Car Care Tips: कार का इंजन क्यों हो जाता है सीज? इन गलतियों से बढ़ता है खतरा, ऐसे करें बचाव
Car Care Tips: भारत में रोजाना बड़ी संख्या में कारों में किसी न किसी तरह की खराबी आती है। इनमें कुछ ऐसी कारें भी होती हैं जो ज्यादा पुरानी नहीं होतीं, लेकिन लापरवाही के कारण उनका इंजन सीज हो जाता है। इंजन सीज होने के बाद कार को ठीक करवाने में काफी समय और हजारों रुपये तक का खर्च आ सकता है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इंजन को इस तरह की परेशानी से बचाया जा सकता है।
इंजन सीज होने पर होता है बड़ा नुकसान
कार के इंजन की सही तरह से देखभाल न करने पर धीरे-धीरे उसमें खराबी आने लगती है। अगर लंबे समय तक जरूरी सर्विस और मेंटेनेंस को नजरअंदाज किया जाए तो इंजन सीज होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में इंजन की मरम्मत काफी महंगी हो सकती है और कार कई दिनों तक गैराज में खड़ी रह सकती है।
सही इंजन ऑयल का करें इस्तेमाल
इंजन को सीज होने से बचाने के लिए सही ग्रेड और अच्छी क्वालिटी के इंजन ऑयल का इस्तेमाल करना जरूरी है। इंजन ऑयल कम होने या गलत ग्रेड का ऑयल इस्तेमाल करने से इंजन के अंदर के पार्ट्स को पर्याप्त लुब्रिकेशन नहीं मिल पाता। इससे घर्षण और गर्मी बढ़ सकती है और इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
कार के लिए कौन सा इंजन ऑयल सही है, इसकी जानकारी कंपनी की ओर से दी गई मैनुअल में मिलती है। इसलिए कुछ पैसे बचाने के लिए इंजन ऑयल की क्वालिटी से समझौता नहीं करना चाहिए।
समय पर करवाएं कार की सर्विस
इंजन को लंबे समय तक सही रखने के लिए कार की सर्विस समय पर करवाना भी जरूरी है। सर्विस के दौरान इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर और दूसरे जरूरी पार्ट्स की जांच की जाती है। अगर सर्विस को लंबे समय तक टाला जाए तो छोटी समस्या भी बड़ी खराबी में बदल सकती है।
इंजन के तापमान पर रखें नजर
लंबे सफर के दौरान इंजन का तापमान बढ़ना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ओवरहीटिंग की स्थिति में लगातार कार चलाने से इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
अगर सफर के दौरान तापमान बढ़ने की चेतावनी मिले या इंजन ओवरहीट होने के संकेत दिखें तो सुरक्षित जगह पर कार रोककर उसे ठंडा होने देना चाहिए। साथ ही जरूरत पड़ने पर मैकेनिक से इसकी जांच करवानी चाहिए।
इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल जांचें
कार चलाने से पहले समय-समय पर इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल भी चेक करना चाहिए। इनका लेवल कम होने पर इंजन का तापमान बढ़ सकता है और इसके पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है। नियमित जांच से ऐसी समस्या को समय रहते पहचाना जा सकता है।
(मंजू कुमारी)
Electric Van: किआ पीवी7 इलेक्ट्रिक वैन में मिलेगी 460 KM की रेंज, जानें फीचर्स
Electric Van: किआ ने हल्के कमर्शियल व्हीकल यानी एलसीवी सेगमेंट पर फोकस बढ़ाते हुए अपनी नई पीवी7 इलेक्ट्रिक वैन पेश की है। कंपनी की यह वैन वर्ष 2025 में पेश की गई पीवी5 के बाद लाइनअप में शामिल हुई है। पीवी7 को पीवी5 की तुलना में ज्यादा बड़ा और ज्यादा क्षमता वाला मॉडल बनाया गया है। आने वाले वर्षों में कंपनी इसके कुल 23 वेरिएंट पेश करने की योजना बना रही है।
स्पेस और पेलोड क्षमता
किआ पीवी7 का कार्गो वर्जन अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से उपलब्ध होगा। लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन में स्टैंडर्ड रूफ के साथ करीब 6 घन मीटर का कार्गो स्पेस मिलता है। वहीं, हाई-रूफ वर्जन में यह क्षमता बढ़कर 8 घन मीटर हो जाती है।
इसके स्टैंडर्ड वर्जन की पेलोड क्षमता 1,200 किलोग्राम है, जबकि लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन करीब 1,165 किलोग्राम तक वजन ले जा सकता है।
पैसेंजर वर्जन में 11 सीट तक
पीवी7 का पैसेंजर वर्जन भी अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया जाएगा। इसका इस्तेमाल कमर्शियल काम के साथ-साथ परिवार और यात्रियों की आवाजाही के लिए भी किया जा सकता है। यूरोपीय बाजार में इसके पैसेंजर वर्जन में 9 सीट तक, जबकि दक्षिण कोरियाई बाजार में 11 सीट तक की क्षमता होगी। इसमें अलग-अलग सीटिंग कॉन्फिगरेशन मिलेंगे और कुछ वेरिएंट में सीटों को हटाने की सुविधा भी दी जाएगी।
एडवांस फीचर्स और बड़े डिस्प्ले
फीचर्स की बात करें तो किआ पीवी7 में कंपनी का प्लियोस कनेक्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इसके अलावा वैन में ओटीए अपडेट, ओपन ऐप मार्केटप्लेस और जीलियो एआई वॉयस असिस्टेंट जैसे फीचर्स भी मिलेंगे। इसमें 12.9 इंच और 14.6 इंच के डिस्प्ले विकल्प दिए गए हैं।
800 वोल्ट आर्किटेक्चर से होगी फास्ट चार्जिंग
पीवी5 में 400 वोल्ट आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है, जबकि पीवी7 को ज्यादा एडवांस 800 वोल्ट इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर के साथ तैयार किया गया है। इसका फायदा तेज चार्जिंग के रूप में मिलेगा। कंपनी के मुताबिक, 350 किलोवाट डीसी फास्ट चार्जर से पीवी7 को करीब 25 मिनट में 10 से 80 फीसदी तक चार्ज किया जा सकता है।
एक खास बात यह भी है कि पीवी7 में आगे और पीछे दोनों तरफ चार्जिंग पोर्ट दिए गए हैं। फ्रंट पोर्ट से एसी और डीसी दोनों तरह की चार्जिंग की जा सकती है, जबकि रियर पोर्ट केवल एसी चार्जिंग को सपोर्ट करता है।
बैटरी और 460 किलोमीटर तक की रेंज
लॉन्च के समय किआ पीवी7 को फ्रंट-व्हील ड्राइव कॉन्फिगरेशन में पेश किया जाएगा। इसके बाद ऑल-व्हील ड्राइव वर्जन भी लाइनअप में शामिल किया जा सकता है। फ्रंट-व्हील ड्राइव वर्जन 200 किलोवाट की पावर और 420 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
बैटरी पैक के लिए 71.5 किलोवाट-घंटा और 96.2 किलोवाट-घंटा के विकल्प मिलेंगे। बड़े 96.2 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक के साथ पीवी7 कार्गो वर्जन की रेंज करीब 460 किलोमीटर (डब्ल्यूएलटीपी) बताई गई है। इस तरह ज्यादा स्पेस, बेहतर पेलोड क्षमता और तेज चार्जिंग के साथ पीवी7 कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में किआ की स्थिति को मजबूत कर सकती है।
(मंजू कुमारी)
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