IIT बॉम्बे के हॉस्टल और कैंपस से सीलिंग फैन हटेंगे:वॉल-माउंटेड फैन लगाने की तैयारी; बीटेक स्टूडेंट की मौत के बाद फैसला
IIT बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन को हटाकर वॉल-माउंटेड फैन लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech सेकेंड ईयर के छात्र थे। शुक्रवार शाम पॉवई कैंपस के हॉस्टल रूम में उनका शव मिला था। सूत्रों के मुताबिक, संस्थान ने जुलाई में एक छात्र की आत्महत्या के बाद ही फैन बदलने पर चर्चा शुरू कर दी थी। साहिल की मौत के बाद इस फैसले पर फिर ध्यान गया। कैंपस में वॉल-माउंटेड फैन का एक बैच पहुंचने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। ये फैन सभी हॉस्टल और कैंपस के दूसरे उपयोगी हिस्सों में लगाए जाएंगे। NCP (SP) नेता ने फैसले पर सवाल उठाए NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने फैन बदलने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सिर्फ सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने से छात्रों की आत्महत्या की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आत्महत्या की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही। गावंडे ने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में IITs में 117 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या हुई है।
जहरीली शराब कांड के बाद जागा शहडोल प्रशासन, बुढार में छापेमारी कर 255 किलो महुआ लाहन जब्त
प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद आखिरकार शहडोल का पुलिस महकमा नींद से जाग गया है। शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में पुलिस ने अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी करके अवैध शराब के कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया।
दरअसल, लंबे समय से इस इलाके में अवैध कच्ची शराब बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था, लेकिन राज्य में हुए हादसों के बाद पुलिस को आनन-फानन में यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
भारी मात्रा में लाहन और कच्ची शराब बरामद
बुढार पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब और उसे बनाने वाली सामग्री जब्त की गई है। पुलिस टीम ने कुल 255 किलो महुआ लाहन और 37 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची शराब बरामद की है। आपको बता दें कि मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
क्या हादसों के बाद ही जागता है प्रशासन?
इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पुलिस की निगरानी और कार्यशैली पर उठ रहा है। क्या यह अवैध कारोबार रातों-रात शुरू हुआ था, या फिर काफी समय से बेखौफ चल रहा था? दरअसल, स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस को इसकी जानकारी पहले से थी। अगर आबकारी विभाग सही समय पर कड़ा रुख अपनाता, तो हादसों का इंतजार किए बिना ही इस अवैध धंधे पर काफी पहले लगाम लग सकती थी।
सतत कार्रवाई और कड़े पहरे की सख्त जरूरत
अब देखना यह होगा कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ कुछ दिनों का दिखावा है या पुलिस आगे भी इस तरह की सख्ती जारी रखेगी। आपको बता दें कि ग्रामीण इलाकों में अवैध हाथ भट्ठी शराब का धंधा लोगों की जान के लिए हमेशा बड़ा खतरा बना रहता है। ऐसे में सिर्फ 6 लोगों पर केस दर्ज करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पुलिस को इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी।
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