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ऑस्कर के लिए ‘धुरंधर’ भारत की एंट्री क्यों नहीं बनी?:ज्यूरी मेंबर विवेक वासवानी बोले- फिल्म में भारतीय संस्कृति और परंपरा दिखनी चाहिए थी

मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ा। भारत की ऑस्कर एंट्री चुनने वाली फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की 14 सदस्यीय ज्यूरी में ‘धुरंधर’ को सिर्फ 4 वोट मिले। ज्यूरी सदस्य विवेक वासवानी ने यह जानकारी दी। NDTV से बातचीत में वासवानी ने कहा कि कुछ लोगों को फिल्म पसंद आई, लेकिन ज्यूरी को यह ऑस्कर के लायक नहीं लगी। ज्यूरी ऐसी फिल्म चुनना चाहती थी, जो भारतीय संस्कृति को अलग और असरदार तरीके से दिखाए। रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ सीरीज में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसका निर्देशन आदित्य धर ने किया था। फिल्म के दोनों ही पार्ट ब्लॉकबस्टर साबित हुए। 14 सदस्यीय ज्यूरी ने किया फैसला फिल्म के चयन के लिए FFI ने ज्यूरी बनाई थी। इसमें पी शेषाद्री, विजय पाटकर, हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, नरसिम्हा नंदी, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी शामिल थीं। 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’ मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। वासवानी ने बताया कि ऑस्कर के लिए फिल्म चुनते समय ज्यूरी को साफ निर्देश दिए गए थे। फिल्म में भारतीय संस्कृति और परंपरा इस तरह दिखनी चाहिए, जिससे उसे दुनियाभर के दर्शक भी समझ और पसंद कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘गोंधल’ इस मामले में अलग थी। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के एक गांव में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं पर आधारित है। इसमें सस्पेंस और मर्डर की कहानी के साथ पूरी रात चलने वाला गोंधल उत्सव भी दिखाया गया है। इस दौरान संगीत और डांस कहानी का हिस्सा बने रहते हैं। वासवानी के मुताबिक, फिल्म में भारतीय संस्कृति और सस्पेंस का यह मेल उसे खास बनाता है। उन्होंने फिल्म के संगीत का भी जिक्र किया। इसमें संगीतकार इलैयाराजा ने संगीत दिया है। इस बार फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के पास अलग-अलग भाषाओं की कुल 33 फिल्में भेजी गई थीं। इनमें 14 हिंदी, 4-4 मराठी, तेलुगु और गुजराती, 3 तमिल और 1-1 मलयालम व नागामी फिल्म शामिल थीं। फाइनल में ‘गोंधल’, ‘आंघ’ और ‘मैं वापस आऊंगा’ पहुंची थीं। इनमें से ‘गोंधल’ को चुना गया। बता दें कि ‘आंघ’ को 14 में से 11 वोट मिले, वहीं ‘गोंधल’ को सभी 14 सदस्यों के वोट मिले। साइकोलॉजिकल थ्रिलर है ‘गोंधल’ फिल्म का ‘गोंधल’ लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहणी, निषाद भोईर और सुरेश विश्वकर्मा मुख्य भूमिका में हैं। संगीत इलैयाराजा ने दिया है। निर्देशक संतोष डावखर को 2025 के IFFI में बेस्ट डायरेक्टर का सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिल चुका है। 2 घंटे की यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित है। कहानी नवविवाहित आनंद और सुमन के घर होने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। गांव के पाटिल का बेटा सरजेराव, जो सुमन से शादी न हो पाने के कारण नाराज था, इस शादी को स्वीकार नहीं कर पाता और धीरे-धीरे यह पवित्र अनुष्ठान एक क्राइम और सस्पेंस ड्रामा में बदल जाता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले- ये गर्व का पल मराठी फिल्म गोंधल के ऑस्कर में भेजे जाने पर महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे गर्व का पल कहा है। उन्होंने लिखा, ‘मराठी सिनेमा के लिए गर्व का पल। निर्देशक संतोष डावखर की मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है। महाराष्ट्र की समृद्ध लोक परंपराओं और संस्कृति से जुड़ी यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। ‘गोंधल’ की पूरी टीम को हार्दिक बधाई। महाराष्ट्र की मिट्टी से जुड़ी यह कहानी वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचे, हमारी ओर से पूरी टीम को ढेरों शुभकामनाएं।’ ‘गोंधल’ के लिए महाराष्ट्र सरकार से मदद की अपील इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्म ‘गोंधल’ के ऑस्कर कैंपेन के लिए आर्थिक और संस्थागत मदद की अपील की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंडित ने कहा कि ‘गोंधल’ का भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री चुना जाना महाराष्ट्र और मराठी सिनेमा के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऑस्कर में चयन के बाद फिल्म की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पब्लिसिटी, स्क्रीनिंग, प्रमोशन, पीआर, यात्रा और नेटवर्किंग जैसी कई गतिविधियां करनी होती हैं। इन पर काफी खर्च आता है। छोटे बजट की फिल्मों के सामने अक्सर पैसों की कमी बड़ी चुनौती बन जाती है। एसोसिएशन ने सरकार से ‘गोंधल’ की पूरी ऑस्कर कैंपेन प्रक्रिया में आर्थिक सहयोग देने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और ऑस्कर वोटर्स तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। पिछले साल ‘होमबाउंड’ भारत की ऑस्कर एंट्री थी पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। पिछली बार ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत 6 अवॉर्ड जीते थे 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड जीते थे। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी. जॉर्डन को बेस्ट एक्टर और ‘हेमनेट’ के लिए जेसी बकले को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। ‘सिनर्स’ को सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन फिल्म ने 4 अवॉर्ड जीते थे। वहीं, भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की दो डॉक्यूमेंट्री नॉमिनेट हुईं। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरी बार ऑस्कर में प्रेजेंटर की भूमिका निभाई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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जूबीन गर्ग के निधन के एक साल:पत्नी गरिमा बोलीं- वो हर जगह दिखते हैं, सिंगापुर में क्या हुआ, इसका जवाब चाहिए, न्याय किसके लिए

असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर उनकी पत्नी गरिमा ने न्याय की मांग की है। मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था। वह एक कॉन्सर्ट के लिए गए थे। मौत के बाद 7 लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। उनकी पहली बरसी पर कई चाहनेवाले उनके घर पहुंच रहे हैं। इस पर उनकी पत्नी ने कहा है कि परिवार और असम के लोग अब भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई। गरिमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में असल में में क्या हुआ था। मैं उन्हें हर जगह देखती हूं। जिस तरह लोग यहां आए हैं, वे किसी की जाति, धर्म या विचारधारा को नहीं देख रहे हैं। वे इंसान बनकर आए हैं।” असम सरकार ने सिंगापुर में उनकी मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। केस अदालत में आगे बढ़ रहा है। असम सरकार ने कहा है कि जांच का मकसद जुबीन की सिंगापुर में मौत से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाना है। न्याय की मांग पर गरिमा ने कहा, “हम सभी जुबीन गर्ग के लिए न्याय चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था। हम अब भी उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हमें न्याय मिलना चाहिए। अगर जुबीन के लिए न्याय नहीं है, तो फिर किसके लिए है?” फैंस ने मना रहे हैं जुबीन दिवस जुबीन गर्ग की पहली बरसी को उनके फैंस जुबीन दिवस के रूप में मना रहे हैं। 17 सितंबर से शुरू हुआ तीन दिवसीय जुबीन दिवस संगीत, प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। कामारकुची स्थित स्मारक पर प्रशंसकों की भीड़ जुटी। स्मारक को फूलों और गमोसों से सजाया गया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए इंतजाम किए गए थे। यह कार्यक्रम शनिवार को यानी आज खत्म होगा। देखिए जुबीन गर्ग दिवस की चुनिंदा तस्वीरें- पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी, सिंगापुर पुलिस बोली- मौत डूबने से हुई सिंगर जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को हुआ। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में परफॉर्म करना था। परफॉर्मेंस से जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी डूबने से उनकी मौत हो गई थी। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन गर्ग के निधन के बाद असम में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा समेत घटना के वक्त उनके साथ मौजूद सभी लोगों और इवेंट मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। शिकायत होने के बाद सिंगर की पत्नी गरिमा ने सिंगर के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से रोते हुए एक वीडियो जारी कर मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत वापस लिए जाने की अपील की है। कुछ समय बाद जुबीन की पत्नी ने हत्या का शक जताते हुए जांच की मांग की। शिकायत होने के बाद जुबीन के साथ यॉट में मौजूद दोस्तों और इवेंट ऑर्गेनाइजर की गिरफ्तारी हुई। दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को विधानसभा में कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। वे दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे। असम पुलिस के साथ-साथ सिंगापुर पुलिस ने भी मामले की जांच की। जनवरी में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। अदालत को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, जुबीन की मौत डूबने की वजह से हुई थी। उन्होंने नशे की हालत में लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। सिंगापुर पुलिस ने 35 लोगों की गवाही के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। गवाहों ने उस दिन की पल-पल की जानकारी दी और बताया कि जुबीन गर्ग ने कितनी शराब पी और नशे में डाइविंग करने पहुंचे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था।

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रेप का आरोपी क्रिकेटर टीम कैंप में लौटा, यूपीसीए ने दी खेलने की मंजूरी

Yash Dayal back UP Ranji Trophy Camp: रेप और पॉक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे तेज गेंदबाज यश दयाल की उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी कैंप में वापसी हुई है. यूपीसीए ने पिछले साल इन मामलों के कारण उन्हें यूपी टी20 लीग से बाहर कर दिया था. दयाल पर गाजियाबाद और जयपुर में दो अलग-अलग आपराधिक केस दर्ज हैं. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें एक मामले में आंशिक राहत मिली है, लेकिन वह अभी तक दोषमुक्त नहीं हुए हैं. Wed, 23 Sep 2026 09:00:38 +0530

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