Rashtra Sarvopari: Raebareli में उठा पर्दा..Akhilesh का 'M फैक्टर' | CM Yogi | UP Election 2027
Rashtra Sarvopari: Raebareli में उठा पर्दा..Akhilesh का 'M फैक्टर' | CM Yogi | UP Election 2027 | Latest News Rashtra Sarvopari LIVE में आज देखिए उत्तर प्रदेश की सियासत का सबसे बड़ा सियासी घमासान! रायबरेली की धरती से आखिर ऐसा क्या खुलासा हुआ जिसने यूपी चुनाव 2027 से पहले हलचल मचा दी है? क्या अखिलेश यादव का पीडीए (PDA) फॉर्मूला एक बार फिर अपने पुराने और कोर 'M फैक्टर' की तरफ मुड़ चुका है, या फिर यह 2027 की सत्ता तक पहुंचने का नया चुनावी चक्रव्यूह है? #RashtraSarvopariLive #Raebareli #AkhileshYadav #CMYogi #YogiAdityanath #UPElection2027 #UPChunav2027 #MFactor #SamajwadiParty #BJPUP #UPPolitics #Mission2027 #LucknowPolitics #RaebareliNews #YogiVsAkhilesh #RepublicBharat #BreakingNews #HindiNews #LiveDebate #NationalNews #NewsUpdate #DailyNews #PoliticalDebate #UPNews #UPChunav #PDAFormula #BatengeTohKatenge #LawAndOrderUP #BulldozerBaba #HinduMuslimPolitics #ElectoralBattle #VoterPolitics #YadavVoteBank #MuslimVoteBank #SocialEngineering #RahulGandhiRaebareli #CongressSPAlliance #IndiaAlliance #Chunav2027 #PoliticalShowdown #GroundReport #ViralDebate ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
टाटा संस ने खारिज कीं नोएल की आपत्तियां: चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को बताया वैध, बोर्ड के बहुमत फैसले पर कंपनी कायम
मुंबई। टाटा संस ने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की आपत्तियों को खारिज करते हुए एन. चंद्रशेखरन की दोबारा चेयरमैन नियुक्ति को वैध बताया है। कंपनी ने कहा कि बोर्ड ने बहुमत से प्रस्ताव पारित कर चंद्रशेखरन को उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद फिर से चेयरमैन नियुक्त करने का निर्णय लिया है। 24 सितंबर को नोएल टाटा को भेजे गए पत्र में टाटा संस ने स्पष्ट किया कि एओए के अनुच्छेद 118 में दी गई विशेष चयन प्रक्रिया केवल नए चेयरमैन की पहली नियुक्ति के लिए है। मौजूदा चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति पर यह प्रक्रिया लागू नहीं होती। कंपनी ने कहा कि उसने इस संबंध में कानूनी सलाह लेने के बाद ही निर्णय किया है।
आर्टिकल 118 की व्याख्या पर विवाद
विवाद का मुख्य मुद्दा कंपनी के एओए का अनुच्छेद 118 है। इसके तहत यदि टाटा ट्रस्ट्स के पास कंपनी की चुकता सामान्य शेयर पूंजी का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा है, तो नए चेयरमैन के चयन के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के नामित सदस्यों सहित अन्य निर्धारित सदस्यों की चयन समिति उम्मीदवार का चयन करती है। इसके बाद बोर्ड समिति की सिफारिश के आधार पर नियुक्ति करता है। चेयरमैन को हटाने के लिए भी इसी प्रक्रिया का प्रावधान है। टाटा संस के मुताबिक, यह व्यवस्था पहले से पद पर मौजूद चेयरमैन को दोबारा नियुक्त करने के मामले में लागू नहीं होती।
पूर्व न्यायाधीशों की राय का भी दिया हवाला
कंपनी ने बताया कि बोर्ड की बहुमत से पारित नियुक्ति के समर्थन में वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप्तो सरकार की कानूनी राय पहले ही साझा की गई थी। नोएल टाटा की आपत्तियों के बाद कंपनी ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएन श्रीकृष्ण से भी कानूनी राय मांगी। टाटा संस ने पत्र में कहा कि दोनों न्यायविदों की राय वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप्तो सरकार की राय के समान है। कंपनी के अनुसार, इन रायों से बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव की वैधता की पुष्टि होती है। दोनों की राय की प्रतियां भी नोएल टाटा को भेजे गए पत्र के साथ संलग्न की गई हैं।
एजीएम में कोरम नहीं होने पर बैठक स्थगित
टाटा संस ने 18 अगस्त को बुलाई गई वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के स्थगित होने पर भी अपना पक्ष रखा। कंपनी के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स अनुच्छेद 86 के तहत जरूरी संयुक्त अधिकृत प्रतिनिधि नामित नहीं कर सके थे। इस वजह से बैठक के लिए निर्धारित कोरम पूरा नहीं हुआ और उसे स्थगित करना पड़ा। अनुच्छेद 86 के अनुसार, आम बैठक के लिए जरूरी सदस्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति के साथ सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित कम से कम एक अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी भी आवश्यक है। कंपनी ने 17 सितंबर को बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव को स्थगित एजीएम से जोड़ने की दलील को अनुचित बताया है।
निदेशक पद पर रहने के लिए अलग प्रक्रिया
चंद्रशेखरन के निदेशक के रूप में आगे बने रहने के सवाल पर टाटा संस ने कहा कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 152 के तहत आम बैठक बुलाई जाएगी। इसमें शेयरधारक उनके निदेशक पद पर बने रहने के प्रस्ताव पर विचार करेंगे। यानी चेयरमैन के रूप में पुनर्नियुक्ति को वैध मानने के कंपनी के फैसले और निदेशक के रूप में उनके बने रहने के प्रस्ताव को अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत देखा जाएगा। टाटा संस के इस पत्र पर कंपनी के सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय ने हस्ताक्षर किए हैं। इसकी प्रतियां कंपनी के सभी निदेशकों को भी भेजी गई हैं। इस तरह कंपनी ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए नोएल टाटा की आपत्तियों के जवाब में बोर्ड के फैसले और कानूनी सलाह को आधार बनाया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Republic Bharat
Haribhoomi










