IIT बॉम्बे में एंटी सुसाइडल रूल्स जारी:हर कमरे में ट्विन शेयरिंग; सीलिंग फैन हटाए, वाल माउंटेड पंखे लगना शुरू
IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। ट्विन रूम शेयरिंग की वजह अकेले रहने से कई बार स्टूडेंट्स डिप्रेशन या अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में किसी रूममेट के साथ होने से मानसिक संबल मिलता है और स्टूडेंट्स अपनी भावनाएं एक-दूसरे से शेयर कर पाते हैं. स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देते हुए आईआईटी बॉम्बे ने काउंसलिंग सेवाओं का दायरा काफी बढ़ा दिया है। घटना के तुरंत बाद डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स ने स्टूडेंट्स को ईमेल भेजकर जानकारी दी कि कैंपस के 6 प्रमुख हॉस्टल और स्टूडेंट्स वेलनेस सेंटर में काउंसलिंग के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। इससे स्टूडेंट्स को जब भी जरूरत हो, तुरंत मदद मिल सके। कैंपस के बाहर की गई काउंसलिंग का खर्च उठाएगा संस्थान IIT बॉम्बे ने स्टूडेंट्स को आश्वासन दिया है कि वे कैंपस के बाहर भी अपनी पसंद के किसी प्रोफेशनल काउंसलर या एजेंसी से मदद ले सकते हैं। ऐसी बाहरी काउंसलिंग सेवाओं पर होने वाला पूरा खर्च संस्थान उठाएगा। स्टूडेंट्स को अपने फैकल्टी मेंटर्स के जरिए इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। IIT बॉम्बे प्रशासन की तरफ से प्रोफेसर्स और फैकल्टी सदस्यों से यह सलाह मांगी गई है कि छात्रों के तनाव को कम करने के लिए और क्या बेहतर कदम उठाए जा सकते हैं। डिपार्टमेंट और इंस्टीट्यूट लेवल पर कई दौर की बैठकें की जा रही हैं। सुसाइड केस से पहले ही लिया गया था पंखों का फैसला IIT मुंबई एडमिनिस्ट्रेशन ने तय किया है कि कमरों में सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाए जाएंगे। हालांकि यह फैसला हॉस्टल के प्लान किए गए रेनोवेशन से जुड़ा है। यह फैसला सुसाइड केस से पहले ही ले लिया गया था। फिलहाल, IIT बॉम्बे के हॉस्टल रूम्स में वॉल-माउंटेड फैन लगाने शुरू कर दिए गए हैं। ये फैन कैंपस में लाए जा चुके हैं। 18 सितंबर को साहिल ने किया था सुसाइड मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले 7 महीने में सुसाइड का तीसरा मामला पिछले 7 महीने में IIT बॉम्बे कैंपस में सुसाइड का यह तीसरा मामला है। इससे पहले जुलाई में नया सेमेस्टर शुरू होते ही इसी हॉस्टल में 20 साल के बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने जान दी थी। फरवरी में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने सुसाइड किया था। मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित IIT बॉम्बे ने छात्रों के विरोध को देखते हुए 26 और 27 सितंबर को होने वाली मिड-सेमेस्टर एग्जाम स्थगित कर दी हैं। अब ये परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर को होंगी। ------------------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें NTA ने निकाली सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की भर्ती:एज लिमिट 65 साल, NEET, JEE जैसे एग्जाम के पेपर बनाने का मौका, नि:शुल्क करें अप्लाई एनटीए ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की भर्ती निकाली है। ये एक्सपर्ट NTA द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं के लिए पेपर तैयार करेंगे। साथ ही ट्रांसलेशन रिव्यू करने वालों की भी भर्ती निकाली गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों का पैनल 3 साल तक वैलिड रहेगा, जिसकी हर साल समीक्षा की जाएगी। पूरी खबर यहां पढ़ें
धमतरी के चर्चों में केवल ईसाइयों की एंट्री के बोर्ड:गैर-ईसाइयों के जाने पर खुद की जिम्मेदारी; क्रिश्चियन फोरम बोला- धर्मांतरण के 250-300 आवेदन पेंडिंग
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर लगे बोर्ड चर्चा में हैं। बोर्ड पर लिखा है- ‘चर्च भवन में प्रार्थना के लिए प्रवेश केवल ईसाइयों के लिए है। अन्य यदि अपनी स्वेच्छा से आते हैं तो इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे।’ जिला क्रिश्चियन फोरम के मुताबिक, जिले के करीब 30 से 35 चर्च और प्रार्थना सभा स्थलों पर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें धमतरी का करीब 116 साल पुराना मेनोनाइट सुंदरगंज चर्च भी शामिल है। दैनिक भास्कर की टीम ने इस मामले पर जिला क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डायमंड फिलस से बातचीत की। उनका कहना है कि प्रार्थना सभा के दौरान विवाद और शोर-शराबे की स्थिति से बचने के लिए ये बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा फोरन ने धमतरी जिले में धर्म परिवर्तन के 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा किया है। वहीं इस मामले पर प्रभारी कलेक्टर जयंत