Nandigram Bypoll: कांग्रेस प्रत्याशी Milan Pradhan की गिरफ्तारी पर पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके पति को जेल भेजने के लिए “सत्ता का दुरुपयोग” किया। अर्पिता ने दावा किया कि उनके पति को “झूठे मामलों” में फंसाया गया है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के कोलकाता स्थित मुख्यालय विधान भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अर्पिता ने जेल में बंद उम्मीदवार प्रधान के “समर्थन” के लिए राहुल गांधी और ममता बनर्जी, दोनों का आभार जताया।
साथ ही उन्होंने सभी विपक्षी दलों से छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मिलकर लड़ने का आग्रह किया। अर्पिता ने कहा कि जेल में बंद मिलन प्रधान को खुद प्रचार करने का अवसर नहीं मिल पाने के कारण वह अपनी बेटी के साथ नंदीग्राम की सड़कों पर उतरकर उनके लिए प्रचार करेंगी। प्रधान को 19 साल पुराने कई मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इन मामलों में हत्या का मामला भी शामिल है और ये सभी 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन से जुड़े हैं। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए छह अक्टूबर को मतदान होगा। अपने प्रत्याशी को उपचुनाव मैदान से हटाकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उपचुनाव में प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही समय बाद उन्हें (प्रधान को) गिरफ्तार कर लिया गया।
अर्पिता ने कहा, “इतने पुराने मामले में इस चुनाव से ठीक पहले मेरे पति को जेल क्यों भेजा गया? शुभेंदु अधिकारी भी इसी मामले में आरोपी थे, तो वह बाहर क्यों हैं? ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हम विपक्ष से हैं।” भावुक अर्पिता ने कहा, “उन्हें झूठे मामलों में इसलिए फंसाया गया क्योंकि वह अपने देश के लिए लड़ रहे हैं और अपने लोगों के साथ खड़े हैं।
उनका परिवार है और मौजूदा स्थिति में हमारी बेटी स्कूल नहीं जा पा रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “असल अपराधी” स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं। अर्पिता ने कहा, “क्या हम एक स्वतंत्र देश में रह रहे हैं? मुझे ऐसा लगता है कि हम ब्रिटिश शासन के अधीन हैं।
मैं नंदीग्राम के लोगों से हमारे साथ खड़े होने की अपील करती हूं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह बंद होना चाहिए।” राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पार्टी के राज्य प्रभारी प्रकाश जोशी के साथ मौजूद अर्पिता ने दावा किया कि अन्य दलों की ओर से आकर्षक प्रस्ताव मिलने के बावजूद उनके पति कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहे।
उन्होंने कहा, “मिलन प्रधान अपने छात्र जीवन से ही कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे हैं। उनके कई सहयोगियों ने पैसे लेकर एक पार्टी से दूसरी पार्टी का रुख कर लिया, लेकिन वह अपनी राजनीतिक विचारधारा पर अडिग रहे।” अर्पिता ने दावा किया कि उन्हें झूठे मामलों में इसलिए फंसाया गया क्योंकि वह अपने देश के लिए लड़ रहे थे और अपने लोगों के साथ खड़े रहे।
Lakhimpur Kheri में निजी स्कूल परिसर में शिक्षिका की हत्या, प्रशासन ने जारी की 16 सूत्री सुरक्षा सूची
लखीमपुर खीरी जिले में एक निजी स्कूल के परिसर में एक महिला शिक्षिका की गोली मारकर की गयी हत्या के बाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे मजबूत करने के निर्देश दिये हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बुधवार को स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। सिंह ने कहा कि बच्चों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक ने स्कूलों के लिए 16 बिंदुओं वाली सुरक्षा जांच सूची जारी की जिसके तहत स्कूल समय में केवल एक प्रवेश द्वार खोलने, आगंतुकों का फोटो पहचान पत्र सहित विवरण दर्ज करने, तलाशी लेने और स्कूल बैग की औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सूची में दी गयी हिदायतों में स्कूलों में सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने, बच्चों को लेने आने वाले लोगों की पहचान पत्र देखने तथा चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने तथा सीसीटीवी रिकॉर्डिंग वाले डीवीआर को सुरक्षित और बंद कमरे में रखने का भी निर्देश दिया गया है।
गर्ग ने बताया कि शिक्षकों, कर्मचारियों और स्कूल वाहन के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने के साथ ही स्कूलों में आपातकालीन अलार्म लगाने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 तथा पॉक्सो संबंधी शिकायत की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करनी होगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक स्कूल का प्रबंधन एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा, जबकि पुलिस की ओर से प्रत्येक स्कूल के लिए बीट स्तर का एक अधिकारी नोडल अधिकारी होगा।
उन्होंने बताया कि निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पुलिस अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय पुलिस गश्त भी बढ़ाई जाएगी।
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