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हूतियों के खिलाफ सऊदी की मदद करेगा ब्रिटेन:हवा में लड़ाकू विमानों में ईंधन भरेगा; जंग से 1.2 लाख यमन के लोग बेघर

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इस बीच ब्रिटेन ने सऊदी को मदद देने का फैसला किया है। सोमवार को न्यूयॉर्क जाते समय पत्रकारों से बात करते हुए ब्रिटिश पीएम ने कहा ब्रिटेन एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग के लिए टैंकर देगा। यानी हवा में उड़ते सऊदी लड़ाकू विमानों में ईंधन भरा जा सकेगा। इधर लड़ाई का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में 3,000 से ज्यादा यमनी शरणार्थी जिबूती पहुंचे हैं। UN के मुताबिक, लाल सागर के तट पर लड़ाई बढ़ने से अब तक 1.2 लाख से ज्यादा यमनी लोग बेघर हो चुके हैं। एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग क्या है? इसमें एक टैंकर विमान हवा में उड़ रहे लड़ाकू विमान में ही ईंधन भरता है। लड़ाकू विमान को ईंधन भरने के लिए एयरबेस पर वापस नहीं उतरना पड़ता। इससे लड़ाकू विमान ज्यादा देर तक हवा में रह सकते हैं और लंबे समय तक निगरानी या रक्षा अभियान चला सकते हैं। ब्रिटेन एक RAF वॉयजर टैंकर विमान भेज सकता है ब्रिटेन की ओर से एक RAF वॉयजर टैंकर विमान तैनात किए जाने की उम्मीद है। यह विमान साइप्रस स्थित RAF अक्रोटिरी से ऑपरेट कर सकता है। ब्रिटेन की RAF के पास कुल 9 वॉयजर विमान हैं। इनमें 8 सैन्य रजिस्ट्रेशन वाले और एक सिविलियन रजिस्ट्रेशन वाला विमान है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त विमानों को भी सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। यह समझौता समय-सीमित है। मदद महीनों के बजाय कुछ हफ्तों तक रहने की उम्मीद है। हालांकि, बर्नहम ने कहा है कि इसकी समीक्षा जारी रहेगी। ब्रिटेन इस साल पहले ही सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपना स्काई सेबर एयर डिफेंस सिस्टम वहां तैनात कर चुका है। कुछ ही दिनों में 3 हजार से ज्यादा लोग जिबूती पहुंचे पिछले कुछ दिनों में 3 हजार से ज्यादा यमनी शरणार्थी जिबूती पहुंचे हैं। UN के अनुमान के मुताबिक, यमन के लाल सागर तट पर लड़ाई अचानक बढ़ने के बाद कुल 1.2 लाख से ज्यादा यमनी लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से कई लोग नाव से बाब-अल-मंदब स्ट्रेट पार करके जिबूती पहुंचे। वहां से वे ट्रक या पैदल मार्काजी कैंप तक पहुंचे। कैंप को जिबूती सरकार और UN मिलकर चलाते हैं। हूती तेजी ने लाल सागर के तट के पास अहम द्वीपों पर कब्जा किया यमन के हूतियों ने इस महीने लाल सागर के तट की ओर तेजी से बढ़ते हुए बाब-अल-मंदब स्ट्रेट के पास के इलाकों पर कब्जा किया है। यह स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ता है। इसलिए इस इलाके में लड़ाई का असर समुद्री रास्तों पर भी पड़ सकता है। हूतियों की इस बढ़त के बाद सऊदी अरब ने तटीय इलाकों में सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। दूसरी तरफ हूतियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के शहरों और बुनियादी ढांचे पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है। जिबूती युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता यमन के ठीक सामने स्थित जिबूती ने साफ किया है कि वह हूतियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकार के बीच युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता। हालांकि, जिबूती अफ्रीका के सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाले देशों में से एक है। 2003 से अमेरिका यहां कैंप लेमोनियर नाम का बड़ा सैन्य बेस चला रहा है। यहां चीन का भी बड़ा सैन्य बेस है। सऊदी पर हूतियों के हमले क्यों बढ़े? यह लड़ाई यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच है। हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाकर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले करने का दावा किया है। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन के अंदर हूती ठिकानों पर हमले किए हैं। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक, जुलाई से हूतियों ने सऊदी अरब के कई शहरों, एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इनमें अबहा, जिजान, नजरान, ताइफ, जेद्दा और यानबू शामिल हैं। लाल सागर में सऊदी जहाजों को भी निशाना बनाया गया है। इन हमलों में कुछ आम लोगों के घायल होने की बात कही गई है। ब्रिटेन ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उसका कहना है कि इससे क्षेत्र की स्थिरता और लाल सागर तथा बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर खतरा पैदा होता है। 2014 से चल रही है यमन में जंग यमन में 2014 से गृहयुद्ध चल रहा है। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। सऊदी अरब और हूतियों के बीच 2022 में UN की मध्यस्थता में एक संघर्षविराम हुआ था। लेकिन हाल के महीनों में यह समझौता बुरी तरह टूट गया है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले फिर बढ़ गए हैं। इस लड़ाई का असर सिर्फ यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। बाब-अल-मंदब से होकर गुजरने वाले समुद्री रास्ते के कारण यहां की सुरक्षा का असर लाल सागर के रास्ते होने वाले अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर भी पड़ सकता है। लेकिन इस लड़ाई की सबसे बड़ी कीमत उन लोगों को चुकानी पड़ रही है, जिन्हें अपना घर छोड़कर दूसरे देश में शरण लेनी पड़ रही है। ब्रिटेन पहले भी हूतियों पर हमला कर चुका है ब्रिटेन पहले भी हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर चुका है। जनवरी 2024 में ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर यमन में हूतियों के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। यह कार्रवाई लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हूतियों के लगातार हमलों के बाद की गई थी। उस अभियान में ब्रिटिश RAF टाइफून लड़ाकू विमानों को वॉयजर टैंकर विमानों से हवा में ईंधन दिया गया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में भी ब्रिटेन और अमेरिका ने यमन में हूतियों के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। इसमें ब्रिटिश RAF टाइफून लड़ाकू विमानों ने हूतियों के ड्रोन बनाने वाली एक जगह को निशाना बनाया था। इस अभियान में भी टाइफून विमानों को वॉयजर टैंकर से हवा में ईंधन दिया गया था। अब ब्रिटेन ने सऊदी अरब की मांग पर फिर वॉयजर टैंकर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह मदद फिलहाल कुछ हफ्तों के लिए होगी। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार ने हूती विद्रोहियों से सीक्रेट डील की: अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती लड़ाके, बदले में सऊदी की मदद नहीं करेगा अमेरिका अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ सीक्रेट डील की है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक इस पडील के तहत हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वे लाल सागर में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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साल 2010 का सबसे खूबसूरत रोमांटिक गाना, विशाल-शेखर ने धुन में घोली मिठास, श्रेया घोषाल की आवाज ने जीता दिल

