Sikkim Landslide | सिक्किम में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से तबाही! मलबे के गांव की ओर बहने से कई घर नष्ट, देखें खौफनाक VIDEO
सिक्किम के रिम्बी गांव में भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे बड़ा भूस्खलन हुआ। इस घटना से भारी नुकसान हुआ है; बताया जा रहा है कि चट्टानें, मिट्टी और मलबा तेजी से गांव की ओर बहकर आने से कई घर नष्ट हो गए। यह भूस्खलन गुरुवार देर रात पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग इलाके में रिम्बी गांव के कुछ हिस्सों में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इसे भी पढ़ें: Odisha में भारी बारिश का कहर: 8,000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
वीडियो में मलबे का भारी बहाव कैद
इस घटना का एक वीडियो सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। फुटेज में भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मिट्टी और मलबे का भारी सैलाब गांव की ओर बहता हुआ दिखाई दे रहा है। कीचड़, चट्टानें और अन्य मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ते हुए देखे जा सकते हैं, जिससे इलाके में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। भूस्खलन में कई घर नष्ट हो गए, जबकि लगातार बारिश ने आसपास के घरों, संपत्ति और सड़क संपर्क के लिए खतरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने आसपास के इलाकों के लोगों से मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने का आग्रह किया है।
पहले भी प्रभावित हुआ था रिम्बी सड़क संपर्क
रिम्बी इलाके में भूस्खलन से जुड़ी यह पहली रुकावट नहीं है। इससे पहले, भूस्खलन के कारण रिम्बी को खेचियोपलरी से जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया था। सिक्किम सरकार के एक बयान के अनुसार, सोमवार को मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों का राज्यव्यापी निरीक्षण शुरू किया गया। अधिकारियों को संपर्क बहाल करने के प्रयासों में तेजी लाने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने का निर्देश दिया गया। सड़क और पुल मंत्री एनबी दहाल ने युक्सोम-ताशीडिंग निर्वाचन क्षेत्र में रिम्बी और उसके आसपास की सड़कों सहित कई क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नुकसान के स्तर का आकलन करना और संभावित सुरक्षा जोखिमों की पहचान करना था।
इसे भी पढ़ें: Odisha में भारी बारिश का कहर, नबरंगपुर में Red Alert और दो मंत्री ग्राउंड पर तैनात
सरकार ने अधिकारियों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया
भूस्खलन के कारण रिम्बी को खेचियोपलरी से जोड़ने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया था। सरकारी बयान के अनुसार, मंत्री ने अधिकारियों को मंगलवार से रिम्बी में मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने नेशनल हाईवेज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों और ठेकेदारों को बहाली के काम में तेजी लाने और यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने का भी निर्देश दिया। इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने कहा है कि वे संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
#WATCH | Sikkim | A major landslide in the Rimbi area has left more than 30 houses affected. The incident was triggered by heavy mudslides and debris coming down from the upper slopes, sending large quantities of mud, rocks and other debris towards the lower areas
(Video source:… pic.twitter.com/5rhBlSoiTB— ANI (@ANI) September 25, 2026
Shankh Benefits: शंखनाद से खत्म होती है Negative Energy, मानसिक शांति के साथ बढ़ता है आत्मबल
पौराणिक काल में शंखनाद से युद्धारम्भ की घोषणा होती थी और उत्साहवर्धन किया जाता था। वहीं आध्यात्मिक कार्यों में भी शंख ध्वनि का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं अगर इसका वैज्ञानिक पक्ष देखें तो नियमित शंख ध्वनि का श्रवण करने से हृदय घात, हृदय अवरोध नहीं पड़ता। शंखनाद करने से व्यक्ति के फेफड़े भी शक्तिशाली होते हैं। क्योंकि शंख फूंकने पर पहले फेफड़ों में हवा जमा होती है, इस प्रोसेस से श्वास नली और फेफड़ों को शक्ति मिलती है।
वहीं शंखनाद से आसपास की निगेटिव एनर्जी का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शंखनाद करने से स्मरण शक्ति भी बढ़ती है। पूजा-अर्चना आदि और सभी तरह के मांगलिक कार्यक्रमों में शंखनाद की ध्वनि की विशेष महत्ता है। धार्मिक मान्यता है कि शंख ध्वनि विजय के मार्ग को प्रशस्त करती है, पूजन के दौरान पूजा की पूर्णता पर किए जाने वाले शंखनाद की ध्वनि से भक्त के मन को शांति मिलती है।
इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 24 September 2026 | आज का प्रेम राशिफल 24 सितंबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन
इसके साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह सिद्ध है कि नियमित शंखनाद करने से इसके पॉजिटिव प्रभाव से वातावरण में व्याप्त हानिकारक सूक्ष्म जीवाणुओं का नाश होता है। विद्वानों का मानना है कि शंखनाद के दौरान वायुमंडल में कुछ विशेष तरह की तरंगे उत्पन्न होती है। जोकि ब्रह्मांड की कुछ तरंगों के साथ मिलकर अल्प क्षणों में ही समग्र ब्रह्मांड की परिक्रमा कर लेती है। ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हुए जब किसी एक तरंग को जब दूसरी अनुकूल तरंगे मिलती हैं, तो दोनों तरंगों के मिलने से मनुष्य को प्रेरणा देने वाली, शोक से रक्षा करने वाली, आत्मबल देने वाली और मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली तरंगे उठती हैं। वहीं व्यक्ति अपने कार्य के उद्देश्य में जल्द ही सफलता प्राप्त करता है।
बता दें कि यह तरंगे इतनी अधिक सूक्ष्म होती हैं कि उसका प्रभाव सरलता से द्रष्टिगोचर नहीं हो पाता है। निरंतन शंखनाद के प्रयोग से ही इन तरंगों के प्रभाव को समझ सकते हैं। वहीं तमाम शोधों में भी यह सिद्ध हो चुका है कि जिस तरह से वाद्यों और ध्वनियों का छोटे-बड़े सभी जीवों पर गहरा असर होता है, ठीक उसी तरह से जड़-चेतन पर शंख ध्वनि का प्रभाव भी पड़ता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







