Jamui Case: Bihar Police की SIT का एक्शन, Half Encounter में पकड़ा गया आरोपी नंदन यादव
जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव मंगलवार को बिहार पुलिस के साथ हुई एक 'हाफ एनकाउंटर' में घायल हो गया। आरोपी के पैर में गोली लगी। यह घटना तब सामने आई जब जमुई ज़िले में सड़क किनारे लोगों के एक समूह द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो वायरल हुआ। जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए थे।
इसे भी पढ़ें: Jamui Incident पर Congress नेता Udit Raj का हमला, पूछा- Bihar में कैसा शासन चला रहे हैं CM
पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए।
साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल भी उठाए थे। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) दयाल ने बताया कि ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। SP ने बताया कि कोचिंग क्लास के बाद दो छात्र उस इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। इसके बाद POCSO और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई।
इसे भी पढ़ें: Bihar Harassment Case | जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिगों से बर्बरता व छेड़छाड़, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा जनाक्रोश, SIT गठित, 3 गिरफ्तार
हालांकि FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे छह-सात लोगों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
संसद के Monsoon Session स्थगित होने के 40 दिन बाद भी नहीं हुआ सत्रावसान, जानें क्यो हो रही इसकी चर्चा
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मॉनसून सत्र को औपचारिक रूप से सत्रावसान (prorogued) नहीं किया गया है। यह एक असामान्य देरी है, जिससे सरकार के लिए बिना नया सत्र बुलाए कानून लाने की संभावना बनी हुई है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन राष्ट्रपति ने अभी तक सत्र के सत्रावसान का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: निर्वाचन आयोग ने की घोषणा, तीन राज्यों की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
लोकसभा के पूर्व महासचिव पी.डी.टी. आचारी ने PTI को बताया कि 40 दिनों का यह अंतराल दोनों सदनों के सत्रावसान न होने का एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में, कार्यवाही स्थगित होने के 28 दिन बाद सदनों का सत्रावसान किया गया था, जब सरकार GST कानून पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। इस देरी से अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार इस दौरान अहम कानून लाने की कोशिश कर सकती है।
जिन कानूनों पर चर्चा हो रही है, उनमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन की एक नई कोशिश भी शामिल है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसे लागू किया जा सके। बजट सत्र के दौरान की गई पिछली कोशिश पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण सफल नहीं हो पाई थी। इन प्रस्तावित बदलावों का मकसद दक्षिणी राज्यों की विपक्षी पार्टियों की उन चिंताओं को दूर करना भी है, जिन्हें आबादी के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा में प्रतिनिधित्व घटने की आशंका को लेकर उठाया गया था। सामने आ रहे सुझावों के अनुसार, सरकार सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लोकसभा सीटों की संख्या में एकसमान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है।
इसे भी पढ़ें: ओम प्रकाश राजभर ने Modi का नाम लेकर कर दिया बड़ा दावा, क्या वाकई UP के चार टुकड़े होने वाले हैं?
आमतौर पर, सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के तीन या चार दिन के भीतर सत्र का सत्रावसान (प्रोरोगेशन) कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, बजट सत्र 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था और दो दिन बाद 20 अप्रैल को उसका सत्रावसान कर दिया गया था। संविधान के तहत, सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा संसद का औपचारिक रूप से सत्रावसान किया जाता है। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होता है और क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






