गोविंदा रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी संग लालबागचा राजा पहुंचे:कुछ देर पहले पत्नी सुनीता अकेले पहुंची थीं; अनन्या पांडे ने पिता के साथ किए दर्शन
गोविंदा मंगलवार शाम रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ मुंबई के लालबागचा राजा पहुंचे। दोनों ने बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दोनों के अफेयर के रूमर्स फिर तेज हो चुके हैं, क्योंकि गोविंदा और रानी से कुछ देर पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। जबकि पिछले साल तक गोविंदा-सुनीता साथ गणेशोत्सव सेलिब्रेट करते आए हैं। दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गोविंदा और कोमल रानी ने पंडाल में प्रसाद चढ़ाया। दोनों ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। पुजारी ने दोनों के माथे पर तिलक लगाया। दर्शन के बाद गोविंदा ने बाहर मौजूद फैंस से हाथ हिलाकर मुलाकात की। देखिए लालबागचा राजा से सेलेब्स की तस्वीरें- गोविंदा और रानी स्वर्णकर से कुछ समय पहले ही सुनीता आहूजा भी लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंची थीं। सुनीता अकेले ही अपनी सिक्योरिटी टीम के साथ पहुंची थीं। ये सेलेब्स भी दर्शन करने पहुंचे- सुनीता का दावा- कोमल रानी से शादी करने वाले थे गोविंदा सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2025 में गोविंदा से तलाक की अर्जी दाखिल की थी, हालांकि 19 अगस्त को उन्होंने अर्जी वापस ले ली है। इस दौरान राखी सावंत से कॉल पर बात करते हुए सुनीता ने दावा किया है कि तलाक के बाद गोविंदा कोमल से शादी करने वाले थे, यही वजह है कि उन्होंने तलाक का केस वापस ले लिया है। सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” 'दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई'- मैनेजर मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा की बेटी टीना ने साल 2015 की फिल्म 'सेकंड हैंड हसबैंड' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। वहीं, बेटे यशवर्धन जल्द फिल्मों में डेब्यू करेंगे। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? पूरी खबर यहां पढ़ें…
SC on Cancer Medicine: कैंसर की दवाओं पर 10 गुना तक मुनाफाखोरी! SC ने कहा- 'यह मरीजों के साथ दिनदहाड़े डकैती है'
देश के भीतर जीवनरक्षक दवाओं की मनमानी कीमतों और फार्मा कंपनियों के साथ-साथ रिटेल नेटवर्क के भारी-भरकम प्रॉफिट मार्जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरा ऐतराज जताया है।
डॉक्टरों द्वारा अनिवार्य रूप से जेनेरिक दवाएं लिखे जाने और सभी मेडिकल डिवाइसेज की अधिकतम कीमतें तय करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने देश में दवाओं के मौजूदा मूल्य नियंत्रण ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
₹2,700 की दवा ₹27,000 में: रिटेलर प्राइस और MRP के अंतर पर सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं के लिए इस प्रकार का असीमित मार्जिन और मनमानी कीमतें कैसे तय होने दी जा सकती हैं।
पीठ में शामिल जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विक्रम नाथ ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण दवाएं रिटेलर को केवल ₹2,700 की कीमत में उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन मरीजों को उनकी अधिकतम खुदरा कीमत के नाम पर ₹27,000 तक का भुगतान करना पड़ता है।
कोर्ट ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाचार मरीजों और उनके परिजनों से इतना अधिक मार्जिन वसूलना पूरी तरह से अमानवीय है और यह मरीजों के साथ सीधे तौर पर दिनदहाड़े डकैती जैसा बर्ताव है।
DPCO के दायरे से 82% दवाएं बाहर: याचिकाकर्ता की मुख्य दलील
मामले में याचिकाकर्ता किशन चंद जैन की ओर से पक्ष रखते हुए अदालत के सामने ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 की खामियों को उजागर किया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि देश में बिकने वाली लगभग 82 प्रतिशत दवाएं मूल्य नियंत्रण की लिस्टेड कैटेगरी में शामिल ही नहीं हैं। इसी वजह से नॉन-लिस्टेड दवाओं की शुरुआती कीमत तय करने और मेडिकल डिवाइसेज पर मूल्य सीमा लगाने की मांग की गई है।
मूल्य नियंत्रण सूची से बाहर होने का सीधा फायदा उठाकर दवा निर्माता कंपनियां और डिस्ट्रीब्यूटर्स अपनी मर्जी से मनचाही MRP तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हो जाते हैं, जिसका अंतिम बोझ मरीज पर पड़ता है।
आम दवाओं और साल्ट मिश्रण में कीमतों की भारी असमानता
अदालत ने सुनवाई के दौरान केवल कैंसर ही नहीं, बल्कि आम बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में मौजूद विसंगतियों का भी विस्तृत जिक्र किया। जस्टिस मेहता ने उदाहरण दिया कि कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने वाली आम स्टैटिन दवा 'रोसुवास' की एक स्ट्रिप की कीमत लगभग ₹214 है, क्योंकि यह DPCO की नियंत्रित सूची में शामिल नहीं है।
वहीं दूसरी ओर, जब इसी 'रोसुवास' दवा में 'एस्पिरिन' का मिश्रण कर दिया जाता है, तो यह DPCO की अनुसूची के तहत आ जाती है और इसकी कीमत घटकर मात्र ₹70 रह जाती है। पीठ ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब साल्ट का मिश्रण बढ़ता है तो नियमत: उसकी कीमत अधिक होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इसके विपरीत स्थिति बनी हुई है जो तंत्र की बड़ी असमानता को दर्शाती है।
केंद्र सरकार और फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री का पक्ष
अदालत के समक्ष इंडियन फार्मास्यूटिकल अलायंस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि खुदरा कीमतों में दिखने वाला यह 10 गुना बड़ा मार्जिन पूरी तरह से दवा कंपनियों की जेब में नहीं जाता है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा डिस्ट्रीब्यूटर्स, स्टॉकिस्ट और रिटेल विक्रेताओं के नेटवर्क में बंटता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की कि उन कीमतों की भी बारीकी से जांच की जानी चाहिए जिन पर दवाएं स्टॉकिस्टों और रिटेलरों को बेची जाती हैं।
इसके जवाब में केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने अदालत को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में आवश्यक नीतिगत सुधारों के लिए तैयार है और प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के जरिए भी सस्ती दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Haribhoomi