नई दिल्ली. साल 2010 की फिल्म 'आई हेट लव स्टोरीज' का 'बहारा' एक बेहद खूबसूरत और लोकप्रिय रोमांटिक गाना है, जिसे सोनम कपूर और इमरान खान पर फिल्माया गया है. पर्दे पर सोनम कपूर की मासूमियत और इमरान खान के साथ उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. संगीतकार जोड़ी विशाल-शेखर की धुन से इस गाने में लोक संगीत और आधुनिक पॉप का बेहतरीन मिश्रण है. श्रेया घोषाल की मधुर आवाज ने इसमें एक अलग ही ताजगी भर दी है, जबकि कुमार द्वारा लिखे गए बोल मन को छू लेते हैं. यह गाना रिलीज होते ही चार्टबस्टर साबित हुआ था.

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JPN vs IND: पिच का कसूर या ओवरकॉन्फिडेंस... कमजोर जापान से क्यों हारते-हारते बची टीम इंडिया?

Shreyas Iyer on Indian cricket team: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को जापान के खिलाफ एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल में अपनी टीम की दो रन की रोमांचक जीत के बाद सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड की पिच को ‘बल्लेबाजी के लिए मुश्किल’ बताया. बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में दोनों टीम को केवल पांच-पांच ओवर खेलने का मौका मिला. Tue, 22 Sep 2026 17:13:45 +0530

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Command Centre: हूथी बन गए Pakistan के सबसे बड़े जानी दुश्मन | Hoothi | Pakistan | Munir | N18G #tmktech #vivo #v29pro
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Jamui Encounter: जमुई एनकाउंटर पर बोले जीतनराम मांझी | Manjhi | Tejashwi | BJP #shortvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-22T11:44:00+00:00
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