Mangal Gochar 2026: पुष्य नक्षत्र में मंगल का गोचर होने वाला है.. 4 राशियों का जागेगा भाग्य
Mangal Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में मंगल का गोचर बहुत खास और महत्वपूर्ण माना जाता है. मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है. जब भी इस ग्रह को किसी नक्षत्र में प्रवेश होता है, वह बहुत ही खास माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगल देव का पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने का समय आ गया है. 24 सितंबर को मंगल इस नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे. इस नक्षत्र में मंगल 17 अक्टूबर तक रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों का राजा कहलाता है. इसलिए, यह अत्यंत शुभ और कल्याणकारी नक्षत्र कहलाता है. इस नक्षत्र के स्वामी शनि देव कहलाते हैं और इसके देवता बृहस्पति देव होते हैं. ऐसे में मंगल का पुष्य नक्षत्र में आना कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ रहने वाला है. आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा मंगल के गोचर से लाभ.
मंगल गोचर से होने वाला है इन 4 राशियों को लाभ (Mangal Gochar Impact on 4 Zodiac)
1.मेष राशि (Aries)
मेष राशि के लोगों को पुष्य नक्षत्र में मंगल के प्रवेश सुख-समृद्धि और संपत्ति में लाभ देखने को मिलेगा. मंगल इस राशि के स्वामी माने जाते हैं. इनका पराक्रम भी बढ़ने वाला है. इन्हें प्रॉपर्टी से लाभ होगा. कुछ लोगों को जमीन-जायदाद या नय वाहन भी खरीदने का अवसर मिलने वाला है. आप लोगों की सभी योजनाएं सफल होंगी. कार्यस्थल पर आपका साहस बढ़ेगा और तुरंत निर्णय लेने से आपको तारीफे मिलेंगी. पुराने विवाद भी खत्म होने वाले हैं.
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2.कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के लोगों को भी मंगल के पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने से मानसिक और व्यावहारिक क्षमता मजबूत होती दिखेगी. इन्हें करियर में लाभ होगा और व्यवसायिक कार्यों में तेजी देखने को मिलेगी. आप लोगों की नेतृत्व क्षमता बढ़ने वाली है. पार्टनरशिप में कार्य कर रहे हैं या नया व्यापार करने की सोच रहे हैं तो आप आगे बढ़ सकते हैं. आपको लाभ कमाने के मौके मिलने वाले हैं. निवेश से भी आप लोगों को लाभ होने वाला है.
3.वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के लिए मंगल का गोचर भाग्य को चमकाने वाला होगा. आप लोगों को धर्म के भाव को प्रभावित करने का अवसर मिलने वाला है. इन्हें भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है. लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होंगे. आपकी बनाई गई योजनाएं सफल होंगी और सरकारी काम भी आसानी से पूरे होने वाले हैं. आप लोगों का प्रमोशन भी हो सकता है. कुछ जातकों को पसंद का ट्रांसफर मिलेगा. धार्मिक और व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी और अचानक आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती दिखेगी.
4.मीन राशि (Pisces)
पुष्य नक्षत्र के देवता गुरु मीन राशि के भी स्वामी माने जाते हैं. इसलिए, मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन आपकी आय और बुद्धि के भाव में लाभ देने वाला होगा. इन लोगों को इनकम सोर्स बढ़ाने के अवसर प्राप्त होने वाले हैं. शेयर बाजार और ट्रेडिंग में लाभ होगा. किसी पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है. प्रतियोगी परिक्षा में भी लाभ मिल सकता है. छात्रों तथा युवाओं को बड़ी सफलता करियर में मिल सकती है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ने वाला है.
मंगल गोचर के दौरान करें ये अचूक उपाय
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं.
- मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाएं, उन्हें लाल सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें.
- हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं. इसे प्रसाद के रूप में बांटें
- जरूरी काम पर जाते समय पर अपने साथ लाल या पीले रंग का रूमाल रखें.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
वित्त वर्ष 2027 में 6.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने जताया भरोसा
नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे मजबूत विकास संभावनाओं वाला देश बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग की मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।
सितंबर 2026 की इस रिपोर्ट में अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन, मध्य पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका, मध्य एशिया और सब-सहारा अफ्रीका सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 92 मुख्य अर्थशास्त्रियों से राय ली गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 74 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्री भारत में मजबूत या बहुत मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि मई में यह आंकड़ा 52 प्रतिशत था। वहीं 98 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 12 महीनों में भारत की वृद्धि दर कम से कम मध्यम या उससे बेहतर रहेगी।
रोजगार के मोर्चे पर रिपोर्ट में कहा गया है कि 70 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों को अगले एक वर्ष में बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देता। हालांकि 17 प्रतिशत विशेषज्ञों को बेरोजगारी बढ़ने और 13 प्रतिशत को इसमें कमी आने की उम्मीद है।
आंकड़ों के मुताबिक, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बेरोजगारी दर जुलाई के 5.1 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 5 प्रतिशत पर आ गई। इसी अवधि में श्रम बल भागीदारी दर 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, यह संकेत देता है कि मजबूत आर्थिक गतिविधियों के बीच श्रम बाजार अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, हालांकि रोजगार सृजन की गति बनाए रखना अभी भी महत्वपूर्ण है।
महंगाई के मोर्चे पर भी स्थिति कुछ बेहतर हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मई की तुलना में मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। 55 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों को अगले 12 महीनों में मध्यम महंगाई की उम्मीद है, जबकि 45 प्रतिशत उच्च महंगाई की संभावना जता रहे हैं। मई में 61 प्रतिशत विशेषज्ञ उच्च या बहुत उच्च महंगाई की आशंका जता रहे थे।
अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई बढ़कर 4.8 प्रतिशत रही। यह आरबीआई के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन अभी भी 2-6 प्रतिशत के स्वीकार्य दायरे के भीतर बनी हुई है।
मौद्रिक नीति को लेकर 67 प्रतिशत विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि 24 प्रतिशत नीति को और सख्त किए जाने की संभावना देख रहे हैं। अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी थी और तटस्थ रुख बनाए रखा था।
राजकोषीय नीति के संदर्भ में भी अधिकांश विशेषज्ञ स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। 72 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि राजकोषीय नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि 22 प्रतिशत कुछ नरम रुख की संभावना देख रहे हैं।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि सर्वेक्षण 20 अगस्त को पूरा हुआ था, यानी इससे पहले 31 अगस्त को पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए गए, जिनमें भारत की आर्थिक वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस मजबूत प्रदर्शन के बाद कई वैश्विक संस्थानों ने भारत के विकास अनुमान बढ़ाए हैं।
उदाहरण के तौर पर, मूडीज़ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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