महाराष्ट्र निकाय चुनावों में AIMIM का जलवा, ओवैसी की पार्टी को दोगुना से ज्यादा हुआ फायदा
Maharashtra Civic Election Result: महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. इस बार बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने 29 नगर निगमों में से 25 में जीत दर्ज की गई. इस सबसे बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) ने शानदार जीत हासिल की है. क्योंकि ओवैसी की पार्टी ने इस बार के नगर निगम चुनाव में पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा सीटें जीती हैं. यही नहीं कई स्थानों पर एआईएमआईएम दूसरे स्थान पर रही है. जबकि बीएमसी में भी ओवैसी के 8 पार्षद जीते हैं.
AIMIM को मिली उम्मीद से ज्यादा सीटें
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को इस बार महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में उम्मीद से ज्यादा सीटें मिली है. ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र के 13 नगर निगमों में 125 वार्ड में जीत दर्ज की गई. जबकि पिछले नगर निगम चुनावों में एआईएमआईएम को सिर्फ 56 वार्ड में ही जीत हासिल हुई थी. यानी इस बार उनकी पार्टी को महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में दोगुना से भी ज्यादा फायदा हुआ है.
24 नगर निगमों में उतारे थे पार्टी ने उम्मीदवार
इसके साथ ही ओवैसी की पार्टी ने कई नगर निकायों में समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जैसी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया. बता दें कि ओवैसी की पार्टी ने इस बार 29 में से 24 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे थे. AIMIM का सबसे अच्छा प्रदर्शन छत्रपति संभाजीनगर में रहा है, जहां पार्टी ने 33 सीटों पर जीत हासिल की है.
#WATCH | Hyderabad: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, "125 corporators of our party got successful in Maharashtra. I would like to thank the people of Maharashtra for actively participating and casting their votes. And I would like to thank all those voters who blessed the AIMIM… pic.twitter.com/8ajeSPn3BA
— ANI (@ANI) January 17, 2026
मालेगांव में रहा पार्टी का शानदार प्रदर्शन
इसके अलावा मालेगांव में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवैसी की पार्टी ने 21 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि नांदेड़ में 14 और अमरावती में एआईएमआईएम ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है. ओवैसी की पार्टी को धुले में 10 सीटें और सोलापुर में आठ सीटों पर जीत मिली है. यही नहीं मुंबई महानगर क्षेत्र में भी ओवैसी की पार्टी को खाता खोलने में कामयाब रही है. AIMIM को मुंबई और मुंब्रा में 5-5 सीटों पर जीत मिली है. इसके साथ ही एआईएमआईएम को सोलापुर में आठ, नागपुर में सात, अहमदनगर और जालना में 2-2, परभणी और चंद्रपुर में एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई है.
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2012 में महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में खुला था पार्टी का खाता
बता दें कि महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में पहली बार एआईएमआईएम का खाता 2012 के चुनाव में खुला था. तब पार्टी ने नांदेड़ नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की थी. तब ओवैसी की पार्टी ने नांदेड़ नगर निगम की 81 सीटों में से 11 पर जीत हासिल की थी.
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देश में इस साल तकनीकी नौकरियों में 12-15 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद, पैदा होंगे 1.25 लाख नए रोजगार: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में तकनीकी क्षेत्र की नौकरियों (टेक जॉब्स) में वर्ष 2026 में 12 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसमें परमानेंट, टेम्परेरी और कॉन्ट्रेक्चुअल आधारित नौकरियां शामिल होंगी। इस दौरान करीब 1.25 लाख नई तकनीकी नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
वर्क सॉल्यूशन प्रोवाइडर एडेको इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2025 में तकनीकी प्रतिभा की कमी 44 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिसके चलते कंपनियों को अच्छे कर्मचारियों के लिए ज्यादा वेतन देना पड़ा और औसत वेतन 2024 की तुलना में 18 प्रतिशत बढ़ गया। इससे कंपनियों के बीच अच्छे कर्मचारियों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
रिपोर्ट में बताया गया कि आर्टिफिशियल एंटेलिजेंस (एआई), डेटा और साइबर सेक्योरिटी से जुड़ी नौकरियों की मांग 51 प्रतिशत बढ़ गई है। पहले इन क्षेत्रों को प्रयोग के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब ये कंपनियों की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत बड़ी कंपनियों ने जनरेटिव एआई से जुड़े प्रोजेक्ट को अपने कामकाज में लागू कर दिया है।
रिक्वायरमेंट फर्म ने बताया कि मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डाटा इंजीनियर्स और पूर्ण प्रणाली डेवलपर जैसे पदों की मांग लगभग 45 प्रतिशत बढ़ी है, खासकर उन लोगों की जिनके पास एआई से जुड़ा अनुभव है।
जबकि स्पेशलिस्ट कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में भर्ती 20 प्रतिशत बढ़ी है, जो 2024 की तुलना में ज्यादा है।
कैंपस से नई भर्तियां भी 12 प्रतिशत बढ़ी हैं। डीप-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और सॉफ्टवेयर सर्विस से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई है।
हालांकि निवेश सीमित रहा, लेकिन जिन कंपनियों के पास एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा से जुड़ी साफ रणनीति थी, उन्होंने अपनी टेक्नोलॉजी और डाटा टीम का विस्तार किया।
एडेको इंडिया के प्रोफेशनल स्टाफिंग के निदेशक और बिजनेस हेड संकेत चेंगप्पा ने कहा कि यह धीरे-धीरे बढ़ोतरी दिखाती है कि तकनीकी क्षेत्र अब नए सिरे से मजबूती की ओर बढ़ रहा है, जिससे 2026 में अच्छी रिकवरी की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और परिवहन जैसे क्षेत्र इस बदलाव में सबसे आगे हैं और तकनीक आधारित कुल भर्तियों में इनका हिस्सा करीब 38 प्रतिशत है।
पूरे वर्ष के दौरान गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी भर्ती मजबूत हुई है, क्योंकि उद्योग अब केवल डिजिटल काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने मुख्य कामकाज में एआई और डाटा का इस्तेमाल करने लगे हैं।
जीसीसी में भी सरकार, वित्तीय सेवाओं, विमानन, ऊर्जा और रिटेल क्षेत्र की गैर-तकनीकी कंपनियों ने करीब 30 प्रतिशत भर्ती बढ़ाई है, जो देश में डिजिटल और साइबर सुरक्षा से जुड़े नियमों के तेजी से लागू होने का संकेत है।
--आईएएनएस
डीबीपी/वीसी
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