कपड़े फाड़े, बॉडी छुई, चिल्लाती रही लड़की:बीच सड़क पर 3 बार एक जैसी दरिंदगी, जमुई वाले दरिंदों का आगे क्या होगा
सड़क पर लड़की दिखी, दरिंदों ने रास्ता रोक दिया। दोस्त को पीटा, कपड़े फाड़े और रेप की कोशिश की। जहानाबाद से सारण और अब जमुई-जगह बदली, आरोपी बदले, लेकिन दरिंदगी का पैटर्न नहीं बदला। क्या इस बार कुछ बदलेगा, या फिर एक और घटना कुछ दिनों बाद खबरों के ढेर में दब जाएगी, बिहार में कितनी सुरक्षित हैं बेटियां, समझेंगे; बूझे की नाही में। बीच सड़क पर एक जैसी दरिंदगी की 3 घटनाएं 25 अप्रैल 2018। सुबह करीब 9 बजे। जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की कोचिंग से बाहर निकली। तभी अरविंद नाम का युवक बाइक लेकर उसके पास पहुंचा। उसने कहा-'तुम्हारी सहेली बुला रही है।' लड़की सहेली के पास जाने के लिए बाइक पर बैठ गई। लेकिन अरविंद उसे सहेली के पास ले जाने के बजाय घोसी रोड की तरफ भरथुआ के आगे एक सुनसान रास्ते पर ले गया। कोर्ट में पीड़िता ने बताया कि वहां अरविंद ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी, उसकी सलवार फाड़ दी और उसके साथ गलत हरकत की। इसके बाद वहां 8-9 और लड़के पहुंच गए। पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने भी उसके साथ छेड़छाड़ की, कपड़े फाड़े और उसके साथ रेप का प्रयास किया। इसी दौरान घटना का वीडियो भी बनाया गया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़िता के मुताबिक, उसकी चीख सुनकर पास में भैंस चरा रहा एक व्यक्ति वहां पहुंचा। उसने उसे बचाया। इसके बाद अरविंद उसे बाइक पर बैठाकर बैरागीबाग ले गया, जहां उसने कपड़े बदले और फिर उसे घर के पास छोड़ दिया। जाते-जाते धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो जान से मार देगा। डर और शर्म की वजह से पीड़िता ने शुरुआत में परिवार को कुछ नहीं बताया। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के करीब 3-4 दिन बाद पुलिस उसके घर पहुंची। पुलिस को उसने पूरी घटना बताई और फिर अपने माता-पिता को भी जानकारी दी। वीडियो ने खोला पूरा राज 29 अप्रैल 2018 की सुबह करीब 7:25 बजे पुलिस अधिकारी श्याम सुंदर सिंह के मोबाइल पर एक वीडियो आया। वीडियो में कुछ लोग एक लड़की के कपड़े उतारकर उसके साथ रेप का प्रयास करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में घटनास्थल पर पड़ी एक बाइक भी दिख रही थी। पुलिस ने वीडियो को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। जांच में पुलिस ने वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान के लिए अपने सूत्रों की मदद ली। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, कुल 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें 11 नाबालिग थे। जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों के कपड़े, मोबाइल और दूसरी चीजें जब्त कीं। पुलिस के मुताबिक, घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया था। वायरल वीडियो और जब्त सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजा गया। जांच में घटनास्थल की पहचान नहर के पूर्वी छोर कंकड़ बीघा की ओर जाने वाले ईंट के खरंजा रास्ते के रूप में की गई। पुलिस को वहां से पीड़िता के कपड़ों से फटा हुआ एक फीता भी मिला। बाद में पीड़िता की फटी शमीज भी जब्त की गई। मेडिकल जांच में क्या मिला? 30 अप्रैल 2018 को पीड़िता की मेडिकल जांच हुई। डॉक्टरों ने उसके शरीर पर बाएं गाल, कान, दाहिनी बांह-कोहनी और बाएं टखने के पीछे चोट के निशान पाए। दोनों दोषियों को 10-10 साल की सजा 27 सितंबर 2021 की दोपहर करीब 3 बजे। सारण के दरियापुर थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मण चौक के पास एक सुनसान सड़क पर स्थानीय मनचलों ने एक महिला और पुरुष को घेर लिया। इसके बाद 6 मनचलों ने महिला के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। महिला चिल्लाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी साड़ी खींची, उसके साथ अश्लीलता की और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वारदात के बाद कई दिनों तक मामला दबा रहा। लेकिन 5 अक्टूबर को मनचलों द्वारा बनाया गया यह अमानवीय वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वीडियो वायरल होते ही सारण पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने वीडियो का वेरिफिकेशन किया और महज 8 घंटे के भीतर घटनास्थल की पहचान दरियापुर के लक्ष्मण चौक के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और कुल 6 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया। इस केस में अब तक किसी को सजा नहीं हुई है। मामला ट्रायल में है। जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। उसने मंगलवार को पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित बच्चे 10वीं क्लास में पढ़ते हैं। शनिवार को ट्यूशन के बाद दोनों जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और इसके बाद ये घटना हुई। बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गई। