Amethi में रोडवेज बस और कार की टक्कर में दो व्यक्तियों की मौत, 10 अन्य घायल
अमेठी जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र में रविवार को रोडवेज बस और कार में भीषण टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए कहा कि घायलों में से चार की हालत गंभीर है।
पुलिस के मुताबिक हादसा गौरीगंज थाना क्षेत्र के रायबरेली-सुल्तानपुर राजमार्ग के बनी बाबूगंज सगरा के पास हुआ, जहां घने कोहरे के चलते रोडवेज बस और कार में आमने-सामने की टक्कर हो गई।
हादसे में गौरीगंज के अन्नी बैजल निवासी कार सवार दीपक सिंह (45)व कौशांबी निवासी ऋतुराज यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में 10 लोग घायल हो गए हैं जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय गौरीगंज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
थाना गौरीगंज के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ)श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि सभी घायलों को जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि चार को गंभीर चोटें आई हैं। एसएचओ ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
Kerala के इरिट्टी में बर्ड फ्लू का अलर्ट, एक कौवा मरा
कन्नूर जिले में इरिट्टी के एदक्कनम क्षेत्र में ‘एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा’ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है और कौवों में इसका संक्रमण होने का पता चला है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अब तक घरेलू पक्षियों में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है और इस स्तर पर पक्षियों को मारने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि एच5एन1 बीमारी की सूचना के मद्देनजर जिलाधिकारी अरुण के. विजयन ने क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी किया और प्राधिकारियों को इलाके में एहतियातन कदम उठाने का निर्देश दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रोग की पुष्टि ‘कन्नूर रीजनल डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी’ के उप निदेशक ने की। बयान में हालांकि कहा गया कि अब तक घरेलू पक्षियों में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है।
जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सा अधिकारी और स्थानीय स्वशासन विभाग के संयुक्त निदेशक को इरिट्टी नगरपालिका एवं आसपास के क्षेत्रों में वायरस के संक्रमण को फैलने को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संक्रमण केवल एक कौवे में पाया गया है, इसलिए कोई प्रकोप या निगरानी क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है और पक्षियों को मारने की कोई आवश्यकता नहीं है।
बयान में कहा गया कि यदि मृत पक्षी मिलते हैं तो सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाते हुए नगरपालिका के लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें कैल्शियम कार्बोनेट के साथ पर्याप्त गहराई पर दफनाया जाएगा। इस निपटान प्रक्रिया में शामिल कर्मियों को दस्ताने, मास्क और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनने का निर्देश दिया गया है।
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