Revanth Reddy को मिलेगा आर्यदान मोहम्मद-2026 बेस्ट पब्लिक सर्वेंट अवॉर्ड
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को केरलम के आर्यदान मोहम्मद फाउंडेशन द्वारा प्रदान किए जाने वाले ‘आर्यदान मोहम्मद-2026 बेस्ट पब्लिक सर्वेंट अवॉर्ड’ के लिए चुना गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह फाउंडेशन दक्षिणी राज्य केरलम के दिग्गज कांग्रेस नेता दिवंगत आर्यदान मोहम्मद की स्मृति में पुरस्कार प्रदान करता है। फाउंडेशन के कार्यकारी चेयरमैन एवं नीलांबुर से विधायक आर्यदान शौकत ने कहा कि रेवंत रेड्डी को तेलंगाना में किसानों, पिछड़े वर्गों और अन्य समुदायों के कल्याण के लिए उनके दूरदर्शी नेतृत्व और लागू की गई नवोन्मेषी योजनाओं के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
आर्यदान मोहम्मद की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर फाउंडेशन 25 सितंबर को शाम चार बजे केरलम के नीलांबुर में आयोजित एक समारोह में रेवंत रेड्डी को यह पुरस्कार प्रदान करेगा। पुरस्कार के तहत रेवंत रेड्डी को एक लाख रुपये का नकद इनाम, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा। समारोह के दौरान कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ‘आर्यदान मोहम्मद स्मृति व्याख्यान’ देंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि आर्यदान मोहम्मद आठ बार विधायक चुने गए और उन्होंने कई वर्षों तक मंत्री के रूप में कार्य किया।
मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क और सरगनाओं पर NCB का कड़ा रुख
दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के मादक पदार्थ रोधी कार्यबलों (एएनटीएफ) से कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित करने के बजाय तस्करी के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने और तस्करी के सरगनाओं तथा संगठित तस्करी गिरोहों के खिलाफ अभियोजन की रणनीति अपनाने का आग्रह किया गया। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने 22 और 23 सितंबर को इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की थी जिसका उद्घाटन मंगलवार को शाह ने किया था।
ब्यूरो ने कहा कि राज्यों से यह भी आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में मादक पदार्थों के खतरे को ‘‘नियंत्रित’’ करने के लिए केंद्र द्वारा तैयार रूपरेखा की तर्ज पर तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार करें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ माह पहले मादक पदार्थ नियंत्रण पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण दस्तावेज जारी किया था, जिसका उद्देश्य 2029 तक भारत को मादक पदार्थों की तस्करी से मुक्त कराना है। बयान में कहा गया, ‘‘चर्चा के दौरान, दृष्टिपत्र के चार रणनीतिक स्तंभों के तहत निर्धारित लक्ष्यों पर प्रकाश डाला गया।
साथ ही, इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जिम्मेदारियां, समयसीमा और निगरानी की स्पष्ट व्यवस्था तय की गई।’’ इसमें कहा गया, ‘‘राज्य के मादक पदार्थ रोधी कार्यबलों (एएनटीएफ) को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत केवल मादक पदार्थों की जब्ती पर केंद्रित कार्रवाई के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को निशाना बनाने, वित्तीय पड़ताल करने, मादक पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी रोकथाम (पीआईटीएनडीपीएस) अधिनियम का प्रभावी इस्तेमाल करने तथा तस्करी के सरगनाओं और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ केंद्रित अभियोजन पर जोर दिया गया।’’ यह भी बताया गया कि रेलवे सुरक्षा बल ने अपने अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई के लिए एक ‘मादक पदार्थ प्रकोष्ठ’ का गठन किया है और वह जल्द ही एनसीबी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा। इसके बाद दोनों एजेंसियां संयुक्त अभियान चलाएंगी।
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