नीमच में अशोक ट्रेवल्स की बड़ी लापरवाही, बिना फ्रंट ग्लास की बस में दिल्ली भेज रहे थे यात्री, यात्रियों ने किया हंगामा
नीमच से दिल्ली जाने वाली अशोक ट्रेवल्स की बस को लेकर गुरुवार को यात्रियों ने सुरक्षा पर सवाल उठाए। दरअसल यात्रियों के मुताबिक बस पहले से क्षतिग्रस्त थी और उसका आगे का कांच पूरी तरह टूटा हुआ था। इसके बावजूद ट्रेवल्स प्रबंधन उसी बस में यात्रियों को बैठाकर लंबी दूरी के सफर पर भेजने की तैयारी कर रहा था। मामला बढ़ने के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
यात्रियों का कहना है कि रात के समय दिल्ली जैसे लंबे रूट पर बिना फ्रंट ग्लास वाली बस चलाना बेहद खतरनाक हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सुरक्षा को लेकर आपत्ति जताई तब उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
आगे का हिस्सा पूरी तरह खुला था
दरअसल यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह खुला था। ऐसे में तेज हवा, धूल और सड़क पर आने वाली किसी भी वस्तु से बड़ा हादसा हो सकता था। कुछ यात्रियों ने बस की हालत देखकर यात्रा करने से भी इनकार किया जबकि अन्य लोगों ने मौके पर ही विरोध जताया। इस दौरान बस स्टैंड पर मौजूद लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो गई और मामला चर्चा का विषय बन गया।
मीडिया कर्मियों से की गई बदसलूकी
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मीडिया कर्मी अशोक ट्रेवल्स के कार्यालय पहुंचे और जिम्मेदार लोगों से बस की स्थिति को लेकर सवाल पूछे। आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर ट्रेवल्स संचालक नाराज हो गए और पत्रकारों से अभद्र व्यवहार करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की गई और कैमरे पर हाथ मारने की भी बात सामने आई। विवाद बढ़ने पर डायल-100 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और बस की स्थिति की जानकारी जुटाई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात सामान्य कराए जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
उज्जैन में गणेश विसर्जन की भव्य तैयारियां: 8 घाटों पर तैनात रहेंगे 12 विसर्जन रथ, केडी पैलेस में क्रेन से विसर्जित होंगी बड़ी प्रतिमाएं
उज्जैन नगर निगम ने गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। छोटी प्रतिमाओं को एकत्रित करने के लिए शहर के 8 प्रमुख घाटों पर फूलों से सजे 12 विसर्जन रथ तैनात किए जाएंगे।
वहीं, बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन कालियादेह महल के पास क्रेन और जेसीबी की मदद से किया जाएगा। दरअसल, निगम ने हर जोन में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें तैनात कर दी हैं, जो 25 और 26 सितंबर को व्यवस्था संभालेंगी।
निर्माल्य के लिए अलग गाड़ियां
नगर निगम के विसर्जन रथ त्रिवेणी घाट, लालपुल घाट, गऊघाट, नृसिंह घाट, हीरा मिल कुंड, टावर चौक और केडी पैलेस पर मौजूद रहेंगे। यहां आने वाले भक्त अपनी प्रतिमाएं निगम की टीम को सौंप सकेंगे, जिनका पूरे विधि-विधान और पूजन के बाद विसर्जन किया जाएगा। आपको बता दें कि महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि अस्थायी विसर्जन केंद्रों पर पूजा सामग्री और प्रतिमाएं अलग-अलग रखी जाएंगी। निर्माल्य को विशेष वाहनों के जरिए प्रतिदिन सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
हीरा मिल कुंड में पानी कम
इस बार कम बारिश होने की वजह से हीरा मिल कुंड में सिर्फ 5 से 6 फीट पानी ही उपलब्ध है। इस कारण यहां बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं हो सकेगा। हालांकि, श्रद्धालु यहां छोटी प्रतिमाएं आसानी से विसर्जित कर सकेंगे। दरअसल, हीरा मिल कुंड पर पहुंचने वाली बड़ी प्रतिमाओं को निगम की टीम एकत्रित करेगी और फिर विसर्जन रथों के माध्यम से उन्हें सुरक्षित तरीके से केडी पैलेस कुंड तक ले जाया जाएगा।
शाम 6 बजे से बदला रहेगा ट्रैफिक
गणेश विसर्जन और शहर में निकलने वाली मनमोहक झांकियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शाम 6 बजे से चामुंडा चौराहे की ओर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। रात 8 बजे से चामुंडा चौराहे पर झांकियां जुटना शुरू होंगी और 10 बजे जुलूस रवाना होगा। आपको बता दें कि फ्रीगंज, कोयला फाटक और आगर रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को डायवर्टेड रूट से ही निकाला जाएगा।
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