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। प्राइवेट पार्ट टच किया दोनों स्टूटेंड्स के साथ करीब 1 घंटे तक अभद्रता की गई। इस दौरान दोनों ने भागने के लिए कई बार संघर्ष किया। इस दौरान नंदन छात्रा का पीछा करता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है। जमुई कांड के आरोपियों को कितनी सजा होगी जमुई बदसलूकी और वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने जमुई थाना कांड संख्या 428 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों पर BNS की धारा 74, 75, 76 एवं अन्य संबंधित गंभीर धाराएं लगी हैं। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 लगी है। अगर कोर्ट में इन धाराओं के तहत आरोप साबित हुए तब… 2 कारणों से बिहार के लिए चिंताजनक हालात 1. रोज 7 लड़कियों से रेप, राजधानी सबसे असुरक्षित बिहार पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च तक मासूम बच्चियों, नाबालिग, युवतियों और महिलाओं से रेप के 653 केस दर्ज हुए हैं। मतलब हर महीने 218 केस। यानी हर दिन 7 रेप। इसमें फरवरी तक 388 केस 18 से कम उम्र की मासूमों के साथ रेप के हैं। जबकि, मार्च तक 265 केस 18 से अधिक उम्र वालों के साथ रेप के केस दर्ज किए गए हैं। अगर सालभर के आंकड़ों को देखें तो पिछले तीन सालों से लगातार रेप के केस बढ़ रहे हैं। 2023 में कुल 3089 केस दर्ज हुए। इसके बाद 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3248 पहुंच गया। फिर 2025 में बिहार के अंदर रेप का आंकड़ा और बढ़ा, कुल 3,341 केस दर्ज हुए। रेप के मामले में टॉप पर राजधानी पटना रेप जैसे संगीन मामले में पूरे बिहार में पटना टॉप पर है। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, 2023 से 2025 तक सिर्फ पटना जिले में कुल 887 रेप के केस दर्ज किए गए हैं। इसी कतार में भागलपुर, बेतिया, नालंदा और पूर्णिया जिला भी शामिल है। इन जिलों में 18 से कम और इससे अधिक उम्र की मासूम लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं काफी हुई हैं। 2. बिहार में सबसे ज्यादा बढ़ रहे किशोरों के अपराध राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)- 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार 2024 में नाबालिगों (किशोरों) के अपराध के मामलों में देश में टॉप पर रहा। 2024 में 5,037 मामले सामने आए, जिसमें आरोपी किशोर थे। मतलब जेन-Z।
रिलेशनशिप एडवाइज- मेरे होने वाले पति डिवोर्सी हैं:उन्होंने अपनी एक्स वाइफ को भी हमारी शादी में इनवाइट किया है, क्या ये नॉर्मल है?
सवाल- मेरी उम्र 43 साल है और जल्दी ही मैं शादी करने वाली हूं। जिनसे शादी हो रही है, वो डिवोर्सी हैं। मुझे यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ कि हमारी शादी का इनविटेशन उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी को भी भेजा है। उनके बीच अभी भी बात होती है। मैं समझती हूं कि उनका एक बेटा है और वो साथ मिलकर को-पेरेंटिंग कर रहे हैं। लेकिन वो एक-दूसरे से कुछ ज्यादा ही गर्मजोशी से मिलते हैं। मानो उनके बीच कोई झगड़ा ही न हो। अगर सबकुछ इतना अच्छा था तो फिर डिवोर्स ही क्यों हुआ? कहीं ऐसा तो नहीं कि वो दोनों अब भी साथ हैं। मैं क्या करूं? एक्सपर्ट– डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा आपकी चिंता समझ में आती है। शादी से ठीक पहले अगर होने वाला पार्टनर अपनी पूर्व पत्नी के साथ काफी सहज और गर्मजोशी से मिलता-जुलता दिखे, तो मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। लेकिन अभी सिर्फ इस आधार पर यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि दोनों फिर से साथ हैं। डिवोर्स का मतलब यह नहीं होता कि दो लोग हमेशा एक-दूसरे से नफरत करें। खासकर तब, जब उनका एक बच्चा है और दोनों