Responsive Scrollable Menu

सपा कार्यालय पर Akhilesh Yadav का नया पोस्टर, हनुमान जी से आशीर्वाद लेते दिखे

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव का एक नया पोस्टर चर्चा में है। इस पोस्टर में अखिलेश को भगवान हनुमान से आशीर्वाद लेते हुए दिखाया गया है। यह पोस्टर ऐसे समय सामने आया है, जब सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी चुनावों को ‘‘बाबर और बजरंग’’ के बीच का चुनाव बताया था।

आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘बाबर के अनुयायियों को केवल बजरंग के भक्त ही जवाब दे सकते हैं।’’ इस कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे। अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए एकत्र हुए कारसेवकों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कथित निर्देश पर पुलिस गोलीबारी की घटना के बाद से ही भाजपा सपा पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है और विपक्ष पर निशाना साधने के लिए ‘‘बाबर के समर्थक’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती रही है। हालांकि, आदित्यनाथ द्वारा भाजपा समर्थकों को ‘‘बजरंग के भक्त’’ बताए जाने के बाद सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

मंगलवार को सामने आए इस पोस्टर में अखिलेश यादव को हाथ जोड़कर भगवान हनुमान के सामने बैठे हुए और उनसे आशीर्वाद लेते हुए दिखाया गया है। पोस्टर पर ‘‘विजय भव:’’ संदेश लिखा है, जिसे सपा की ओर से भाजपा की आक्रामक राजनीति के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, रविवार व सोमवार को लखनऊ, उन्नाव, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई जिलों में सपा प्रमुख को निशाना बनाने वाले पोस्टर सामने आए थे।

इन पोस्टरों में सपा नेता आजम खान और अतीक अहमद एवं मुख्तार अंसारी की तस्वीरें थीं। इन पोस्टरों में ‘‘आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार’’ और ‘‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’’ जैसे नारे लिखे थे। इस बीच, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि चुनाव नजदीक आते ही अब सपा के नेता चुनावी लाभ के लिए हिंदू पहचान का दिखावा कर रहे हैं। लेकिन मुझे बताएं कि हनुमान जी उन्हें क्यों आशीर्वाद देंगे। ये सपा नेता भगवान को राजनीति में घसीट रहे हैं।

Continue reading on the app

जयपुर अग्निकांड: Rajasthan Human Rights Commission ने नगर निगम और प्रशासन से मांगा ब्योरा

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार को जयपुर प्रशासन और नगर निकाय के अधिकारियों को शहर में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन हाइड्रेंट और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ये निर्देश चारदीवारी क्षेत्र में पुरोहितजी का कटला स्थित एक परिसर में 17 सितंबर को लगी भीषण आग के बाद दिए गए। आयोग ने जयपुर में अग्निशमन व्यवस्था का विस्तृत विवरण भी तलब किया।

विवरण में दमकल केंद्रों और हाइड्रेंट के स्थान, पानी भंडारण की व्यवस्था, दमकल वाहनों की संख्या एवं क्षमता तथा बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए उपलब्ध उपकरणों की जानकारी शामिल है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जीआर मूलचंदानी की ओर से जारी आदेश में जयपुर जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगम आयुक्त, उपायुक्त (दमकल) और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक इंतजाम करने और आग लगने की स्थिति में उसे जल्द नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने कहा कि जयपुर में अग्निसुरक्षा व्यवस्था इस तरह विकसित की जाए कि विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त पानी वाले हाइड्रेंट प्वाइंट उपलब्ध हों और दमकल वाहन पर्याप्त पानी के दबाव के साथ तैयार रहें।

ये निर्देश आयोग द्वारा 18 सितंबर को स्वत: संज्ञान लेने के बाद उसके रजिस्ट्रार द्वारा बड़ी चौपड़ के पास पुरोहितजी का कटला स्थित आग प्रभावित सेठी कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के बाद दिए गए। निरीक्षण में परिसर की पहली और दूसरी मंजिल पर जाने के लिए संकरी सीढ़ियां और बड़ी संख्या में दुकानें पाई गईं। रास्ते में जला हुआ सामान बिखरा हुआ था।

दूसरी मंजिल पर लगा एक अग्निशमन हाइड्रेंट काम नहीं कर रहा था और उस पर सूखी फूल-मालाएं रखी थीं। आयोग को बताया गया कि परिसर के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं थी। अग्निशमन अधिकारियों ने आयोग को बताया कि घटनास्थल के करीब डेढ़ किलोमीटर तक कोई हाइड्रेंट या पानी आपूर्ति प्वाइंट उपलब्ध नहीं था।

उन्होंने बताया कि घाटगेट दमकल केंद्र पर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर एक हाइड्रेंट था, लेकिन वहां पहुंचने का रास्ता भीड़भाड़ वाले बाजारों और कई यातायात सिग्नलों से होकर गुजरता है। अधिकारियों ने बताया कि घाटगेट दमकल केंद्र पर नौ दमकल वाहन उपलब्ध थे। हालांकि, वे यह नहीं बता सके कि प्रत्येक वाहन में कितना पानी था, क्योंकि वाहनों में पानी की मात्रा मापने के लिए गेज नहीं लगे थे।

आयोग ने पाया कि दमकल विभाग के रजिस्टर में 17 सितंबर को सुबह 8.17 बजे एक दमकल वाहन रवाना होने का उल्लेख था लेकिन आग लगने की सूचना मिलने का समय दर्ज नहीं था। आदेश के अनुसार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने यह भी बताया कि आग बुझाने के दौरान पानी का दबाव कम था। आयोग ने कहा कि दमकल वाहनों में पर्याप्त पानी का दबाव नहीं होना, संकरी गलियों में अग्निशमन व्यवस्था के बिना दुकानें संचालित होना और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र के पास हाइड्रेंट प्वाइंट की कमी जैसी कमियां ‘‘माफ करने योग्य नहीं मानी जा सकतीं।’’ आयोग ने घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और प्रभावित व्यावसायिक परिसर के मालिक के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी। 17 सितंबर की सुबह लगी आग में कई दुकानें जल गई थीं।

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games 2026 Live Updates: रोइंग से अच्छी खबर, एक्शन में मनु भाकर, मीराबाई चानू से मेडल की उम्मीद

Asian Games 2026 Live: चौथे दिन भारत के पास एक से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने का मौका है और एक बार फिर महिलाओं के इवेंट में ही ये सफलता मिलने की उम्मीद है. Wed, 23 Sep 2026 06:12:42 +0530

  Videos
See all

Krishna Motivation : जो मुसीबत में साथ दे, उसे कभी मत भूलना ! Krishna Quotes | Bhagavad Gita #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T01:15:09+00:00

Hyderabad NIMS ACB Raid: सुपरिटेंडेंट नोरी भास्कर के ठिकानों पर रेड, 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति! #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T01:15:43+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers