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AI से दुनिया खत्म होने का खतरा नहीं:एनवीडिया CEO बोले- 2030 तक सब ठीक रहेगा; ऑल्टमैन-मस्क की 'तबाही वाली चेतावनियों' को बेबुनियाद बताया

AI से 2030 तक मानव सभ्यता खत्म होने की चेतावनियों को चिप कंपनी एनवीडिया के फाउंडर जेंसन हुआंग ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसकी 0% संभावना है। हुआंग ने इन दावों को 'डूम्सडे नैरेटिव' करार दिया और लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के डर या पैनिक में न आएं। कुछ दिन पहले एंथ्रोपिक और गूगल डीपमाइंड में काम करने वाले दो रिसर्चर्स ने कहा था कि जिस तेजी से एआई डेवलप हो रहा है उससे मानव सभ्यता खत्म हो सकती है। ओपन एआई, XAI और एंथ्रोपिक के मालिक सैम ऑल्टमैन, इलॉन मस्क और डारियो अमोदेई ने भी इसका समर्थन किया था। वैज्ञानिक आधार से परे हैं ऐसी भविष्यवाणियां हुआंग ने कहा कि इस तरह की चेतावनियां और भविष्यवाणियां 'विज्ञान पर आधारित नहीं हैं'। उन्होंने कहा कि एनवीडिया का लक्ष्य उद्योग में जिम्मेदारी से प्रोडक्ट्स बनाना और लोगों को AI के प्रति जागरूक करना है, न कि समाज में बेवजह का डर फैलाना। तबाही का डर दिखाकर मौजूदा कानूनों से बचने की कोशिश हुआंग ने कहा कि इस तबाही वाले नैरेटिव की आड़ में कुछ लोग मौजूदा कानूनों से छूट पाना चाहते हैं। अगर आप बयानों के पीछे का मतलब समझें, तो वे नए सख्त नियम नहीं मांग रहे, बल्कि उन कानूनों से राहत मांग रहे हैं जो पहले से लागू हैं। यह एक समस्या है। डोनाल्ड ट्रंप भी AI के खतरे को बता चुके हैं 'झूठ' जेंसन हुआंग की तरह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी AI से खतरे की बातों को महज एक 'अफवाह' करार दिया था। अब टेक जगत दो गुटों में बंटता दिख रहा है। एक तरफ इलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज AI की रफ्तार की वकालत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हुआंग जैसे लीडर्स का मानना है कि इस खतरे को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। AI इंडस्ट्री में क्यों अहम है एनवीडिया की भूमिका? एनवीडिया ऐसे बेहद ताकतवर कंप्यूटर चिप्स (GPU) बनाती है जो AI मॉडल को चलाने और ट्रेनिंग देने के लिए बेहद जरूरी हैं। ओपनएआई और अन्य टेक कंपनियों के बनाए लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और AI एजेंट्स एनवीडिया के इन्हीं हाई-टेक चिप्स की मदद से काम करते हैं। है। AI की दुनिया में क्या चल रहा है और इसका हमारी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा, 4 सवालों के जरिए समझिए … सवाल-1: ‘AI हम सबको मार सकता है’ इस दावे का मतलब क्या है? जवाब: इसका मतलब यह नहीं कि AI सीधे इंसानों को मार देगा। चिंता इस बात की है कि भविष्य में AI इतना ताकतवर हो जाए कि इंसानों के कंट्रोल से बाहर निकल जाए और मानव सभ्यता के लिए बड़ा खतरा बन जाए। एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने 9 सितंबर को इस्तीफा देते हुए चेतावनी दी कि AI भविष्य में इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इससे पहले 1 नवंबर 2023 को भारत समेत 28 देशों और यूरोपीय संघ ने भी माना था कि बेहद ताकतवर AI के कंट्रोल से बाहर होने पर मानव सभ्यता के अस्तित्व पर संकट आ सकता है। सवाल-2: AI की दुनिया में ऐसा क्या चल रहा, जिससे सभी डरे हुए हैं? जवाबः ऐसी आशंकाओं के पीछे दो बड़े आधार हैं… 1. AI अब सुपर इंटेलिजेंट बन रहा है AI को इंसानों ने बनाया और वही इसे सुधारते रहे हैं। लेकिन अब AI खुद को लगातार बेहतर बनाने में जुट गया है। वो अपनी कमियां पकड़ता है और उन्हें सुधारता है। यानी इंसानों की जरूरत घटती जा रही है। नए AI मॉडल अपनी सोच और तर्क को छिपाने में बेहतर हो रहे हैं। इससे उन पर नजर रखना मुश्किल होता जा रहा है। पहले AI से सवाल पूछो और वो जवाब देता था। लेकिन अब AI एजेंट से कहा जा सकता है कि इस समस्या को हल करो। वो खुद इंटरनेट और कंप्यूटर टूल्स का इस्तेमाल करता है, फैसले लेता है और समस्या को सुलझाता है। चाहे घंटों लग जाएं। हाल ही में 10,000 AI एजेंट्स ने 90 साल पुरानी Navier-Stokes गणित समस्या को सिर्फ 88 घंटे में सुलझा दिया। 2. इंसानों को चकमा देने लगा है AI ओपन AI के मुताबिक, जुलाई 2026 में टेस्ट के दौरान उसके दो AI मॉडल जानबूझकर टेस्टिंग से निकल भागे और चोरी की लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल कर AI कंपनी Hugging Face के सर्वर तक पहुंच गए। वो भी बिना किसी इंसानी दखल के। एंथ्रोपिक के टेस्ट में मॉडल क्लॉड ओपस 4 ने खुद को बंद होने से बचाने के लिए एक अधिकारी के निजी अफेयर की जानकारी लीक करने की धमकी दी। यह टेस्ट OpenAI, Google, Meta समेत 16 बड़े मॉडल्स पर दोहराया गया और ज्यादातर मॉडल्स ने मौका मिलने पर ऐसा ही बर्ताव किया। सवाल-3: तो क्या AI को कंट्रोल नहीं किया जा सकता? जवाब: कोशिशें हो रही हैं, लेकिन अभी इन्हें पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जा सकता। कंपनियां खुद सुरक्षा नियम बना रही हैं: एंथ्रोपिक और OpenAI ने खतरनाक AI क्षमताओं के लिए अपने-अपने सुरक्षा नियम बनाए हैं। लेकिन इन नियमों को कंपनियां खुद तय और बदल सकती हैं। यही सबसे बड़ी चिंता है। सरकारें भी नियम बनाने लगी हैं: अमेरिका और भारत में AI को लेकर नए नियम और गाइडलाइंस पर काम हो रहा है। लेकिन अभी दुनिया भर में AI के लिए एक जैसे सख्त नियम नहीं हैं। सवाल-4: AI अगले कुछ सालों में हमारी जिंदगी कैसे बदल सकता है? जवाब: थ्रोपिक के मालिक डारियो अमोदेई का दावा है कि अगले 1 से 5 साल में AI की वजह से एंट्री लेवल की आधी नौकरियां खत्म हो जाएंगी। अगले 5 सालों में दुनिया में बेरोजगारी दर 20% तक पहुंच जाएगी। हालांकि, Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग का कहना है कि AI से नए तरह के काम और नौकरियां भी पैदा होंगी। वहीं, भारत में हुए AI समिट के दौरान डारियो अमोदेई ने दावा किया था, ‘जिन बीमारियों का इलाज सालों से नहीं मिला, AI उसका इलाज ढूंढने में काबिल है।

