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चाकू पकड़ा तो पुलिस को जड़ दिया चांटा ……रतलाम के तेजा दशमी जुलूस में भारी बवाल

रतलाम जिले के शिवगढ़ में तेजा दशमी के जुलूस के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, सोमवार की दोपहर जुलूस में भारी भीड़ के बीच गश्त कर रही पुलिस ने कुछ युवकों की तलाशी ली, तो उनमें से एक के पास से चाकू बरामद हुआ। इसके बाद पुलिसकर्मी उस युवक को पकड़कर पूछताछ करने लगे, तभी वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और अचानक माहौल गर्म हो गया।

पुलिसकर्मी को मारा चांटा, फिर पकड़ा गला

जब आरक्षक कंवरलाल और नितेश जाटव आरोपी से पूछताछ कर रहे थे, तभी आरोपी के एक दोस्त ने आरक्षक कंवरलाल को थप्पड़ मार दिया। आपको बता दें कि चांटा पड़ते ही पुलिसकर्मी ने भी युवक को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ चांटे जड़े, जिसके जवाब में युवक ने आरक्षक का गला दबा दिया। दोनों के बीच सड़क पर ही काफी देर तक धक्का-मुक्की और खींचतान चलती रही, जिससे जुलूस में अफरा-तफरी मच गई।

भीड़ को खदेड़कर बाइक से ले गए थाने

हंगामा बढ़ता देख आरक्षक नितेश जाटव ने सख्ती दिखाई और पुलिस वालों पर हाथ उठाने की बात कहते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इसके बाद भी जब आरोपी युवक पुलिस से अकड़ दिखाता रहा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन बाइक के बीच में बैठाया और खींचकर शिवगढ़ थाने ले गए।

थाने में मांगी माफी, बिना कार्रवाई छोड़ा

थाने पहुंचने के बाद चांटा मारने वाले युवक ने पुलिस के सामने अपनी गलती मानते हुए हाथ जोड़कर माफी मांग ली। आपको बता दें कि थाना प्रभारी आरएस मकवाना के मुताबिक माफी मांगने के कारण उस युवक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और उसे छोड़ दिया गया। हालांकि, जिस युवक के पास से चाकू बरामद हुआ था, उसके खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।

 

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डोल ग्यारस पर MP में निकलेंगे डोल और झांकियां, निभाई जाएंगी पुरानी परंपराएं

आज डोल ग्यारस है, ऐसे में मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भव्य चल समारोह निकाले जाने वाले हैं। उज्जैन इंदौर सहित मध्य प्रदेश के कुछ शहरों में मौजूद प्रसिद्ध मंदिरों में धार्मिक आयोजन किए जाने वाले हैं। इस दिन को दान एकादशी के रूप में भी पहचाना जाता है। इस दिन पूजा और दान का विशेष महत्व है।

उज्जैन में डोल ग्यारस के मौके पर जहां नगर कोतवाल बाबा काल भैरव की सवारी निकाली जाएगी। वहीं शहर के अलग-अलग हिस्सों से डोल और झांकियां हरसिद्धि मंदिर पहुंचेंगे। इंदौर में भी भव्य चल समारोह निकलेगा। वहीं देवास के हाटपिपल्या में डेढ़ सौ साल पुरानी परंपरा निभाई जाएगी।

इंदौर में निकलेगा भव्य समारोह

आज इंदौर में अलग-अलग हिस्से से धार्मिक चल समारोह निकाले जाएंगे। इसके लिए राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। पुलिस ने लोगों से पहले ही भीड़ वाले क्षेत्रों में वाहन न लाने और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के अपील की है।

एक नहीं कई समारोह

इंदौर में एक नहीं बल्कि कई चल समारोह निकलने वाले हैं। लगभग तीन दशक से सिद्धेश्वर हनुमान व्यायाम शाला से डोल निकाले जा रहे हैं। यह शाम 6 बजे बाबूलाल नगर से निकलेंगे। इसमें श्री कृष्ण और राधा की झांकी के साथ अखाड़े मौजूद रहेंगे। बालिकाओं को शस्त्र कला का प्रदर्शन करते हुए भी देखा जाएगा। इसके अलावा शाम 7 बजे जूना रिसाला से लोधी समाज का डोल निकलेगा। प्रजापति समाज शाम 6 बजे कुम्हारखाड़ी मेन रोड पर मौजूद प्रजापति धर्मशाला से चल समारोह निकलेगा।

इसी तरह से कोष्टी समाज शाम 7 बजे राजकुमार मिल की श्री राम मंदिर धर्मशाला से डोल निकलेगा। इसमें बाबा नीम करौली की झांकी रहने वाली है। यात्रा राजवाड़ा होते हुए निकलेगी। वहीं देवांग कोष्टी समाज शाम 7 बजे परदेशीपुरा से डोल निकालेगा। 132 साल से यह परंपरा में निभाई जा रही है।

