चेन्नई में फ्लू, डेंगू और सांस की बीमारियों के कारण अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़
चेन्नई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। चेन्नई के प्राइवेट अस्पतालों में फ्लू, सांस से जुड़े संक्रमण और डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके कारण ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं, वार्ड भरे हुए हैं और भर्ती के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कुछ अस्पतालों में तो इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बेड के लिए 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट होने वाले मरीजों को भी कमरों की कमी के कारण देरी हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर संक्रमण हल्के हैं और मरीज दवा, आराम तथा पानी पीने से ठीक हो रहे हैं। हालांकि, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए ये बीमारियां गंभीर हो सकती हैं। कमजोर मरीजों में मौत के मामले कम हैं लेकिन खतरा बना हुआ है।
मरीजों में तेज बुखार, गले में खराश, जुकाम, लगातार खांसी, बदन और पैरों में तेज दर्द, सीने में तकलीफ, थकान और भूख न लगने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बुखार और बहुत ज्यादा थकान देखी जा रही है। कुछ बच्चों में बुखार के कारण घबराहट या भ्रम की स्थिति भी बन रही है। कुछ मरीजों को नेबुलाइजेशन या फ्लूइड की जरूरत पड़ रही है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ रही है।
चेन्नई के एक प्राइवेट अस्पताल की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. राजम्मल ने बताया कि वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, जब मरीज इमरजेंसी में आते हैं तो कमरे या बेड के लिए 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसी तरह आईसीयू से बाहर शिफ्ट होने वाले मरीजों को भी जनरल वार्ड में बेड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ओपीडी में भी इंतजार का समय काफी बढ़ गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, मौजूदा मामलों में बड़ा हिस्सा रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (आरएसवी), एडेनोवायरस, राइनोवायरस और पैराइन्फ्लुएंजा जैसे वायरस के कारण हो रहा है। इसके अलावा इन्फ्लुएंजा, जिसमें एच1एन1 भी शामिल है, और डेंगू के मामले भी काफी आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि बुखार को नजरअंदाज न करें और खुद से दवा न लें, खासकर जब लक्षण बने रहें। लोगों से हाथों की सफाई रखने, संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखने और भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की अपील की गई है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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Shukra Vakri 2026: अक्टूबर में वक्री होंगे शुक्र, इन 4 राशियों की बढ़ जाएगी टेंशन
Shukra Vakri 2026: धन, वैभव और सुखों के ग्रह शुक्र की चाल उल्टी होने वाली है. 3 अक्टूबर को शुक्र वक्री चाल चलना शुरू करेंगे. इसका अर्थ है कि शुक्र उल्टी चाल चलेंगे और 14 नवंबर तक उसी स्थिति में रहेंगे. ज्योतिष गणना के अनुसार, शुक्र की वक्री चाल चार राशियों के लिए थोड़ी समस्या पैदा करने वाला है. इससे इन राशियों के लिए करियर, आर्थिक और सेहत के लिहाज से थोड़ा असहज समय आएगा. इस दौरान खर्चों की कोई सीमा नहीं होगी, जिससे आमदनी पर सीधा-सीधा असर होगा. सेहत भी बिगड़ सकती है. आइए जानते हैं किन राशियों को शुक्र की वक्री चाल से सावधानी बरतने की जरूरत है.
वक्री शुक्र का इन राशियों पर बुरा प्रभाव
1.सिंह राशि (LEO)
सिंह राशि के लोगों को शुक्र की उल्टी चाल के दौरान भाई-बहनों, छोटी यात्राओं और प्रयासों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. इन्हें बेवजह किसी से संवाद नहीं करना चाहिए. इस दौरान मेहनत करने के बाद आप लोगों को उम्मीद जितना फल नहीं प्राप्त होगा. किसी कार्य को करने में अपेक्षा नहीं प्रयास ज्यादा करने होंगे. साझेदारी और व्यापार से जुड़े मामलों में बातचीत करते समय कुछ सावधानी बरतनी होगी.
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2.वृश्चिक राशि (Scorpio)
शुक्र की वक्री चाल वृश्चिक राशि के लोगों के खर्चों में बढ़ोतरी कर सकती है. इन लोगों को आर्थिक दबाव महसूस होगा. इस अवधि में आप लोगों को अनावश्यक खर्चों का सामना करना पड़ेगा. पैसे से जुड़े मुद्दों में सावधानी जरूरी है. विदेश से जुड़े मामलों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. प्रेम और दांपत्य जीवन में भी कोई गलतफहमी हो सकती है. इसलिए, रिश्तों को संभाले. खासकर सुख-सुविधाओं या दिखावे पर जरूरत से ज्यादा पैसा न उड़ाएं.
3.मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के लोगों को शुक्र की वक्री चाल से नौकरी और कामकाज से जुड़े मामलों में अस्थिरता महसूस हो सकती है. आप लोगों का सीनियर अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकता है. व्यापार करने वाले जातकों को महत्वपूर्ण फैसले बिना सोचे-समझे नहीं लेने चाहिए. अच्छे से जांच-परख लेने के बाद ही सही डिसीजन लें. मकर राशि के लिए शुक्र पांचवे और दसवें भाव के स्वामी कहलाते हैं. इसके परिणाम स्वरूप कुछ नकारात्मक स्थितियां बनेंगी. वक्री अवस्था में शुक्र होने से करियर से जुड़े मुद्दे दोबारा सामने आएंगे.
4.मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के लोगों को शुक्र की वक्री स्थिति प्रभावित करेगी. इनके साथ अचानक कोई घटना या बाधा का सामना करना पड़ सकता है. कठिन परिस्थितियों के साथ भी आमना-सामना होगा. इस समय कोई बड़ा फैसला लेने की जरूरत नहीं है. निवेश करने से भी बचने की जरूरत है. संयुक्त धन से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतनी चाहिए. ससुराल पक्ष में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलने वाला है. आर्थिक फैसले जल्दबाजी में बिल्कुल नहीं लेने चाहिए.
वक्री शुक्र के अशुभ प्रभावों से कैसे बचें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, शुक्र सुख-समृद्धि, लगजरी और रोमांस का ग्रह है. इसलिए, इस शुक्र के वक्री होने से उसके अशुभ प्रभावों का भी असर होगा. ऐसे में आपको कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए. इसके अलावा, कुछ उपाय भी किए जा सकते हैं ताकि वक्री शुक्र के प्रभाव को घटाया जा सके.
प्रत्येक शुक्रवार को स्नान करें, सफेद वस्त्र पहनें और माता लक्ष्मी की पूजा करें. इस दिन उन्हें गुलाब के फूल अर्पित करें. उन्हें सफेद चीजों का भोग लगा सकते हैं. शुक्रवार के दिन जरूरतमंद महिलाओं को सफेद वस्त्र और चावल का दान करें. महिलाओं का सम्मान करें. सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री दाव करें. छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई का दान करें. शुक्रवार के दिन ऊं शुं शुक्राय नम: मंत्र का जाप कर सकते हैं. रिश्तों को संभालने के लिए अपनी वाणी को नियंत्रित रखें और मधुरता दिखाएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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