बिलासपुर में बड़ा खुलासा: 10 साल से फर्जी पहचान पर नौकरी कर रहा संदिग्ध बांग्लादेशी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बिलासपुर की सूर्य बिहार कॉलोनी में दबिश देकर एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक अतीक हुसैन को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि अतीक हुसैन पिछले लगभग 10 वर्षों से बिलासपुर में अवैध रूप से रह रहा था और सीपत स्थित एनटीपीसी में एक ठेका कंपनी के तहत लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था. अतीक हुसैन मूल रूप से बांग्लादेश के नारायणगंज का निवासी है. आरोपी पूर्व में रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर से फरार हो गया था, जिसके बाद से एसटीएफ लगातार उसकी तलाश कर रही थी. एसटीएफ को बंगाली पारा और अन्य संपर्कों के जरिए आरोपी के बिलासपुर में छिपे होने की सूचना मिली. पुख्ता रेकी के बाद टीम ने किराए के मकान पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से कई फर्जी भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी वर्ष 2008-09 के दौरान वैध पासपोर्ट और वीजा के जरिए बांग्लादेश से चेन्नई के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था. इसके बाद वह भारत में ही अवैध रूप से रुक गया और पहचान छिपाकर बिलासपुर में काम करने लगा. पुलिस अब उसे वापस रायपुर होल्डिंग सेंटर भेजने तथा बांग्लादेश डिपोर्ट (वापस भेजने) करने की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
राजकोट नगर निगम ने ड्रोन और एआई की मदद से लगाया मच्छरों के पनपने की 4,731 संभावित जगहों की पता, किया छिड़काव
राजकोट, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। नगर निगम ने ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और एआई की मदद से निगरानी करके 59.39 वर्ग किलोमीटर में मच्छरों के पनपने की 4,731 संभावित जगहों का पता लगाया है।
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