UP News: सीएम योगी के क्षेत्र को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, नए फ्लाईओवर पर मई से फर्राटा भरेंगे वाहन
UP News: योगी सरकार उत्तर प्रदेश के शहरों को जाम से निजात दिलाने के लिए लगातार नए फ्लाइओवरों का निर्माण करा रही है. अब सीएम योगी के क्षेत्र में एक और फ्लाईओवर बनने वाला है. जिससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी. इस फ्लाईओवर पर इसी साल मई से वाहन फर्राटा भरने लगेंगे. दरअसल, गोरखपुर के पादरी बाजार फ्लाईओवर में 10 गर्डर की लांचिंग हो गई. जबकि शेष 25 गर्डर की लांचिंग के लिए भारी मशीनों के साथ श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं.
98 करोड़ से ज्यादा की लगात से बनाया जा रहा फ्लाईओवर
इस फ्लाईओवर का निर्माण सेतु निगम द्वारा किया जा रहा है. सेतु निगम के मुताबिक, मार्च तक गर्डर लांचिंग और डेक यानी छत ढलाई एवं सड़क का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद इसी साल मई तक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो जाएगा और फुर इस फ्लाईओवर पर वाहन दौड़ने लगेंगे. बता दें कि सेतु निगम के अंतर्गत पादरी बाजार में 98.34 करोड़ रुपये की लागत फ्लाईओवर बनाया जा रहा है.
इतनी होगी फ्लाईओवर की लंबाई
इस फ्लाईओवर की लंबाई 569.095 मीटर है. इसमें चौराहे पर लोहे के कंपोजिट गर्डर बनाए जाएंगे, जिसकी लंबाई 36 मीटर होगी. वहीं फोरलेन फ्लाईओवर में चौराहे के दोनों ओर 36-36 मीटर जगह दी जाएगी. वहीं अन्य गर्डर की लंबाई 24 मीटर होगी. जिसमें गर्डर लांचिंग के साथ ही डेक का काम चल रहा है. इस काम के पूरा होते ही एप्रोच मार्ग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इसके निर्माण में दोनों ओर लगे बिजली निगम के 39 पोल और तारों को शिफ्ट किया जाएगा. इस काम के लिए वेंडर की तलाश की जा रही है.
फ्लाईओवर को लेकर क्या बोले अधिकारी?
गोरखपुर के पादरी बाजार में बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर को लेकर सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि, पादरी बाजार फ्लाईओवर में गर्डर लांचिंग का कार्य शुरू हो गया है. गर्डर और डेक का कार्य पूरा होते ही एप्रोच और रेलिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मई रखा गया है.
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गुलरिहा में बनाया जाएगा कॉम्प्लेक्स
इसके साथ ही गोरखपुर में थाने के पीछे नगर निगम कामर्शियल काम्प्लेक्स कम इंटरटेनमेंट जोन का भी निर्माण किया जाएगा. जहां करीब 5164 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट पार्किंग के साथ चार मंजिला काम्प्लेक्स का निर्माण होगा. जिसकी पार्किंग में 49 दो पहिया वाहन और 34 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था होगी. जिसकी डिजायन उत्तर प्रदेश जल निगम की कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज की यूनिट ने तैयार की है. इसके प्रस्ताव को राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी से स्वीकृत मिल गई है. माना जा रहा है कि जल्द ही व्यय वित्त समिति से भी इसे स्वीकृति मिल जाएगी.
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पीएम मोदी ने पहली वंदे भारत स्लीपर को दिखाई हरी झंडी, राजधानी से भी कम लेगी समय, जानें कितना है किराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यह दूरी मात्र 14 घंटे में पूरी होगी. अभी इतनी दूरी को तय करने में करीब 17 घंटे का समय लगता है. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी का कोच होगा.
इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के करीब है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा कदम माना गया है. अब तक वंदे भारत ट्रेनें में सिर्फ चेयरकार हुआ करती थीं. मगर अब पहली बार स्लीपर ट्रेन को चलाया गया है. खासकर उन यात्रियों को इस ट्रेन से बड़ी राहत मिलने वाली है जो रात में आरामदायक और तेज सफर को पसंद करते हैं.
जाने क्या-क्या सुविधा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस होगी. यात्रियों को घर जैसा माहौल मिलेगा. इसमे इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से डिजाइन किया गया है. इससे ट्रेन के अंदर का माहौल बेहतर और आरामदायक रहने वाला है. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबी दूरी का सफर थकाने वाला न लगे.
राजधानी से भी तेज कवर करेगी दूरी
रफ्तार की बात की जाए तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा रहने वाली है. वहीं सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं मिलने वाली है. यह राजधानी से भी कम समय लेगी. यात्रियों को बेहतर क्वालिटी का कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल की व्यवस्था की गई है.
‘कवच’ का इस्तेमाल किया गया
सुरक्षा को लेकर ‘कवच’ का इस्तेमाल किया गया है. यह ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है. यह ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखेगा. इसके साथ हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करेगा. इसके साथ इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट सिस्टम भी दिया गया है. किसी तरह की परेशानी के हालात में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकते हैं. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होने वाले हैं. यह अपने खुलेंगे और बंद होंगे.
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