उज्जैन में सवारी और डोल

उज्जैन में आज सबसे खास नगर कोतवाल और बाबा महाकाल के सेनापति भगवान काल भैरव की सवारी रहती है। शाम 4 बजे मंदिर से राजसी अंदाज में सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है। इसके अलावा शहर की अलग-अलग क्षेत्र से फूल डोल चल समारोह और झांकियां निकाले जाते हैं। इसमें मक्सी रोड के किशनपुरा से निकलने वाला बैरवा समाज का चल समारोह काफी आकर्षक होता है। इसके अलावा अन्य अखाड़ों द्वारा 30 से ज्यादा झांकिया और डोल निकाले जाते हैं।

देवास में 150 साल पुरानी परंपरा

मध्य प्रदेश के देवास जिले में डोल ग्यारस पर डेढ़ सौ साल पुरानी परंपरा देखने को मिलेगी। यहां के हाटपिपल्या में भगवान नरसिंह के मंदिर हैं। आज मंदिर से भगवान की प्रतिमा नगर भ्रमण पर निकलती है। ढोल ताशे और पुलिस बैंड के साथ यह सवारी चासिया मार्ग स्थित भमोरी नदी के नरसिंह घाट जाती है। यहां पूजा के पश्चात भगवान को प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। इसके बाद मुख्य पुजारी पाषाण की प्रतिमा को नदी के पानी में तीन बार उतारते हैं।

जुड़ी है ये मान्यता

पाषाण की यह तकरीबन साढ़े 7 किलो वजनी प्रतिमा को नदी में उतारने के पीछे एक गहरी मान्यता है। परंपरा के मुताबिक प्रतिमा को तीन बार नदी में उतारा जाता है। इसके हर बार तैरने या डूबने को आने वाले वर्ष के संकेत के रूप में देखा जाता है। अगर प्रतिमा तीन बार तैरती है, तो पूरा साल सुख समृद्धि और खुशहाली से भरा हुआ माना जाता है। ये अच्छी फसल का संकेत भी है। वहीं अगर प्रतिमा दो बार तैरती है और एक बार डूबती है इसका मतलब है कि साल के 8 महीने अच्छे और 4 महीने सामान्य और थोड़े कठिन गुजरेंगे। वहीं प्रतिमा एक बार तैरती है और दो बात डूबती है तो साल के 4 महीने अच्छे और 8 महीने कठिन माने जाते हैं। प्रतिमा अगर तीनों बार डूब जाए तो इसे अशुभ संकेत कहा जाता है। इसे सूखे, अकाल और प्राकृतिक आपदा से जुड़ा हुआ माना जाता है।

भोपाल में भी निकलेगा जुलूस

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी डोल ग्यारस का जुलूस निकलेगा। इसे देखते हुए मंगलवार दोपहर 1 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन शुरू कर दिया जाएगा। चौक बाजार से खटलापुरा मंदिर तक जुलूस जिन मार्गों से गुजरेगा। वहां ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। भारत टॉकीज से न्यू मार्केट और रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा।

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  Sports

Smriti Mandhana ने रचा इतिहास, 11000 International Runs बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं

भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने रिकॉर्ड बनाने का अपना सिलसिला जारी रखते हुए 11,000 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का कारनामा कर दिखाया। एशियाई खेलों में श्रीलंका के खिलाफ़ खिताबी मुकाबले में मंधाना ने एक और शानदार 'बिग मैच' पारी खेली। उन्होंने 175.56 के स्ट्राइक रेट से 45 गेंदों में 79 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल थे। मंधाना महिला T20I में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं; उन्होंने 179 मैचों और 172 पारियों में 31.00 के औसत और 127.47 के स्ट्राइक रेट से कुल 4,867 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और 37 अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 124 रन है।

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वह महिला वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली छठी खिलाड़ी हैं; उन्होंने 120 मैचों और पारियों में 47.88 की औसत से 5,411 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 136 रहा है। नौ टेस्ट मैचों में, उन्होंने 52.53 की औसत से 788 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 149 रहा है। कुल मिलाकर, 308 मैचों और पारियों में उन्होंने 11,066 रन बनाए हैं और उनके नाम 18 शतक हैं। वह महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली और सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाली खिलाड़ी हैं।

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मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया। स्मृति (45 गेंदों में 79 रन, जिसमें पाँच चौके और सात छक्के शामिल थे) और शैफ़ाली (29 गेंदों में 48 रन, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे) के बीच 99 रनों की साझेदारी से भारत की पारी की शुरुआत हुई। कप्तान हरमनप्रीत कौर (17 गेंदों में 19 रन, तीन चौकों के साथ) कुछ खास नहीं कर पाईं, लेकिन ऋचा घोष की तूफ़ानी पारी (22 गेंदों में नाबाद 49 रन, छह चौकों और तीन छक्कों के साथ) ने भारत का स्कोर 216/3 तक पहुँचा दिया।

Tue, 22 Sep 2026 12:48:00 +0530

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