कैंसर जैसी दवाओं की कीमतों में 10 गुना अंतर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एमआरपी तय करने के तरीके पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं की कीमतों में बड़े अंतर को लेकर सख्त सवाल उठाए हैं। अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी की। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच दवाओं की कीमतों और उनकी बिक्री से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी दवा को कंपनी दुकानदार को 2,700 रुपए में बेचती है और उसी दवा पर 27,000 अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) लिखा जाता है, तो यह बहुत बड़ा अंतर है। कोर्ट ने पूछा कि ऐसी कीमतों पर रोक लगाने वाली अथॉरिटी चुप क्यों है?
सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब कोई दवा कंपनी दुकानदार को 2,700 में बेच रही है, तो उसका एमआरपी 27,000 क्यों रखा जा रहा है?
कोर्ट ने कहा कि अगर दवा की कीमत में 10 गुना का अंतर है, तो इसका कारण समझना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि दवाओं की कीमत पर नजर रखने वाली सरकारी अथॉरिटी इस मामले में क्या कर रही है?
याचिकाकर्ता किशन चंद जैन ने कोर्ट को बताया कि दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत करीब 1,000 दवाओं की कीमत पर सीधा नियंत्रण है। लेकिन जो दवाएं इस सूची में नहीं हैं, उनकी शुरुआती कीमत तय करने पर वैसी रोक नहीं है। उनके मुताबिक, कोई कंपनी नई दवा बाजार में उतारते समय अपनी शुरुआती कीमत खुद तय कर सकती है। कीमत तय होने के बाद उसमें सालाना 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं करने का नियम है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बाजार में करीब 82 प्रतिशत दवाएं ऐसी हैं, जो तय कीमत वाली सूची में नहीं आतीं। उन्होंने यह भी बताया कि बाजार में करीब 60 हजार ब्रांड हैं, जबकि कीमत तय करने की व्यवस्था 5 हजार से कम दवाओं पर लागू होती है।
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि अगर दवाओं की कीमतों की जानकारी दुकानदारों के पास उपलब्ध रहेगी, तो क्या इससे मरीज को वास्तव में फायदा होगा?
जस्टिस मेहता ने कहा कि जब किसी मरीज को इमरजेंसी में तुरंत दवा की जरूरत होती है, तब उसका परिवार दवा लेने से पहले कीमतों की लंबी जांच नहीं करेगा।
एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) की ओर से कोर्ट में कहा कि दवाओं की ऊंची कीमत के लिए निर्माता जिम्मेदार नहीं हैं। रिटेलर्स दवाओं पर बहुत ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। इस पर जस्टिस मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि दवाओं पर एमआरपी तो निर्माता ही तय करते हैं। अगर किसी दवा की एमआरपी बहुत ज्यादा है, तो यह सवाल उठता है कि इतनी ऊंची कीमत तय कौन कर रहा है?
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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UP में पति ने पूजा करवाने आए दो पंडितों को गोली मारी, पत्नी की भी मौत; दो बच्चों को किडनैप किया
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम को पूजा-पाठ के दौरान विवाद हो गया, जिसके बाद फायरिंह की घटना सामने आई. घटना में आरोपी की पत्नी सहित तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों में पूजा करवाने घर आए दो पंडित भी शामिल हैं. घटना के बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर को घेर लिया. आरोपी की बातचीत के जरिए बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया.
पूजा के दौरान विवाद के बाद चली गोली
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी अरविंद सिंह के घर में सोमवार से पूजा-पाठ चल रहा था. मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर लौटा. घर में पूजा देखकर उसने वहां मौजूद पंडितों से सवाल-जवाब किए. इसी दौरान पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया. कहा जा रहा है कि कहासुनी बढ़ गई तो आरोपी ने कथित तौर पर घर में रखे हथियारों से फायरिंग कर दी. गोली लगने की वजह से उसकी पत्नी बबिता सिंह और पूजा करवाने आए दो पंडितों की मौत हो गई. मृतक पंडितों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है. हालांकि, घटना की पूरी वजह सहित सभी जानकारियां जांच के बाद ही सामने आएगी.
बच्चों के साथ घर में बंद हुआ आरोपी
फायरिंग के बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के अंदर चला गया और खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर में आरोपी के तीन बच्चे मौजूद थे. इनमें एक बेटी, एक बेटा और करीब सात महीने की बच्ची शामिल होने की बात सामने आई है. घटना के समय आरोपी की बुजुर्ग मां के भी घर में मौजूद होने की जानकारी मिली है. आरोपी के पास लाइसेंसी हथियार होने की सूचना के बाद पुलिस ने बेहद सतर्कता के साथ कार्रवाई शुरू की. पुलिस की प्राथमिकता घर के अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना और आरोपी को बिना किसी और नुकसान के हिरासत में लेना है.
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है. फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लगी है. अधिकारियों की ओर से आरोपी से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह, हथियार के इस्तेमाल और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.
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