मोदी का सिंगूर मास्टरस्ट्रोक, ममता के पुराने हथियार से ही TMC को घेरा, 830 करोड़ की सौगात से बंगाल फतह की तैयारी!
पश्चिम बंगाल एक बार फिर चुनाव के मुहाने पर खड़ा है. ममता सरकार के 15 साल के कार्यकाल के सामने भाजपा अपने विकास के एजेंडे को लेकर इस बार मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. केंद्र सरकार ने बंगाल के सिंगूर में अब तक विभिन्न परियोजना के तहत 830 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और पोर्ट प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया है. यह वही सिंगूर जहां पर 2006-2008 में टाटा नैनो कार का प्लांट लगने वाला था. इसके लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण होना था. ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा था. भारी विरोध के बाद टाटा को अपना प्लांट यहां से गुजरात शिफ्ट करना पड़ा था.
34 साल पुरानी वामपंथी सरकार को उखाड़ फेंका था
इस आंदोलन के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल को बड़ी सफलता हासिल हुई. उसने 34 साल पुरानी वामपंथी सरकार को उखाड़ फेंका और 2011 से अब तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज है. मगर अब हालात बदल चुके हैं. अब लोगों को रोजगार, विकास और बेहतर कानून व्यवस्था चाहिए. बंगाल में इन तीन मुद्दों के दम पर भाजपा ने अभी से अपना चुनावी अभियान छेड़ रखा है.
#WATCH | Hooghly, West Bengal: Prime Minister Narendra Modi says, "The Bengali language and literature are very rich, but the Bengali language was granted the status of a classical language only when you formed a BJP government in Delhi (at the Centre)... It is only through the… pic.twitter.com/Iju3XoXDRi
— ANI (@ANI) January 18, 2026
कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास
इस तरह के ममता के हथियार की काट ढूंढ़ ली गई है. जनता के बीच विकास के मुद्दों को सामने रखा जा रहा है. किसानों के लिए लड़कर जिस तरह से ममता ने अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार की थी. वहीं अब दरकती नजर आ रही है. अब राज्य के लोग भाजपा के विकास के सपने संजोने लगे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार दोपहर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पहुंचे. यहां के सिंगूर में उन्होंने कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इस दौरान पीएम मोदी ने दो अलग-अलग जनसभाओं को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को अगर हासिल करना है तो पूर्वी भारत के विकास पर जोर देना होगा. केंद्र सरकार इस दिशा में लगतार काम कर रही है. पीएम मोदी ने ममता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि टीएमसी बंगाल के लोगों से दुश्मनी निकाल रही है. केंद्र की योजनाओं को यहां तक पहुंचने नहीं दे रही है.
#WATCH | Singur, Hooghly: Prime Minister Narendra Modi says, "I am constantly striving to serve Bengal's youth, farmers, mothers, and sisters in every possible way, but the TMC government here does not even allow the central government's schemes to reach you properly... I… pic.twitter.com/KZDXJG0Tc2
— ANI (@ANI) January 18, 2026
बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल में लगी
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता को बढ़ाया है. यहां पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है. सागरमाला योजना के माध्यम से पोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया. यहां पर सड़कों का निर्माण किया. पीएम ने कहा कि टीएमसी बंगाल के लोगों से दुश्मनी निकाल रही है. उनका निरंतर प्रयास रहता है कि बंगाल के नौजवानों, किसानों, माताओं-बहनों की हर संभव सेवा किया जा सके. मगर यहां की टीएमसी सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं को ठीक से पहुंचने ही नहीं देती है. पीएम ने कहा कि टीएमसी तो बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल में लगी है.
ममता सरकार के खिलाफ कई चुनौतियां
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के खिलाफ कई चुनौतियां हैं. ये आने वाले 2026 विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकती हैं. पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति बेहत खराब है. राज्य का जीडीपी में हिस्सा 5.6% है. ये अन्य राज्यों की तुलना में कम है. राज्य में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या की तरह है. कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इसके अलावा राज्य में सांप्रदायिक तनाव अधिक है. अब तक यहां पर कई जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई हैं.
बेटे की आखिरी चीख और पिता की तहरीर, बिल्डर की 'खूनी लापरवाही' के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 इलाके में शुक्रवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
आखिर कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था और विजिबिलिटी बेहद कम थी. इसी कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को सड़क और नाले की सही पहचान नहीं हो सकी. उनकी कार नाले की बाउंड्री तोड़ते हुए सीधे मॉल के बेसमेंट में जा गिरी, जहां पहले से ही काफी गहरा पानी भरा हुआ था.
कार से बाहर निकलने की कोशिश नाकाम
कार के पानी में गिरते ही युवराज मेहता ने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज दबाव के कारण वे कार का दरवाजा नहीं खोल सके. इसी बीच उन्होंने अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन कर बताया कि वे गहरे गड्ढे में गिर गए हैं और पानी में डूब रहे हैं. बेटे की घबराई आवाज सुनकर पिता ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी.
पिता के सामने ही बुझ गई बेटे की सांसें
सूचना मिलने के बाद राज कुमार मेहता खुद घटनास्थल पर पहुंचे. कुछ ही देर में पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं. उस समय युवराज कार के अंदर बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे और मोबाइल टॉर्च जलाकर इशारा कर रहे थे. लेकिन घना कोहरा, अंधेरा और गहरे पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई और युवराज को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका.
कितने बजे की घटना है?
बताया जा रहा है कि रात करीब पौने दो बजे युवराज मेहता कार समेत पानी में डूब गए. पिता के सामने बेटे की तड़पकर हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया. राज कुमार मेहता ने इस हादसे के लिए प्रशासन और संबंधित बिल्डर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है.
बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि निर्माणाधीन मॉल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था.
हजारों लोगों की जान पर खतरा
हादसे वाली जगह के आसपास 50 से अधिक सोसाइटी हैं, जिनमें से 20 से ज्यादा सोसाइटी में हजारों लोग रहते हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि खुले नाले, अधूरी बाउंड्री और जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. हादसे के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में करीब 70 फीट गहरे खाली प्लॉट में मलबा और कूड़ा डालकर उसे भरवा दिया, लेकिन लोगों का सवाल है कि क्या इससे भविष्य में ऐसे हादसे रुक पाएंगे.
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