ट्रम्प से विवाद के बीच मेलोनी UN महासभा नहीं जाएंगी:कहा- बिजी हूं; 15 साल में पहली बार इटली का PM UNGA से दूर
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई लेवल बैठक में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने इसकी वजह बिजी शेड्यूल बताई है। करीब 15 साल बाद पहली बार इटली का प्रधानमंत्री UNGA की सालाना हाई लेवल बैठक में शामिल नहीं होगा। मेलोनी की जगह विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी UNGA में इटली का प्रतिनिधित्व करेंगे। मेलोनी के न्यूयॉर्क नहीं जाने से उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से आमने-सामने मुलाकात भी नहीं होगी। इस साल जून में G7 समिट में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था। ट्रम्प ने कहा था कि मेलोनी उनके साथ फोटो के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने जवाब दिया था, ‘ मुझे इसके लिए गिड़गिड़ाने की जरूरत नहीं हैं।’ ईरान युद्ध में मेलोनी ने ट्रम्प का साथ नहीं दिया ईरान के मुद्दे पर भी ट्रम्प और मेलोनी के रुख में अंतर रहा। मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन नहीं किया था। इसके बाद ट्रम्प ने सार्वजनिक तौर पर उनके रुख की आलोचना की थी। हालांकि, इटली और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग जारी है। इटली NATO का सदस्य है और वहां करीब 13 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। एवियानो, नेपल्स, विसेंजा और सिसिली में अमेरिका के अहम सैन्य ठिकाने भी हैं। ट्रम्प और मेलोनी आखिरी बार G7 में साथ दिखे थे 15-17 जून 2026 को हुए G7 समिट में ट्रम्प और मेलोनी के रिश्तों में सुधार के संकेत दिखे थे। फ्रांस में हुई इस बैठक के दौरान दोनों कई बार साथ नजर आए। एक मौके पर दोनों सोफे पर बैठकर काफी देर तक बातचीत करते भी दिखे। उनकी तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। उस वक्त माना जा रहा था कि मतभेदों के बावजूद दोनों नेताओं के रिश्ते फिर सामान्य हो रहे हैं। हालांकि, ट्रम्प के बयान के बाद दोनों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया था। ट्रम्प पर यूरोप-अमेरिका के रिश्ते बिगाड़ने का आरोप मेलोनी के करीबी सहयोगी और प्रधानमंत्री कार्यालय में अंडरसेक्रेटरी जियोवानबातिस्ता फज्जोलारी ने G7 के बाद ट्रम्प के बयान पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि ट्रम्प जानबूझकर या अनजाने में अमेरिका और यूरोप के पुराने रिश्तों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फज्जोलारी के मुताबिक, ट्रम्प के ऐसे बयानों से पूरे यूरोप में अमेरिका की छवि खराब हुई है। इसका नुकसान आखिरकार अमेरिका को ही उठाना पड़ेगा। ट्रम्प की समर्थक रही हैं मेलोनी BBC के मुताबिक ट्रम्प और मेलोनी के रिश्ते पहले काफी करीबी माने जाते थे। 2025 में ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली वह एकमात्र यूरोपीय नेता थीं। उन्हें यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच ब्रिज के तौर पर भी देखा जाता था। हालांकि, अप्रैल में ईरान युद्ध के दौरान दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास आ गई थी। पोप लियो 14वें की शांति अपील पर ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसका मेलोनी ने विरोध किया था। इसके बाद ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें लगा था कि मेलोनी में साहस है, लेकिन वह गलत थे। मोदी, पुतिन और जिनपिंग भी UNGA में नहीं पहुंचे इस साल मेलोनी अकेली बड़ी नेता नहीं हैं जो UN महासभा से दूर हैं। प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी न्यूयॉर्क नहीं पहुंचे। करीब 130 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख इस बार UNGA की हाई लेवल बैठक में शामिल हो रहे हैं। PM मोदी ने इस साल UNGA में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। वहीं रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव महासभा को संबोधित करेंगे। चीन की ओर से उपराष्ट्रपति प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि, जिनपिंग इस हफ्ते वॉशिंगटन में ट्रम्प से अलग मुलाकात करने वाले हैं। ----------------------
अब मुकेश अंबानी नहीं गौतम अडाणी देश के सबसे अमीर:हुरन लिस्ट में संपत्ति 13% बढ़कर ₹9.23 लाख करोड़ हुई, रोशनी नादर सबसे अमीर महिला
