बदल सकता है, जिसमें इंश्योरेंस की बिक्री, गाड़ी की फाइनेंसिंग और बिक्री के बाद की सर्विसिंग आपस में गहराई से जुड़ी होती हैं. आय का दबाव डिस्ट्रीब्यूटर्स को रिन्यूअल, सर्विसिंग, टेक्नोलॉजी और अन्य मंजूर किए हुए वैल्यू-एडेड सेवाओं पर ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकता है."
हालांकि, जानकारों का कहना है कि इसका अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आईआरडीएआई आखिरकार कौन से नियम अपनाता है और उनके साथ कैसा ट्रांजिशन फ्रेमवर्क लागू करता है. कंसल्टेशन पेपर में सभी तरह के जनरल इंश्योरेंस कमीशन पर सीमा लगाने का प्रस्ताव है. इसमें हेल्थ इंश्योरेंस के लिए पहली बार के कमीशन को 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच तय करने और रिन्यूअल व पोर्टिंग पेआउट को सिर्फ 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक सीमित करने की बात कही गई है.
ड्राफ्ट पेपर में डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के लिए पहले साल के कमीशन को अवधि के आधार पर 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच सीमित किया गया है. यह पहले मिलने वाले उन ज्यादा प्रभावी पेआउट से कम है, जो प्रमोशनल खर्च और रिवॉर्ड्स को मिलाकर 60 प्रतिशत तक पहुंच जाते थे.
INPUT: IANS
लोगों को क्या तकलीफ है? Komal Rani के साथ मंदिर जाने पर हुए विवाद पर बोले Govinda
गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें मुंबई के लालबागचा राजा पंडाल में कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अब गोविंदा ने इस मुलाकात को लेकर हो रही आलोचना पर अपनी बात रखी है।
कोमल के साथ लालबागचा राजा के दर्शन क्यों गए गोविंदा?
हाल ही में एक इंटरव्यू में गोविंदा ने लालबागचा राजा के दर्शन के लिए कोमल रानी के साथ जाने पर सवाल उठाने वाले लोगों को जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वह अपनी अगली फिल्म 'रूपा' के लिए आशीर्वाद लेने वहां गए थे। इस फिल्म में कोमल उनके साथ काम करेंगी।
गोविंदा ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वह अपनी सह-कलाकार के साथ किसी धार्मिक जगह पर गए हों। इससे पहले वह करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ भी फिल्म के लिए बप्पा के दर्शन कर चुके हैं।
अभिनेता ने कहा, “लोग तो ऐसे रिएक्ट कर रहे हैं... मैं रूपा फिल्म के लिए प्रार्थना कर रहा था। मैं इसे पहले करिश्मा के साथ गया था, वो गुड लक रहा था मेरा, फिल्में हिट हुई थी। रवीना के साथ भी गया था, फिल्म हिट हुई थी। इस समय मैं रानी के साथ गया। पता नहीं क्या लोगों को तकलीफ है? हम मशहूर हो रहे हैं तो आपको क्या परेशानी है।”
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सुनीता आहूजा ने भी दिया था बयान
कोमल रानी के साथ गोविंदा के लालबागचा राजा जाने के बाद उनकी पत्नी सुनीता आहूजा का एक बयान भी चर्चा में आया था। सुनीता ने पैपराजी से बात करते हुए कहा था, “इंसानों को जितना भी प्यार दो फायदा नहीं है, धोखा ही देते हैं। पालतू जानवर को प्यार करो हमेशा चिपके रहते हैं। इंसानों से अच्छे तो जानवर होते हैं।”
उस समय सुनीता अपने पालतू कुत्ते के साथ थीं। उनके इस बयान को गोविंदा और कोमल रानी से जुड़ी चर्चाओं के बीच देखा गया।
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1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी
गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी 11 मार्च, 1987 को हुई थी। दोनों ने अपने शुरुआती अभिनय करियर को बचाने के लिए करीब चार साल तक अपनी शादी की बात को सार्वजनिक नहीं किया था।
हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के अलग-अलग रहने की अफवाहें चर्चा में हैं। इसी बीच गोविंदा और कोमल रानी के बीच रिश्ते को लेकर भी खबरें सामने आती रही हैं। फिलहाल गोविंदा ने इन अफवाहों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने सिर्फ अपनी आने वाली फिल्म 'रूपा' और उसके लिए लालबागचा राजा के दर्शन को लेकर बात की है।
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