Dupahiya Season 2 Trailer Out | 'दुपहिया' सीजन 2 का ट्रेलर आउट! मोबाइल टावर, अंधविश्वास और निरहुआ की एंट्री से मचेगी अफरा-तफरी
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है।
'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है?
धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है।
इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है।
गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की
डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा।
प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है।"
बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा।
पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।”
भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।”
'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है?
सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है।
'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा।
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जरूरत की खबर- टॉयलेट सीट से गंदा पिलो कवर, बेडशीट:हो सकते हैं 17 हजार से ज्यादा जर्म्स, जानें घरेलू कपड़ों को कितने दिन में धोएं
आपने अपने तकिए का कवर, बेडशीट या बाथ टॉवल कितने दिन पहले धोया था? घर में मौजूद ये चीजें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं। लेकिन इनकी सफाई हम उतनी फ्रीक्वेंटली नहीं करते, जितना जरूरी है। नतीजा यह होता है कि अक्सर इनमें बैक्टीरिया, फंगस, डस्ट माइट्स और दूसरे जर्म्स पनपने लगते हैं। अमेरिका के मैट्रेस ब्रांड 'अमेरिस्लीप' की रिसर्च के मुताबिक, एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बिना धुले इस्तेमाल किए गए पिलो कवर पर प्रति वर्ग इंच 30 लाख तक बैक्टीरिया (CFUs) जमा हो जाते हैं। यह संख्या टॉयलेट सीट पर मौजूद बैक्टीरिया से करीब 17 हजार गुना ज्यादा है। वहीं गंदी बेडशीट में बाथरूम के दरवाजे के हैंडल की तुलना में करीब 24 हजार गुना ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ाते हैं। इसलिए आज 'जरूरत की खबर' में बात करेंगे कि घर में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग कपड़े कितने दिनों में धोने चाहिए। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. बॉबी दीवान, सीनियर फिजिशियन, दिल्ली सवाल- क्या घर में इस्तेमाल होने वाले कपड़े भी बीमारियों की वजह बन सकते हैं? जवाब- हां, अगर घर में यूज होने वाले कपड़ों की रेगुलर सफाई न की जाए तो इनसे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। दरअसल- सवाल- किन घरेलू कपड़ों में सबसे ज्यादा जर्म्स पनपते हैं? जवाब- जो घरेलू कपड़े रेगुलर इस्तेमाल होते हैं, उनमें जर्म्स तेजी से पनपते हैं। इनमें बाथ टॉवल, किचन क्लॉथ, पिलो कवर और बेडशीट शामिल हैं। किन घरेलू कपड़ों में जर्म्स पनपने का रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- इन कपड़ों में किस तरह के जर्म्स पनप सकते हैं? जवाब- गंदे घरेलू कपड़ों में नमी, गंदगी और धूल जमा होने पर कई तरह के जर्म्स और एलर्जन्स पनप सकते हैं, जैसेकि- सवाल- इन जर्म्स से कौन-सी बीमारियों का रिस्क हो सकता है? जवाब- गंदे घरेलू कपड़ों में मौजूद जर्म्स और एलर्जन्स कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ाते हैं, जैसेकि- सवाल- कौन-से संकेत बताते हैं कि अब कपड़ा धोना जरूरी है? जवाब- अगर कपड़े पर दाग, गंदगी, नमी दिख रही है या उससे स्मेल आ रही है तो साफ संकेत है कि उसे धोने की जरूरत है। लेकिन ऐसा कोई भी संकेत बताना बहुत अजीब होगा। असली बात यह है कि हमें किसी संकेत का इंतजार नहीं करना चाहिए। जो कपड़ा रेगुलर इस्तेमाल होता है, उसे तय वॉशिंग शेड्यूल के अनुसार धोना जरूरी है, क्योंकि उसमें जमा गंदगी और कीटाणु हमें दिखाई नहीं देते। सवाल- घर में इस्तेमाल होने वाले किस कपड़े को कितने दिन में धोना चाहिए? जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनका इस्तेमाल कितनी बार होता है और वे नमी के संपर्क में कितना रहते हैं। इसलिए हर कपड़े के लिए अलग वॉशिंग शेड्यूल फॉलो करना चाहिए। इसे नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या साफ दिखने वाला कपड़ा भी गंदा हो सकता है? जवाब- हां, कपड़े का साफ दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह वास्तव में साफ भी है। बैक्टीरिया, डस्ट माइट्स, पसीना और डेड स्किन सेल्स आंखों से दिखाई नहीं देते। ये धीरे-धीरे कपड़ों में जमा होते रहते हैं। सवाल- कपड़ों को जर्म्स से बचाने के लिए क्या करें? जवाब- घरेलू कपड़ों की रेगुलर सफाई से उनमें जर्म्स का रिस्क काफी कम होता है। घरेलू कपड़ों को जर्म्स-फ्री रखने के आसान तरीके ग्राफिक में देखिए- घरेलू कपड़ों से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या एक ही कपड़े से बर्तन और किचन स्लैब साफ करना सही है? जवाब- नहीं, बर्तन और किचन स्लैब के लिए अलग-अलग कपड़े इस्तेमाल करें, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन का रिस्क न रहे। सवाल- बेडशीट और पिलो कवर कितने दिन में बदलने चाहिए? जवाब- बेडशीट को सप्ताह में कम-से-कम एक बार और पिलो कवर को हर 3-7 दिन में बदलना बेहतर माना जाता है। अगर एलर्जी है, बीमार हैं या पालतू जानवर बिस्तर पर आते हैं, तो इन्हें जल्दी बदलना चाहिए। सवाल- क्या सफाई वाले सभी कपड़ों को वॉशिंग मशीन में एक साथ धोना सही है? जवाब- नहीं, किचन क्लॉथ, बर्तन पोंछने के कपड़े और टॉवल को अलग–अलग ही धोना चाहिए। इन्हें पहनने वाले कपड़ों या बेडशीट और पिलो कवर के साथ भी नहीं धोना चाहिए। डोरमैट को तो एकदम अलग से धोना चाहिए। डोरमैट के साथ सिर्फ अन्य डोरमैट्स ही धोएं। सवाल- क्या कपड़ों को धूप में सुखाने से जर्म्स कम होते हैं? जवाब- हां, धूप की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें कुछ बैक्टीरिया और फंगस की संख्या कम कर सकती हैं। हालांकि सिर्फ धूप में रखना पर्याप्त नहीं है। पहले कपड़ों को अच्छी तरह धोना जरूरी है। सवाल- क्या घरेलू कपड़ों को गर्म पानी से धोने पर जर्म्स खत्म हो जाते हैं? जवाब- गर्म पानी कई तरह के बैक्टीरिया, फंगस और धूल के कणों को कम करने में मदद करता है। लेकिन सिर्फ गर्म पानी से सभी जर्म्स पूरी तरह खत्म नहीं होते। जर्म्स को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए कपड़े को डिटर्जेंट से अच्छी तरह धोना और धूप में सुखाना जरूरी है। *************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- सेहत का हाल बताती है आपकी चाल: डॉक्टर से समझें वॉकिंग स्पीड का साइंस, रोज वॉक करने के 6 जादुई फायदे चलने की स्पीड सिर्फ एक आदत नहीं है। ये हमारी सेहत का आईना भी है। हम अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन डॉक्टर इसे ‘हेल्थ सिग्नल’ के रूप में देखते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चलने की गति हमारे दिल, दिमाग, फेफड़ों, मांसपेशियों और उम्र बढ़ने की रफ्तार तक के बारे में संकेत देती है। पूरी खबर पढ़िए…
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