MI vs DC: जेमिमा रोड्रिग्स ने लगाया शानदार अर्धशतक, दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हराया
MI vs DC WPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स ने महिला प्रीमियर लीग 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस ने 154 रन बनाए थे. जवाब में दिल्ली कैपिटल्स 3 विकेट गंवाकर 6 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स 51 रन बनाकर नाबाद लौंटी. वहीं लिजेल ली ने 46 रनों का योगदान दिया.
शैफाली वर्मा और लिजेल ली ने दिल्ली कैपिटल्स को दिलाई शानदार शुरुआत
मुंबई इंडियंस के दिए 155 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत शानदार रही. दिल्ली के दोनों ओपनर शैफाली वर्मा और लिजेल ली के बीच पहले विकेट के लिए 63 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन फिर शैफाली वर्मा 24 गेंदों पर 29 रनों की पारी खेलकर आउट हो गईं. उन्हें वैष्णवी शर्मा ने पवेलियन का रास्ता दिखाया.
जेमिमा रोड्रिग्स ने लगाया अर्धशतक
वहीं लिजेल ली एक अच्छी पारी खेलकर आउट हुईं. वो 28 गेंद पर 46 रन बनाईं. उन्हें अमनजोत कौर ने पवेलियन भेजा. इसके बाद 118 रन के स्कोर पर दिल्ली कैपिटल्स को लॉरा वोल्वार्ड्ट के रूप में तीसरा झटका लगा. लॉरा वोल्वार्ड्ट 19 गेंद पर 17 रन बनाकर चलती बनीं. वहीं कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स आखिरी तक टिकी रहीं और टीम को जिताकर लौंटी. जेमिमा 37 गेंद पर 51 रन बनाईं. जबकि मारिज़ैन कप्प 6 गेंद पर 10 रन बनाकर नाबाद रहीं.
4⃣ overs to go! #DC need 37 runs to win
— Women's Premier League (WPL) (@wplt20) January 20, 2026
Can Captain Jemimah Rodrigues and Laura Wolvaardt take them home? ????
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Captain Jemimah Rodrigues with her 4⃣th #TATAWPL fifty ????
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ऐसी रही मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस ने 5 विकेट पर 154 रन बनाए. एमआई के लिए नेट साइवर-ब्रंट ने सबसे ज्यादा रन बनाए. उन्होंने 45 गेंदों पर नाबाद 65 रनों की पारी खेलीं. इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए. वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर 33 गेंद पर 41 रन बनाईं. हेलेल मैथ्यूज और निकोला केरी ने 12-12 रनों का योगदान दिया. दिल्ली कैपिटल्स के लिए श्री चरणी ने 3 विकेट लिए.
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UCC: एक साल में 5 लाख से ज्यादा आवेदन, निजता उल्लंघन की एक भी शिकायत नहीं
UCC: उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) ने बीते एक साल में अपनी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता से लोगों का भरोसा जीता है. यूसीसी के तहत अलग-अलग सेवाओं के लिए अब तक पांच लाख से ज्यादा आवेदन किए जा चुके हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि इस दौरान निजता के उल्लंघन की एक भी शिकायत सामने नहीं आई है. इससे साफ है कि उत्तराखंड यूसीसी नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के अपने वादे पर पूरी तरह खरी उतरी है.
पूरी प्रक्रिया फेसलेस
यूसीसी के तहत लगभग सभी आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए हो रहे हैं. इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरी प्रक्रिया फेसलेस है. यानी आवेदक को न तो किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही किसी अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ता है. लोग घर बैठे ही विवाह पंजीकरण, विवाह विच्छेद, वसीयत पंजीकरण, लिव-इन संबंध पंजीकरण और लिव-इन संबंध समाप्त करने जैसी सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं.
निजी जानकारी सुरक्षित रखने के मजबूत इंतजाम
पोर्टल पर नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. खास बात यह है कि एक बार आवेदन सक्षम अधिकारी स्तर से मंजूर हो जाने के बाद, संबंधित अधिकारी भी आवेदक की निजी जानकारी नहीं देख सकता. आवेदन के साथ दी गई निजी जानकारी तक केवल आवेदक की ही पहुंच होती है, वह भी जरूरी सत्यापन प्रक्रिया के बाद. इसी वजह से एक साल में निजता उल्लंघन की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है.
औसतन 5 दिनों में मिल रहा प्रमाणपत्र
यूसीसी के तहत औसतन पांच दिनों में प्रमाणपत्र मिल रहा है, जिससे लोगों का समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं. शुरुआत में कुछ लोगों ने समान नागरिक संहिता को लेकर आशंकाएं जताईं और नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन एक साल का अनुभव इन सभी सवालों का जवाब दे चुका है.
पेश हो रही मिसाल
आज उत्तराखंड में जिस सरलता, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ यूसीसी को लागू किया जा रहा है, वह न सिर्फ नागरिकों की निजता की रक्षा कर रहा है, बल्कि पूरे प्रदेश में गुड गवर्नेंस की एक मजबूत मिसाल भी पेश कर रहा है.
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