आतंकवाद से निपटने के लिए भारत ने पोलैंड से मांगी मदद, एस. जयशंकर ने रादोस्लाव सिकोर्स्की से की बात
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पोलैंड के उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत के सामने सीमा पार आतंकवाद की चुनौतियों पर जोर दिया। उन्होंने पोलैंड से आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस दिखाने और भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद न करने की अपील की।
मीटिंग के दौरान अपनी शुरुआती बातचीत में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच रिश्ते लगातार आगे बढ़े हैं, हालांकि लगातार ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, उपप्रधानमंत्री आप हमारे इलाके के लिए अनजान नहीं हैं और क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। मुझे उम्मीद है कि इस मीटिंग में इस इलाके की आपकी हाल की कुछ यात्राओं पर चर्चा होगी। पोलैंड को आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए।
पोलैंड के डिप्टी पीएम ने अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान जाकर संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र किया था। दोनों देशों के नेताओं के संयुक्त बयान में कहा गया, पोलैंड पक्ष ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर जानकारी दी, जबकि पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर विवाद पर अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पूर्ण सम्मान करते हुए सभी संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने इस दौरान इस बयान की कड़ी आलोचना की थी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन विवाद पर भारत का रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा कि वह और सिकोर्स्की ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब दुनिया में काफी उथल-पुथल मची हुई है और इस बात पर जोर दिया कि विचारों और नजरियों का लेन-देन करना फायदेमंद है क्योंकि भारत और पोलैंड अलग-अलग इलाकों में बसे दो देश हैं, जिनमें से हर एक की अपनी चुनौतियां और अवसर हैं।
भारत के विदेश मंत्री ने कहा, पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में और इस साल जनवरी में पेरिस में, मैंने यूक्रेन संघर्ष और इसके असर पर अपने विचार खुलकर साझा किए हैं। ऐसा करते समय, मैंने बार-बार इस बात पर भी जोर दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना गलत और अन्यायपूर्ण दोनों है।
द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हमारे द्विपक्षीय संबंध भी लगातार आगे बढ़े हैं, लेकिन फिर भी उन्हें लगातार ध्यान देने की जरूरत है। भारत और पोलैंड के बीच पारंपरिक रूप से अच्छे और दोस्ताना संबंध रहे हैं। हाल के सालों में, यह उच्च-स्तरीय राजनीतिक आदान-प्रदान और जीवंत आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों से चिह्नित रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा का हवाला दिया, जिसके दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। एस. जयशंकर ने कहा कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच लगभग 7 बिलियन डॉलर का ट्रेड है।
एस. जयशंकर ने बताया कि पोलैंड में भारत का निवेश 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है, जिससे पोलैंड के लोगों के लिए नौकरी के कई मौके बने हैं।
उन्होंने कहा, आज हम एक्शन प्लान 2024-28 का रिव्यू करेंगे, जिसके जरिए हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता हासिल करना चाहते हैं। हम व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा तकनीक और डिजिटल इनोवेशन में अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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पॉलिटिकल फैमिलीज में शादियां क्यों टूटती हैं? रिलेशनशिप एक्सपर्ट से जानें खोखले होते रिश्तों की बड़ी वजह
Relationship Tips: आजकल हम अक्सर सुनते हैं शादियां जल्दी टूट जाती हैं या अब रिश्तों में पहले जैसी मिठास नहीं होती है. पहले के समय में रिश्ते लंबा चलते थे लेकिन अब तलाक के मामले बढ़ गए हैं फिर चाहे वो सेलिब्रिटी हो या फिर पॉलिटिकल व्यक्ति. ऐसे में कई लोग रिश्ते बनाने से पहले ही घबराने लगे हैं. हाल ही में मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की अपनी पत्नी से तलाक लेने वाली पोस्ट से खलबली मच गई. प्रतीक ने इंस्टा पर पोस्ट शेयर कर खुद इस बात का ऐलान किया है. अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक है तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. चलिए रिलेशनशिप एक्सपर्ट से जानते हैं जल्दी टूटने की वजह और उनसे बचने के तरीके के बारे में.
प्रतीक और अपर्णा में किस बात का झगड़ा?
प्रतीक यादव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं जबकि अपर्णा यादव बीजेपी से जुड़ी हैं. दोनों के बीच पहले भी कई बार झगड़ों की खबरे सामने आ चुकी है लेकिन इस बार प्रतीक ने खुलकर तलाक की बात कही है. प्रतीक का कहना है कि अपर्णा की वजह से उनके परिवार के रिश्ते टूट गए और वह सिर्फ खुद की ताकत बढ़ाने में लगी हैं. अभी तक अपर्णा यादव की तरफ से इस पोस्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पॉलिटिकल फैमिलीज में शादियां क्यों टूटती हैं?
रिलेशनशिप एक्सपर्ट के मुताबिक, पॉलिटिकल फैमिलीज में शादियां टूटने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें सार्वजनिक जीवन का दबाव, मीडिया की निगरानी, राजनीतिक मतभेद और पारिवारिक उम्मीदें शामिल हैं. अक्सर इन सब के बीच पार्टनर एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते और रिश्ते में दूरियां बढ़ जाती हैं जिससे गलतफहमियां बढ़ सकती है और अंत में शादी बिखर जाती है.
शादियां टूटने की वजह
रिलेशनशिप एक्सपर्ट का कहना है कि भारत में अक्सर होता है जब रिश्ता पक्का हो जाता है तो शादी से पहले लोग एक-दूसरे को जानने का प्रयास करते हैं जिसके लिए लड़का-लड़की न केवल घंटों-घंटों फोन पर बात करते हैं बल्कि मिलने की कोशिश भी करते हैं. ऐसे में जब कपल्स के बीच छोटे मुद्दों से लेकर जीवन के बड़े फैसलों तक बड़ा अंतर नजर आता है तो वह शादी तोड़ने का फैसला कर लेते हैं.
क्या है इससे बचने का तरीका?
एक्सपर्ट बताते हैं कि शादी सिर्फ दो लोगों का साथ नहीं बल्कि दो दिलों का रिश्ता है जिसमें धैर्य और समझ जरूरी है. अपने पार्टनर से खुलकर बात करें छोटी-छोटी खुशियों को मनाएं और एक-दूसरे को समय दें. रिश्ते में माफी मांगना और धन्यवाद कहना कोई कमजोर नहीं बल्कि प्यार को मजबूत करने का तरीका है. अगर हम केवल उम्मीदों पर जीने की बजाय शादी को जिम्मेदार मानकर रिश्ते को निभाएंगे तो आपकी शादी कभी नहीं टूटेगी.
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