'स्वस्थ भारत का आधार', आयुर्वेद दिवस पर दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता से लेकर केशव प्रसाद मौर्य तक ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशभर के नेताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा को नमन करते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर सभी नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आयुर्वेद को केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, आयुर्वेद भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा है, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में नई पहचान और नया विस्तार मिला है।
उन्होंने आगे कहा, 11वें आयुर्वेद दिवस पर स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद का संकल्प हमें अपनी इस विरासत को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का और अधिक सशक्त आधार बनाने की प्रेरणा देता है। दिल्ली सरकार आयुर्वेद और आयुष सेवाओं को मजबूत कर इस अमूल्य भारतीय ज्ञान को जन-जन के स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा, समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा ही नहीं, बल्कि निरोगी जीवन, प्रकृति के साथ संतुलन और समग्र स्वास्थ्य की भारतीय जीवनदृष्टि है।
उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान तथा देश का प्रकृति परीक्षण अभियान जैसे प्रयासों के माध्यम से आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। आइए, इस अवसर पर आयुर्वेद की समृद्ध विरासत को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने और स्वस्थ, निरोगी एवं सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प लें।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, आयुर्वेद भारत की समृद्ध चिकित्सा एवं ज्ञान परंपरा है, जो स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित दिनचर्या और प्रकृति के साथ सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त करती है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर इस प्राचीन विरासत को नमन करते हुए, आइए आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने के साथ ही स्वस्थ समाज के निर्माण के संकल्प को सशक्त करें।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने लिखा, आप सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आयुर्वेद हमारी प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ, निरोगी एवं संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने भी संस्कृत श्लोक साझा करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्। मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, आप सभी को आयुर्वेद दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही है। आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ते हुए अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें तथा हमारी गौरवशाली चिकित्सा परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आयुर्वेद दिवस पर नेताओं ने दी शुभकामनाएं, पीएम मोदी ने बताया- स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का माध्यम
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सुभाषित साझा करते हुए आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने सुभाषित संदेश में कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि आइए, अपनी इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और अधिक मजबूत करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक साझा किया - हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्। मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।।
इस श्लोक का हिंदी भावार्थ बताते हुए उन्होंने लिखा कि जिस शास्त्र में यह बताया गया है कि मनुष्य के लिए कैसी जीवनशैली हितकारी है और कैसी अहितकारी है, सुखमय जीवन क्या है और दुःखमय जीवन क्या है, स्वस्थ जीवन और रोगग्रस्त जीवन में क्या अंतर है तथा दीर्घ और स्वस्थ जीवन के लिए किन बातों को अपनाना चाहिए और किनसे बचना चाहिए, साथ ही आयु के स्वरूप और उसके प्रमाण का भी जहां विस्तृत विवेचन किया गया है, उसे आयुर्वेद कहते हैं।
प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्र सरकार के कई मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट कर आयुर्वेद दिवस पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय राज्य आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत की प्राचीन आरोग्य परंपरा को वैश्विक सम्मान मिल रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुर्वेद को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने के संकल्प से आज पूरी दुनिया भारत के इस अनमोल ज्ञान का लोहा मान रही है। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भारतीय आयुर्वेदिक व हर्बल उत्पादों की बढ़ती मांग इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वैश्विक समुदाय वसुधैव कुटुम्बकम् और समग्र आरोग्य की हमारी सोच पर भरोसा जता रहा है। यह बढ़त आत्मनिर्भर भारत के सामर्थ्य को दर्शाती है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, आयुर्वेद दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा और समृद्ध ज्ञान-विरासत में आयुर्वेद का विशेष स्थान है। समग्र स्वास्थ्य, रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित इसकी पद्धति आज भी प्रासंगिक है। आइए, आयुर्वेद की इस अमूल्य विरासत को अपनाएं और स्वस्थ भारत के संकल्प को सशक्त करें।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, आइए, इस शुभ दिन पर हम संकल्प लें कि हम आयुर्वेद को अपनाएंगे, आयुर्वेद को जीवित रखेंगे और आयुर्वेद के लिए जिएंगे। आयुर्वेद भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की वह दिव्य धरोहर है, जो केवल रोगों की औषधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र विद्या है। आइए इस दिवस पर संकल्प लें कि हम आयुर्वेद को अपनी जीवनशैली में अपनाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।
वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देशवासियों को आयुर्वेद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लिखा, आयुर्वेद हमारी प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ, निरोगी एवं संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
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पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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