अमेरिका कब करेगा शांति समझौता पर हस्ताक्षर, संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति ने किया खुलासा
US Iran Peace Deal: अमेरिका ईरान कई महीनों तक संघर्ष के बाद एक बार फिर शांति समझौते के मुहाने पर खड़े हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई बार शांति समझौते की उम्मीद जता चुके हैं. तमाम धमकियों के बाद ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि अंत में ईरान शांति समझौते करेगा ही. इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान का रुख भी सामने आया है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका नवंबर की शुरुआत में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले समझौता ज्ञापन पर फिर से हस्ताक्षर करे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम चाहते हैं कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले समझौते पर वापस लौट आएं.
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि 'हत्याओं' के बावजूद तेहरान अभी भी समझौते का इच्छुक है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि तेहरान बातचीत के जरिए वाशिंगटन के साथ समझौता करने को तैयार है, भले ही ईरान के सर्वोच्च नेता, वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों की हत्या जैसी घटनाएं हुई हों.
"Do you want a nuclear bomb or not?"@BretBaier cuts to the chase in an exclusive interview with Iranian President Masoud Pezeshkian, directly questioning the leader about his country's nuclear ambitions.
— Fox News (@FoxNews) September 24, 2026
"Not at all. Not at all," Pezeshkian responds, insisting Iran does not… pic.twitter.com/jkFEyi9rWd
किस आधार पर होगा समझौता?
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में पेजेश्कियान ने कहा कि जिस चीज पर चर्चा और बातचीत होती है, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होती है, और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जो हमारा हक है, उसी पर बात होती है. उन्होंने आगे कहा कि हमने कभी इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहा और इसी आधार पर, अगर दूसरी पार्टी सहमत होती है, तो हम समझौता करना चाहते हैं.
‘मेरा एनकाउंटर हो सकता है’, सोनम वांगचुक का बड़ा दावा; बताई ये वजह
Sonam Wangchuk: लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल ही में अपने सुरक्षा कारणों को लेकर एक अत्यंत चिंताजनक बयान दिया है. लद्दाख में हुई हिंसक घटनाओं को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए, वांगचुक ने सार्वजनिक रूप से अपने एनकाउंटर की आशंका व्यक्त की है. उनका कहना है कि उन्हें कई स्रोतों से जान से मारे जाने की चेतावनियां मिल रही हैं, लेकिन वे देश को जागरूक करने के लिए किसी भी परिणाम का सामना करने को तैयार हैं. दिल्ली में पूर्व में की गई अपनी भूख हड़ताल का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले उन्हें जेल भेजा गया और अब उन्हें मुठभेड़ में खत्म किए जाने का डर सता रहा है.
गृह मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग
अपनी सभा के दौरान सोनम वांगचुक ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख में सुरक्षा बलों द्वारा स्थानीय प्रदर्शनकारी युवाओं पर एके-47 जैसे घातक स्वचालित हथियारों का प्रयोग किया गया, जिसके चलते लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. वांगचुक ने पूर्व में हुई हिंसा से जुड़ी न्यायिक जांच रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करने का आग्रह किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस रिपोर्ट को सामने नहीं लाती है, तो स्थानीय स्तर पर एक स्वतंत्र जन न्यायाधिकरण गठित कर पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी.
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