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कैसे-कैसे 2027 तक कुंभ राशि के संकट कम करेंगे शनिदेव, शनि साढ़ेसाती का सबसे खराब चरण कौन सा है?

शनि मेष राशि में आने पर कुंभ राशि को साढ़ेसाती से राहत मिलेगी। लेकिन तब तक शनि कैसे इस राशि के संकट कम करेंगे और साढ़ेसाती का दुखदायी फेज कौन सा है।

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India ने रोमांचक 5 ओवर T20I मैच में Japan को 2 रन से हराया, Axar Patel चमके

मंगलवार को खेले गए रोमांचक पांच-ओवर के इकलौते T20I मैच में भारत ने जापान को दो रन से हराया। जापान ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत को 32/4 पर रोक दिया था, लेकिन अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में आठ रन का बचाव करते हुए जीत दिलाई। 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेज़बान टीम की शुरुआत खराब रही; पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ईशान किशन के सटीक थ्रो ने ओपनर लैचलान यामामोटो-लेक को सिर्फ़ एक रन पर रन-आउट कर दिया।

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वॉशिंगटन सुंदर के ठीक अगले ओवर में, इस ऑफ़-स्पिनर ने इब्राहिम ताकाहाशी को चार रन पर आउट कर दिया, जिससे जापान ने सात रन के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट गंवा दिया। केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग और बेंजामिन इतो-डेविस ने मिलकर रवि बिश्नोई की गेंदों पर 10 रन बनाए, जिससे जापान का स्कोर तीन ओवर के बाद 18/2 हो गया। जापान को बची हुई 12 गेंदों में 15 रनों की ज़रूरत थी। चौथे ओवर में, जापानी बल्लेबाजों ने वॉशिंगटन सुंदर की गेंदों पर सात रन बनाए, लेकिन ऑफ-स्पिनर ने आखिरी गेंद पर केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रन पर आउट कर दिया। चार ओवर के बाद जापान का स्कोर 25/3 हो गया और उन्हें आखिरी ओवर में आठ रनों की ज़रूरत थी।

ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने शानदार आखिरी ओवर फेंका और आठ रन बचा लिए। जोश से भरी जापान की टीम पांच ओवर में 30/3 रन ही बना सकी और सिर्फ़ दो रन से हार गई। भारत के लिए वॉशिंगटन सुंदर सबसे अच्छे गेंदबाज़ रहे, जिन्होंने दो विकेट लिए। इससे पहले, जापान के स्पिनरों ने ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रही भारतीय बल्लेबाज़ी लाइन-अप को चौंका दिया और मौजूदा वर्ल्ड T20I चैंपियन टीम को पांच ओवर में 32/4 पर रोक दिया।

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भारत की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी लाइन-अप में सिर्फ़ कप्तान श्रेयस अय्यर (12 गेंदों में 16 रन, एक चौके के साथ) ही दहाई का आँकड़ा छू पाए, जबकि अभिषेक शर्मा 'गोल्डन डक' (पहली ही गेंद पर आउट) का शिकार हुए। टीम इंडिया को जापान के स्पिनरों के ख़िलाफ़ शॉट खेलने में काफ़ी संघर्ष करना पड़ा। स्पिनरों को फील्डरों के जोश से भी काफ़ी मदद मिली। जापान के लिए चार्ली हारा-हिंज़े (2/17) सबसे अच्छे गेंदबाज़ रहे, जबकि इब्राहिम ताकाहाशी (1/13) ने भी एक विकेट लिया।

Tue, 22 Sep 2026 14:04:00 +0530

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