Merchant Discount Rate नहीं, Merchant Tax Rate कहिए! भोपाल में व्यापारियों का ‘No UPI Day’, 60 सेकंड के लिए QR Code Blackout
भोपाल। UPI पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर भोपाल के व्यापारियों ने विरोध का अलग तरीका अपनाया। CAIT के आह्वान पर व्यापारियों ने ‘No UPI Day’ मनाया और अपने प्रतिष्ठानों पर 60 सेकंड के लिए UPI QR कोड का सांकेतिक Blackout किया। व्यापारियों ने साफ किया कि उनका विरोध UPI से नहीं, बल्कि इस पर लगने वाली अतिरिक्त लागत से है।
विरोध के बीच व्यापारियों ने MDR के नाम पर भी सवाल उठाया। CAIT भोपाल के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि इसका पूरा नाम Merchant Discount Rate है, लेकिन इसमें व्यापारी को Discount कहां मिल रहा है? जब व्यापारी को शुल्क देना है तो इसे MTR यानी Merchant Tax Rate क्यों न कहा जाए?
60 सेकंड का Blackout, आगे 60 घंटे तक बढ़ सकता है विरोध
धर्मेंद्र शर्मा के मुताबिक फिलहाल UPI QR कोड का Blackout केवल 60 सेकंड के लिए किया गया है। व्यापारियों की चिंता पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो विरोध को 60 घंटे और जरूरत पड़ने पर 60 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।
CAIT का कहना है कि व्यापारी UPI बंद करने के पक्ष में नहीं हैं। UPI का इस्तेमाल व्यापारी खुद बड़े स्तर पर करते हैं। संगठन की मांग है कि डिजिटल भुगतान जारी रहे, लेकिन MDR के रूप में व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत न डाली जाए।
₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन का उठाया मुद्दा
CAIT ने कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से निर्धारित पात्र ₹2,000 से अधिक के P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने का प्रावधान है। ₹75,000 और उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन निर्धारित है।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि MDR को आधिकारिक तौर पर टैक्स नहीं माना गया है। यह भुगतान व्यवस्था में शामिल प्रतिभागियों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है। व्यापारियों का विरोध इसी अतिरिक्त लागत को लेकर है।
प्रदर्शन में संदीप गोधा, कपिल करोटिया, सतेंद्र धियानी सहित CAIT भोपाल के पदाधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 10,500 लीटर खाद्य तेल जब्त, जांच के लिए भेजे गए सैंपल
इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन लगातार जारी है। टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर जांच और दबिश देकर बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। इस बीच, एक बार फिर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए खाद्य पदार्थों की जब्ती की है।
बता दें कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मल्हारगंज स्थित श्री श्याम एंड श्याम ऑयल्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में आवश्यक खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला। इसके बाद टीम ने करीब 10500 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 21 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न पैकिंग साइज के कुल 09 नमूने लिये और जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे गये हैं। विभाग के अनुसार, नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
शंकर महादेव ट्रेडर्स का खाद्य सुरक्षा विभाग ने किया निरीक्षण
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सियागंज स्थित शंकर महादेव ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। टीम ने मौके से प्रीमियम रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल एवं गुलाब कोल्ड प्रेस्ड ग्राउंडनट ऑयल के नमूने लिये। नमूनों को जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजा जायेगा एवं रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए खाद्य तेलों के 11 नमूने
जानकारी अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार की कार्रवाई में खाद्य तेलों के कुल 11 नमूने जांच के लिये गये। तथा लगभग 10,500 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, अन्य राज्यों एवं प्रदेश के अन्य जिलों से इंदौर में आने वाले खाद्य तेलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मिलावट की रोकथाम तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य तेल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान निरंतर जारी रखा जाएगा।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
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