साथ मिलकर को–पेरेंटिंग कर रहे हैं। इसलिए बच्चे की पढ़ाई, स्वास्थ्य, छुट्टियों और दूसरी जरूरतों के लिए दोनों को संपर्क में रहना पड़ सकता है। इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि वे आपस में बात क्यों करते हैं। असली सवाल ये है कि वे किस तरह की बात करते हैं और उनके रिश्ते की सीमाएं क्या हैं। ये सिर्फ आपका शक है, फैक्ट नहीं सबसे पहले आपको दोनों चीजों के फर्क को समझने की जरूरत है। आपने देखा कि दोनों गर्मजोशी से मिलते हैं। यह एक तथ्य है। लेकिन “शायद वे अब भी साथ हैं” यह सिर्फ एक आशंका है। दोनों के बीच अंतर करना बहुत जरूरी है। जब हमें रिश्ते को लेकर डर होता है, तो दिमाग अधूरी जानकारी को अपने डर के हिसाब से जोड़ने लगता है। इसलिए आप खुद से पूछें- इसलिए सिर्फ मुस्कुराकर बात करना, अपनी शादी में इनवाइट करना या बच्चे से जुड़े कार्यक्रमों में साथ दिखना अपने आप में भावनात्मक रिश्ते का प्रमाण नहीं है। शादी से पहले एक जरूरी बातचीत करें हालांकि आपके मन में जो सवाल उठ रहे हैं, उसे दबाकर रखना ठीक नहीं है। इसलिए अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। लेकिन सिर्फ बात करें, कोई आरोप न लगाएं। आप कह सकती हैं— “मैं बच्चे के साथ तुम्हारे रिश्ते का सम्मान करती हूं। मुझे तुम्हारा को-पेरेंटिंग करना भी समझ में आता है। लेकिन अपनी पूर्व पत्नी के साथ तुम्हारा रिश्ता देखकर मेरे मन में कुछ सवाल हैं। मैं शादी से पहले इन्हें स्पष्ट करना चाहती हूं।” इसके बाद कुछ सीधे सवाल पूछें। याद रखें, ये सवाल पूछने का मकसद जासूसी करना नहीं है। आप यह समझना चाहती हैं कि जिस रिश्ते में प्रवेश करने जा रही हैं, उसमें पुराने रिश्ते की जगह क्या है। डिवोर्स की वजह जानना क्यों जरूरी? आपका ये सवाल है कि “अगर सब इतना अच्छा था तो डिवोर्स क्यों हुआ?” यह सवाल वाजिब है। लेकिन इसका जवाब हमेशा सीधा नहीं होता। कई शादियां इसलिए टूटती हैं क्योंकि पति-पत्नी की प्राथमिकताएं अलग हो जाती हैं। कहीं लंबे समय तक मतभेद होते हैं। कहीं भरोसे की समस्या होती है। कहीं दोनों समझ जाते हैं कि वे साथ रहकर खुश नहीं हैं। हर शादी हमेशा सिर्फ इसलिए नहीं टूटती कि दोनों एक–दूसरे के दुश्मन हो गए थे। कई बार लोग एक–दूसरे के लिए सही मैच नहीं होते। इसलिए भी वे आपसी रजामंदी से अपने रास्ते अलग कर लेते हैं। डिवोर्स के बाद दोनों के बीच झगड़े खत्म हो जाना इस बात का प्रमाण नहीं है कि शादी के समय भी रिश्ता अच्छा था। इसलिए उनसे उनके अतीत की पूरी कहानी जानने की कोशिश करें। लेकिन उनकी पूर्व पत्नी से पूछताछ करने या उसके सोशल मीडिया की निगरानी करने से बचें। असली जवाब उनके व्यवहार में मिलेगा उनकी बात सुनने के साथ उनका व्यवहार भी देखें। जैसेकि– आपको सिर्फ एक घटना नहीं देखनी है। व्यवहार का पैटर्न देखना है। इनमें से कोई एक बात अपने आप में यह साबित नहीं करती कि दोनों फिर से साथ हैं। लेकिन कई संकेत लगातार दिखाई दें, तो बातचीत जरूरी है। इन सच्चाइयों का स्वीकार जरूरी इस शादी में सिर्फ एक पुरुष और एक महिला नहीं जुड़ रहे हैं। एक बच्चा भी इस रिश्ते का हिस्सा होगा। इसका मतलब है कि पूर्व पत्नी आपके होने वाले पति की जिंदगी से पूरी तरह बाहर नहीं जाएंगी। बच्चे के कारण उनका संपर्क लंबे समय तक बना रह सकता है। इस वास्तविकता को शादी से पहले स्वीकार करना जरूरी है। अंत में सबसे जरूरी बात आपको अपने होने वाले पति की पूर्व पत्नी से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी है। आपको यह भी साबित नहीं करना है कि आप उनसे बेहतर हैं। आपको सिर्फ यह समझना है कि क्या आपका पार्टनर पुराने रिश्ते की जिम्मेदारियों और अपने नए रिश्ते के बीच स्वस्थ सीमा बना पा रहा है। इसलिए स्पष्ट बातचीत करें। फैसला डर के आधार पर नहीं, स्पष्टता के आधार पर लें। ………………………. ग्राफिक- विपुल शर्मा ……………………….. ये खबर भी पढ़ें… रिलेशनशिप एडवाइज- क्या पार्टनर का फोन चेक करना गलत है:मुझे हसबैंड पर शक है, क्या चुपके से उनका फोन खोलकर देख लूं, क्या करूं पार्टनर के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो मन में शक पैदा होना स्वाभाविक है। ये बातें असुरक्षा बढ़ा सकती हैं। ऐसे में फोन चेक करके सच जानने की इच्छा होना भी स्वाभाविक है।लेकिन मेरा सुझाव है कि शक होते ही उसे सच मान लेना ठीक नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
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