यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग से 9 यात्रियों की मौत, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार
दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से नौ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बुधवार देर रात हुई इस घटना के संबंध में बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, बस में जलने की गंध आने पर यात्रियों ने शोर मचाया और चालक से बस रोकने को कहा, लेकिन चालक और परिचालक ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘अगर मरना है तो मर जाओ, हम बस नहीं रोकेंगे।’’ आग की लपटें उठने और बस में धुआं भरने के बाद बाहर निकलने के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और परिचालक किसी तरह मौके से भाग निकले। बस में 35 यात्री सवार थे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि बस की एयर कंडीशनिंग (एसी) प्रणाली में चिंगारी निकलने या विस्फोट होने के कारण आग लगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पंजीकरण संख्या बीआर32पीए8647 वाली बस नयी दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी, और इस दौरान जेवर थाना इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर उसमें आग लग गई।
कुमार ने कहा, ‘‘सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी, बचावकर्मी, जेवर टोल प्लाजा पर तैनात एक दमकल गाड़ी और चार अन्य दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझायी’’ उन्होंने बताया, ‘‘इस अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। जब पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मचारी धुएं के बीच बस के अंदर घुसे, तो वहां नौ लोग मृत पाए गए। ऐसा लगता है कि उनकी मौत जलने या दम घुटने से हुई थी।’’ कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि बस की एयर-कंडीशनिंग प्रणाली में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के ‘लुब्रिकेंट ऑयल’ में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई।
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अजीत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना बुधवार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर हुई। उन्होंने कहा, ‘‘आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। बस में 35 यात्री सवार थे और इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई।
प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को विशेष वाहन से महोबा ले जाया गया।’’ उन्होंने बताया, ‘‘करीब 15 लोगों को विशेष वाहन से महोबा भेजा गया, जबकि कुछ लोग निजी वाहनों से चले गए। एक महिला अभी अस्पताल में भर्ती है और आरोग्य अस्पताल में उसका उपचार हो रहा है।’’ सिंह ने बताया कि शवों को शवगृह ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है तथा बस के चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है।’’ बस में यात्रा कर रहे हमीरपुर जिले के निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुमार ने बताया कि वह बुधवार रात करीब नौ बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए थे। रात करीब 11.30 बजे बस यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची, तभी यात्रियों को चालक के केबिन से जलने की गंध आने लगी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘चेतावनी दिए जाने के बावजूद चालक ने गंध को बस में आने वाली सामान्य गंध बताकर नजरअंदाज कर दिया और वाहन की जांच करने के लिए बस नहीं रोकी।” उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चालक और परिचालक केबिन में बीड़ी और सिगरेट पीते रहे और कुछ ही देर बाद चालक की सीट के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं।’’ शिकायत में कहा गया है कि जब तक बस रुकी, तब तक आग फैल चुकी थी और वाहन धुएं से भर गया था। कुमार ने बताया कि वह और कई अन्य यात्री किसी तरह बस से कूदकर बाहर निकले, जबकि कुछ लोग अंदर फंसे रह गए। प्राथमिकी के अनुसार, कई यात्री झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां शिकायतकर्ता को बताया गया कि नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चालक और परिचालक की यात्रियों की सुरक्षा के प्रति ‘‘जानबूझकर की गई गंभीर लापरवाही, लापरवाहीपूर्ण हरकत तथा पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना रवैये’’ के कारण लोगों की मौत हुई। सुबह एक क्रेन की मदद से बस के जले हुए ढांचे को एक्सप्रेसवे से हटाया गया। इस भयावह घटना को याद करते हुए घायल यात्री रेखा ने संवाददाताओं को बताया कि बस से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान वह गिर गईं और भीड़ ने उन्हें कुचल दिया।
वह अपने पति के साथ यात्रा कर रही थीं। अस्पताल के बिस्तर पर माथे और दाहिने हाथ पर पट्टी बांधे रेखा ने कहा, ‘‘बस रुक गई थी और यात्री अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर कूद रहे थे। मैं किसी तरह बाहर निकल पायी और सड़क पर गिर गई।’’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना में लोगों की मौत को बेहद पीड़ादायक बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं इस हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की घटना में लोगों की मौत की खबर से बेहद दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
Delhi Police ने पीतमपुरा में फर्जी Call Centre पकड़ा, अमेरिकी नागरिकों से 100 करोड़ ठगने वाले 11 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने पीतमपुरा इलाके में चल रहे एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर लगभग 100 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आरोपियों ने संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) तथा अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियों द्वारा जारी किए गए फर्जी पत्र भेजकर पीड़ितों को डराया-धमकाया भी।
अधिकारियों ने बताया कि इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई ने 21 सितंबर को पीतमपुरा गांव में एक किराये के परिसर की तीसरी और चौथी मंजिल पर चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा और 11 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने परिसर से 41 लाख रुपये नकद, 29 लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, आठ राउटर और एक कार जब्त की। इसके बाद विशेष प्रकोष्ठ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर अमेरिका में पीड़ितों को निशाना बनाता था। इसके सदस्य पीड़ितों के कंप्यूटरों में ‘मैलवेयर इंस्टॉल’ कर देते थे, जिससे कंप्यूटर की स्क्रीन पर ‘पॉप-अप’ दिखाई देने लगता था। इसमें तकनीकी सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने का निर्देश दिया जाता था।
अधिकारियों ने बताया कि जब पीड़ित इस नंबर पर फोन करते थे, तो उनकी कॉल एक ऐप के जरिए पीतमपुरा कॉल सेंटर में स्थानांतरित हो जाती थी तथा कॉल सेंटर के एजेंट तकनीकी सहायता कर्मचारी बनकर यह दावा करते थे कि पीड़ित के कंप्यूटर में वायरस आ गया है या हैक हो गया है। पुलिस ने बताया कि इसके बाद पीड़ितों को एक ‘सॉफ्टवेयर इंस्टॉल’ करने के लिए फुसलाया जाता था, जिससे जालसाज उनके कंप्यूटर को हैक कर लिया करते थे। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि उनके बैंक खाते भी खतरे में हैं और उनकी कॉल अन्य आरोपियों को स्थानांतरित कर दी जाती जो बैंक अधिाकरी बनकर पीड़ितों से बात करते।
पुलिस ने बताया कि फर्जी बैंक अधिकारी ‘वॉयस एप्लिकेशन’ के जरिए अमेरिकी नंबरों का इस्तेमाल करके पीड़ितों से संपर्क करते थे और तकनीकी या बैंकिंग समस्या को हल करने के बहाने उन्हें गिफ्ट कार्ड खरीदने या क्रिप्टोकरेंसी स्थानांतरित करने के लिए उकसाते थे। पुलिस ने बताया कि कुछ मामलों में, आरोपियों ने पीड़ितों को उनकी मांगों को मानने के लिए मजबूर करने के वास्ते एफबीआई और अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियों के फर्जी संदेश भेजकर उन्हें डराया-धमकाया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंवल प्रीत सिंह उर्फ सनी सिंह (43), प्रशांत नंदा (29), अक्षत सिंह उर्फ शिवम (25), चित्रा नरह (27), रोहन जयरथ (31), गौरव सकलानी (24), सचिन घिल्डियाल उर्फ सचिन शर्मा (26), इरशाद रहमान (22), नवनीत उर्फ नवीन (28), निग्थौजम (25) और फेबो वांगशू (27) के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि आईएफएसओ टीम को अवैध कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी और निगरानी तथा खुफिया जानकारी जुटाने के बाद छापेमारी की गई।
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