भारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरा वनडे : गिल ने टॉस जीतकर लिया गेंदबाजी का फैसला, टीम इंडिया में एक बदलाव
इंदौर, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।
भागवत बोले- धर्म ही मुझे और मोदी को चला रहा:जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करेगा, देश विश्वगुरु बना रहेगा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) चीफ मोहन भागवत ने कहा कि धर्म ही मुझे और नरेंद्र मोदी को धर्म ही चला रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को कंट्रोल करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है। जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा, वह विश्वगुरु बना रहेगा। भागवत ने ये बातें रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में RSS के शताब्दी वर्ष को लेकर आयोजित जनसभा में कहीं। भागवत की स्पीच की 5 बड़ी बातें… मोहन भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 17 जनवरी: इंटरनेशनल ट्रेड किसी दबाव में नहीं होगा:कोई देश टैरिफ लगाता रहे, भारत आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलेगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने लोगों से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी (लोकल) सामान के इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा कि जहां तक हो सके, देश में बना हुआ सामान ही खरीदें> महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक हिंदू सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत इंटरनेशनल ट्रेड कर रहा है, लेकिन किसी देश के दबाव में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई देश टैरिफ लगाए या दबाव बनाए, भारत ने आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुन लिया है और उसी पर चलना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 जनवरी: RSS बदला नहीं है:समय के साथ अपने स्वरूप सामने ला रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 11 जनवरी को कहा कि संघ बदला नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे विकसित हो रहा और समय के साथ उसका स्वरूप सामने आया है। उन्होंने कहा कि लोग इसे बदलाव के रूप में देख रहे हैं, जबकि मूल विचार और चरित्र वही है। पूरी खबर पढ़ें… 21 दिसंबर: संघ को BJP के चश्मे से देखना गलत, एक्सरसाइज करने का मतलब हमला की योजना बनाना नहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में कहा कि संघ को BJP के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है। संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है। भागवत ने कहा कि बहुत से लोगों की प्रवृत्ति रहती है कि संघ को BJP के चश्मे से समझना। यह बहुत बड़ी गलती होगी। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… ---------- ये खबर भी पढ़ें… लिव-इन पर भागवत बोले: आप जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं, ये ठीक बात नहीं; शादी सिर्फ शारीरिक संतुष्टि नहीं, इसकी आदर्श उम्र 19-25 साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है। भागवत ने आगे कहा कि परिवार वह जगह है जहां एक व्यक्ति समाज में रहना सीखता है। लोगों के मूल्य वहीं से आते हैं। उन्होंने 22 दिसंबर को कोलकाता में RSS के कार्यक्रम में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
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