पैसों की तंगी से हैं परेशान? वास्तु में बताए गए इस उपाय को जानें
Fridge Vastu Tips: वास्तु में घर की चीजों की सही जगह को लेकर कई मान्यताएं हैं. जानें फ्रिज से जुड़े इस आसान वास्तु उपाय को लेकर क्या कहा जाता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
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CJP Nationwide Protest: 2 अक्तूबर से सीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन, ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ अभियान की शुरुआत
देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 24 घंटे का नया अल्टीमेटम जारी किया है।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर इस्तीफा नहीं दिया जाता है, तो आगामी 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी जाएगी और इस आंदोलन को देश के अन्य हिस्सों तक विस्तार दिया जाएगा।
सीजेपी का अल्टीमेटम और 'इलेक्शन कमीशन ठीक करो' अभियान
कॉकरेच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के कामकाज के विरोध में ‘इलेक्शन कमीशन ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां की जा रही हैं और नागरिकों के मताधिकार को सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया जा रहा है।
पहले पार्टी की ओर से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, जिसे अब घटाकर 24 घंटे कर दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो मुंबई के बाद दिल्ली में जंतर-मंतर 2.0 के तहत अनिश्चितकालीन धरना और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किए जाएंगे।
मतदाता सूचियों से 13 करोड़ नाम हटाने का गंभीर दावा
सीजेपी ने देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने का सनसनीखेज दावा किया है। पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दो-दो करोड़ से अधिक, कर्नाटक में लगभग एक करोड़, तमिलनाडु में 97 लाख, पश्चिम बंगाल में 90 लाख, तेलंगाना में 73 लाख, दिल्ली में 47 लाख और केरल में 24 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी भारी संख्या में नाम हटाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और कानूनी थी।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और विपक्षी दलों से अपील
यह पूरा विवाद ऐसे समय में तूल पकड़ रहा है जब चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े फैसलों पर आंतरिक असहमति की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ मामलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिसे आधार बनाकर सीजेपी ने कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, दूसरी ओर अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा है कि यदि उन्हें चुनावी गड़बड़ियों पर आपत्ति है, तो उन्हें ऐसे चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए ताकि ऐसी प्रक्रिया को वैधता मिलने का संदेश न जाए।
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