21 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से चलाता था अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज मामले में पिछले 21 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी सुरेश कुमार पद्मिनी बिनी उर्फ बिनी एसपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी वर्ष 2005 में मामला दर्ज होने के बाद से ही जांच और कानूनी कार्रवाई से बचता आ रहा था. CBI के मुताबिक, यह मामला 31 जनवरी 2005 को दर्ज किया गया था. जांच में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2004-05 के दौरान आरोपी ने खुद को के. सुनील बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेलीफोन और इंटरनेट कनेक्शन हासिल किए थे.
आरोपी ने कोच्चि के एसआरएम रोड स्थित किराए के परिसर से एक अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज संचालित किया. आरोप है कि इस अवैध एक्सचेंज के जरिए आने वाली ISD कॉल को इंटरनेट के माध्यम से अनधिकृत तरीके से रूट किया जाता था.
सरकार को 12.69 लाख रुपये का नुकसान
CBI के अनुसार, अवैध तरीके से ISD कॉल रूट किए जाने के कारण भारत सरकार को करीब 12.69 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ. जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि इस अवैध टेलीकॉम हब के जरिए रूट की जाने वाली कॉल की निगरानी देश की सुरक्षा एजेंसियां नहीं कर सकती थीं. इससे सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी गंभीर जोखिम पैदा हुआ.
2008 में दाखिल हुई थी चार्जशीट
मामले की जांच पूरी करने के बाद CBI ने 25 मार्च 2008 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. हालांकि, आरोपी लगातार फरार रहा और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया से बचता रहा. CBI की ओर से आरोपी की तलाश जारी रखी गई. जांच एजेंसी के मुताबिक, लगातार प्रयासों और उसके ठिकाने के संबंध में की गई कार्रवाई के बाद आरोपी का पता लगाया गया.
तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तारी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
CBI ने 23 सितंबर 2026 को आरोपी को तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) के आधार पर की गई. आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को 23 सितंबर 2026 को ही सक्षम अदालत, एर्नाकुलम के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. CBI की यह कार्रवाई ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां आरोपी लंबे समय तक फरार रहकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया से बचते रहे हों.
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