Mixer Jar Cleaning: मिक्सर जार में मसाले की गंध नहीं जाएगी? इन आसान तरीकों से करें साफ
Mixer Jar Cleaning: मिक्सर जार में लहसुन, अदरक, गरम मसाला, मिर्च या किसी दूसरी चीज को पीसने के बाद अक्सर उसकी तेज गंध जार में रह जाती है। कई बार सामान्य पानी और डिशवॉश से धोने के बाद भी मसाले की खुशबू पूरी तरह खत्म नहीं होती। ऐसे में अगली बार जब जार में चटनी या कोई दूसरी चीज पीसते हैं तो उसमें पुरानी गंध महसूस हो सकती है।
अगर आपके मिक्सर जार में भी मसालों की तेज महक बनी रहती है तो कुछ आसान घरेलू तरीकों से इसकी सफाई की जा सकती है। नींबू, बेकिंग सोडा और गर्म पानी जैसी आम चीजों की मदद से जार को साफ किया जा सकता है। हालांकि, जार के ब्लेड और इलेक्ट्रिकल बेस को साफ करते समय सावधानी रखना जरूरी है।
सबसे पहले करें सामान्य सफाई
मिक्सर जार को साफ करने से पहले उसमें बचा हुआ मसाला पूरी तरह निकाल लें। इसके बाद जार को सामान्य पानी से अच्छी तरह धोएं। अब थोड़ा सा लिक्विड डिशवॉश और पानी डालकर जार को साफ करें। जार के ब्लेड वाले हिस्से के आसपास सफाई करते समय हाथ सीधे अंदर डालने से बचें, क्योंकि ब्लेड तेज हो सकते हैं।
नींबू से दूर करें मसाले की गंध
नींबू का इस्तेमाल जार की गंध कम करने के आसान तरीकों में से एक है। इसके लिए जार में थोड़ा गुनगुना पानी डालें और उसमें आधा नींबू निचोड़ दें। चाहें तो नींबू के कुछ छिलके भी डाल सकते हैं। जार को कुछ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद इसे साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें।
बेकिंग सोडा से करें सफाई
अगर गंध ज्यादा तेज है तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। जार में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालकर थोड़ा पानी मिलाएं और पेस्ट जैसा बना लें। इसे जार की अंदरूनी सतह पर लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मुलायम स्पंज से साफ करें और पानी से अच्छी तरह धो लें।
सिरके और पानी का घोल भी आएगा काम
मिक्सर जार की गंध कम करने के लिए पानी और सफेद सिरके का हल्का घोल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जार में पानी और थोड़ी मात्रा में सिरका डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। इसके बाद डिशवॉश से जार को दोबारा साफ करके साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। सिरके की अपनी गंध दूर करने के लिए जार को खुला रखकर पूरी तरह सुखाना जरूरी है।
धूप में अच्छी तरह सुखाएं
सफाई के बाद जार को तुरंत बंद करके रखने की बजाय कुछ समय के लिए खुला छोड़ दें। जार के अंदर नमी रहने पर उसमें गंध बनी रह सकती है। जार को अच्छी तरह धोने के बाद सूखे कपड़े से बाहरी हिस्सा पोंछें और उसे पूरी तरह सूखने दें। हालांकि, इलेक्ट्रिक मोटर वाले बेस या किसी भी विद्युत हिस्से पर सीधे पानी न डालें।
अलग-अलग काम के लिए रखें सावधानी
अगर आप मिक्सर जार में अक्सर मसाले, लहसुन या अदरक पीसते हैं तो संभव हो तो अलग जार का इस्तेमाल करें। इससे दूसरे खाद्य पदार्थों में मसालों की गंध आने की समस्या कम हो सकती है। हर इस्तेमाल के बाद जार को तुरंत धोना भी बेहतर रहता है, क्योंकि लंबे समय तक मसाले के अवशेष पड़े रहने से गंध ज्यादा आसानी से बनी रहती है।
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लेखक: (कीर्ति)
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Pain Killer Side Effects: बार-बार दर्द की दवा लेना पड़ सकता है भारी? किडनी और पेट पर हो सकता है असर
Pain Killer Side Effects: दर्द सिर में हो, कमर में या जोड़ों में, तुरंत राहत के लिए पेनकिलर लेना आम आदत बन गई है। सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवा ले लेते हैं। कभी-कभार सही मात्रा में दवा लेना अलग बात है, लेकिन लंबे समय तक या बार-बार दर्द की दवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
खासकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसे कुछ दर्द निवारक दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से पेट और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसका जोखिम उम्र, पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं, दवा की मात्रा और अन्य दवाओं के इस्तेमाल पर भी निर्भर करता है। इसलिए बार-बार होने वाले दर्द को केवल दवा से दबाने के बजाय उसके कारण की जांच कराना जरूरी है।
पेट में हो सकती है परेशानी
कुछ NSAIDs पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक या अधिक मात्रा में इनके इस्तेमाल से गैस्ट्रिक परेशानी, पेट में दर्द, अल्सर या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ सकता है। यदि दर्द की दवा लेने के बाद लगातार पेट दर्द, उल्टी में खून या काले रंग का मल दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
किडनी पर भी पड़ सकता है असर
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुछ दर्द निवारक दवाएं किडनी में रक्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल या ज्यादा मात्रा में लेने पर किडनी को नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है।
जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें दर्द की दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने की स्थिति में भी कुछ NSAIDs का इस्तेमाल जोखिम बढ़ा सकता है।
हर दर्द के लिए एक जैसी दवा नहीं
सिरदर्द, मांसपेशियों का दर्द, चोट, दांत का दर्द या जोड़ों के दर्द के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए हर बार एक ही पेनकिलर लेना उचित नहीं है। यदि दर्द बार-बार हो रहा है या कई दिनों तक बना रहता है तो डॉक्टर से कारण की जांच करानी चाहिए।
कुछ मामलों में दर्द के पीछे सूजन, चोट, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। ऐसे में केवल दर्द कम करने वाली दवा लेने से मूल समस्या का इलाज नहीं होता।
दवा लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
पेनकिलर डॉक्टर की सलाह से और निर्धारित मात्रा में लेना बेहतर है। एक साथ ऐसी कई दवाएं न लें जिनमें समान सक्रिय घटक मौजूद हों। पहले से चल रही दवाओं के बारे में डॉक्टर को जानकारी दें। खासकर बुजुर्गों और किडनी, लिवर, पेट या हृदय की बीमारी वाले लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द की दवा लेने से बचना चाहिए।
अगर दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार लौटता है या दवा लेने के बावजूद ठीक नहीं हो रहा है तो स्वयं दवा दोहराने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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