गौतम अडाणी और उनका परिवार देश के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के अनुसार अडाणी परिवार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को पीछे छोड़ दिया है। 23 सितंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडाणी की कुल संपत्ति 13% बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपए हो गई है। वहीं, मुकेश अंबानी की संपत्ति में 10% की गिरावट दर्ज की गई है और वह 8.63 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। इस साल की रिच लिस्ट में 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक संपत्ति वाले 1,810 लोगों को शामिल किया गया है। लिस्ट में शामिल सभी अमीरों की कुल संपत्ति साल-दर-साल 12.8% बढ़कर 187.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। टॉप 3 में एलएन मित्तल की एंट्री, अनिल अग्रवाल 9वें स्थान पर पहुंचे लिस्ट में आर्सेलरमित्तल के एलएन मित्तल और उनके परिवार आठ पायदान ऊपर चढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी संपत्ति 93% बढ़कर 3.39 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यूरोप के स्टील ट्रेड प्रोटेक्शन उपायों और स्टील की बढ़ती कीमतों के कारण उनकी संपत्ति बढ़ी है। वेदांता के अनिल अग्रवाल और उनका परिवार 87% संपत्ति वृद्धि के साथ 2.08 लाख करोड़ रुपए की नेटवर्थ के साथ 9वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स के समीर मेहता और उनका परिवार 52% की बढ़त के साथ 1.89 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति बनाकर पहली बार टॉप 10 में 10वें स्थान पर रहे। पहली बार AI सेक्टर का दबदबा: 19 अमीरों की कुल संपत्ति ₹3.07 लाख करोड़ हुरुन रिच लिस्ट में पहली बार AI को एक अलग सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। AI सेक्टर से 19 अमीरों ने लिस्ट में जगह बनाई है, जिनकी कुल संपत्ति 3.07 लाख करोड़ रुपए है। इनमें से 15 नए नाम हैं जिन्होंने पहली बार इस सूची में शामिल किया है। इन 15 नए AI बिजनेस पर्सन ने 1.82 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति जोड़ी है। लिस्ट में जगह बनाने वालों में कंट्रोल एस डेटासेंटर्स, योट्टा, एस्टेरा लैब्स, पैरेलल वेब सिस्टम्स, सर्वम एआई और इमर्जेंट एआई जैसी कंपनियों के प्रमोटर शामिल हैं। 28 साल के तनय कोठारी और सहज गर्ग लिस्ट में सबसे युवा AI बिजनेसमैन AI क्रांति ने देश में नए और युवा अरबपतियों को जन्म दिया है। एआई कंपनी ‘विस्प्र फ्लो’ के संस्थापक तनय कोठारी और सहज गर्ग लिस्ट में शामिल होने वाले सबसे युवा AI बिजनेस पर्सन बन गए हैं। 28 साल के इन दोनों संस्थापकों में से प्रत्येक की संपत्ति 4,200 करोड़ रुपए आंकी गई है। भारत में रिकॉर्ड 391 डॉलर अरबपति, 5 साल में 154 बढ़े भारत में डॉलर अरबपतियों यानी 1 अरब डॉलर से अधिक संपत्ति वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते एक साल में भारत में 27 नए डॉलर अरबपति जुड़े हैं, जिससे कुल संख्या रिकॉर्ड 391 हो गई है। 5 साल पहले भारत में केवल 237 डॉलर अरबपति थे। अगर पूरी रिच लिस्ट की बात करें, तो इस साल सूची में 128 नए लोग जुड़े हैं, जबकि पिछले 5 सालों में 803 नए नाम इसमें शामिल हुए हैं। खास बात यह है कि इस लिस्ट में 70% यानी 1,266 लोग ऐसे हैं जिन्होंने खुद के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। इंडस्ट्रियल प्रॉडक्ट्स में सबसे ज्यादा अमीर, मुंबई पहले नंबर पर सेक्टर के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा अमीर 'इंडस्ट्रियल प्रॉडक्ट्स' सेक्टर से हैं, जिनकी संख्या 166 है। इसके बाद केमिकल्स सेक्टर से 142 और फार्मास्युटिकल्स (दवा) सेक्टर से 136 लोग इस लिस्ट में शामिल हैं। शहरों की बात करें तो मुंबई अमीरों का पसंदीदा शहर बना हुआ है। मुंबई में सबसे ज्यादा 465 अमीर रहते हैं। दूसरे नंबर पर नई दिल्ली (236) और तीसरे नंबर पर बेंगलुरु (129) है। रोशनी नादर देश की सबसे अमीर महिला, लिस्ट में 131 महिलाएं शामिल इस बार हुरुन रिच लिस्ट में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। सूची में कुल 131 महिलाएं शामिल हैं, जो पिछले साल की 100 महिलाओं के मुकाबले काफी अधिक है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज की रोशनी नादर मल्होत्रा और उनका परिवार 2.79 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ भारत की सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं।
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