नाहटा ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन से जुड़े आवेदन प्रशासन के पास आने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर इस तरह के दस्तावेज या आवेदन मिले हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। फोरम बोला- सुरक्षा के लिए लगाए बोर्ड धमतरी क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डायमंड फिलस ने कहा कि पिछले कुछ समय से कुछ संगठन चर्चों में गैर-ईसाइयों के एंट्री को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक कई बार प्रार्थना सभा के दौरान शोर-शराबे और विरोध की स्थिति बनती है। इससे समाज की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं। डायमंड फिलस ने कहा कि बोर्ड सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गैर-ईसाइयों के लिए पूरी तरह रोक नहीं है। अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा के साथ प्रार्थना सभा में शामिल होना चाहता है तो वह आ सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में उसकी जिम्मेदारी खुद की होगी। 1500 आवेदनों पर फोरम ने दी सफाई कलेक्ट्रेट में करीब 1500 आवेदन जमा होने के दावे पर डायमंड फिलस ने कहा कि ये धर्म परिवर्तन की अनुमति मांगने वाले आवेदन नहीं हैं। उनके मुताबिक, लोगों ने चर्च में आने-जाने के लिए स्वेच्छा घोषणा पत्र जमा किए हैं। फोरम का कहना है कि इन घोषणाओं में लोगों ने अपनी इच्छा से, बिना किसी दबाव या लालच के मसीह आराधना में शामिल होने की बात कही है। डायमंड फिलस ने कहा कि ये दस्तावेज कलेक्टर से अनुमति लेने के लिए जमा नहीं किए गए हैं। धर्म परिवर्तन के 250 से 300 आवेदन पेंडिंग फोरम ने प्रशासन के पास धर्म परिवर्तन से जुड़े करीब 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा किया है। डायमंड फिलस के मुताबिक, ये आवेदन उन लोगों के हैं, जो ईसाई धर्म अपनाने की इच्छा जताकर प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा कर चुके हैं। धर्मांतरण और अवैध धर्मांतरण में अंतर धर्मांतरण का मतलब है कि कोई व्यक्ति द्वारा अपने वर्तमान धर्म को छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाना या उसमें प्रवेश करना। यह प्रक्रिया पूरी तरह से व्यक्ति की अपनी इच्छा, आध्यात्मिक विश्वास या अंतरात्मा की आवाज पर आधारित हो सकती है, जिसे स्वेच्छा से किया गया धर्म परिवर्तन कहा जाता है। हालांकि, जब किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के प्रलोभन (जैसे पैसे, नौकरी या शादी का लालच), दबाव, भय, धोखाधड़ी या बलपूर्वक अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है, तो उसे अवैध या जबरन धर्मांतरण माना जाता है, जो कानूनन गंभीर अपराध है। छत्तीसगढ़ में नया धर्म स्वतंत्रता कानून लागू छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने के लिए बनाया गया छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ प्रदेश में लागू हो गया है। राज्य सरकार ने इसके तहत कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया और नियम भी जारी कर दिए हैं। अब अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में शिकायत, जांच, अनुमति और कार्रवाई किस तरह होगी, यह स्पष्ट कर दिया गया है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार का उद्देश्य कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है। छत्तीसगढ़ में कानून की जरूरत क्यों पड़ी? छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में खासकर बस्तर, जशपुर, रायगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आदिवासियों को ईसाई धर्म में शामिल करवाया जा रहा है। यह विवाद का विषय बना हुआ है। बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र में तो यह गुटीय संघर्ष में तब्दील हो चुका है। आदिवासी और धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासियों के बीच कई बार गंभीर विवाद हो चुका है। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। इस कारण छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे विवाद को टालने और धर्मांतरण पर एक कानून बनाने की पहल की। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में भगवान शिव पर आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल: बजरंग दल ने क्रिश्चियन फोरम पदाधिकारी का घर घेरा, अरुण पन्नालाल गिरफ्तार; 21 अगस्त तक जेल रायपुर में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुक्रवार को विवाद गहरा गया। टिप्पणी करने वालों के खिलाफ बीजेपी ने शिकायत की और छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के घर का घेराव कर प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर…
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