PF Tips: नौकरी बदली तो बन गए कई PF खाते? ऐसे खोजें पुराना पैसा और एक खाते में करें ट्रांसफर
नौकरी बदलने का मतलब बेहतर सैलरी, नए मौके और करियर में ग्रोथ हो सकता, लेकिन जिन कर्मचारियों ने कई बार नौकरी बदली है, उनके लिए इसका नतीजा कई एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड अकाउंट भी हो सकते हैं।
कई प्रोविडेंट फंड अकाउंट को मैनेज करना कन्फ्यूजिंग हो सकता है, खासकर अगर पुराने अकाउंट को ठीक से ट्रैक न किया जाए। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), EPF मेंबर्स को दिया गया एक यूनिक 12-डिजिट का नंबर है, जिसे एक अकाउंट के तहत कई पीएफ मेंबर आईडी को लिंक करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
आइडियली, कर्मचारियों को अपने पूरे करियर में एक ही UAN का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी नई ऑर्गनाइज़ेशन में शामिल होने पर इसे अपने नए एम्प्लॉयर को देना चाहिए। हालांकि, जब कर्मचारी नौकरी बदलते हैं तो कभी-कभी कई यूएएन बन सकते हैं।
ऐसे मामलों में, पुराने अकाउंट की पहचान करना और जमा हुए PF बैलेंस को करंट अकाउंट में ट्रांसफर करने से रिटायरमेंट सेविंग्स को एक साथ लाने और सर्विस जारी रखने में मदद मिल सकती है।
कैसे चेक करें कि आपके पास कई PF अकाउंट हैं?
कर्मचारी EPFO मेंबर पोर्टल के ज़रिए अपनी EPF सर्विस हिस्ट्री चेक कर सकते हैं।
स्टेप 1: अपने UAN और पासवर्ड के साथ ऑफिशियल मेंबर पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: व्यू पर जाएं और टॉप मेन्यू से सर्विस हिस्ट्री चुनें।
स्टेप 3: अलग-अलग PF अकाउंट देखने के लिए अपने हर पिछले और मौजूदा एम्प्लॉयर द्वारा दी गई अलग-अलग मेंबर ID की लिस्ट देखें।
पुराने EPF पैसे को मर्ज और ट्रांसफर करने के स्टेप्स
स्टेप 1: EPFO मेंबर पोर्टल पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड का इस्तेमाल करके साइन इन करें।
स्टेप 2: टॉप मेन्यू में ऑनलाइन सर्विसेज़ टैब पर क्लिक करें।
स्टेप 3: नए पोर्टल पर, वन मेंबर – वन EPF अकाउंट (ट्रांसफर रिक्वेस्ट) ऑप्शन चुनें।
स्टेप 4: स्क्रीन पर दिखाई गई अपनी पर्सनल जानकारी और मौजूदा एम्प्लॉयमेंट PF डिटेल्स वेरिफाई करें।
स्टेप 5: पिछले अकाउंट डिटेल्स देखने के लिए अपनी पिछली मेंबर ID या पुराना UAN डालने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।
स्टेप 6: अपने पिछले एम्प्लॉयमेंट अकाउंट्स देखने के लिए ‘गेट डिटेल्स’ पर क्लिक करें।
स्टेप 7: फिर पोर्टल आपकी एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री से जुड़े पहले के EPF अकाउंट की डिटेल्स दिखाएगा। आप जिस पुराने PF अकाउंट को मर्ज करना चाहते हैं, उसे चुनें।
स्टेप 8: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड पाने के लिए Get OTP पर क्लिक करें।
स्टेप 9: OTP डालने के बाद, डिक्लेरेशन बॉक्स को चेक करें, और सबमिट पर क्लिक करें। मर्जर रिक्वेस्ट अप्रूवल के लिए जेनरेट हो जाएगी।
यह रिक्वेस्ट EPFO द्वारा ऑनलाइन अटेस्टेशन और अप्रूवल के लिए आपके पिछले या मौजूदा एम्प्लॉयर के पास जाती है। अप्रूवल के बाद, EPFO रिक्वेस्ट को प्रोसेस करता है और पिछले EPF अकाउंट को मौजूदा अकाउंट के साथ मर्ज कर देता है।
अपना PF अकाउंट ट्रांसफर करने में कितना समय लगता है?
कर्मचारी EPFO पोर्टल पर ट्रैक क्लेम स्टेटस सेक्शन के ज़रिए अपनी ट्रांसफर रिक्वेस्ट की प्रोग्रेस को मॉनिटर कर सकते। वेरिफिकेशन और अप्रूवल की ज़रूरतों के आधार पर प्रोसेसिंग टाइम में 10 से 15 वर्किंग डे लग सकते। इसलिए कर्मचारियों को एक फिक्स्ड टाइमलाइन मानने के बजाय रिक्वेस्ट को ऑनलाइन ट्रैक करना चाहिए।
पुराने PF अकाउंट को एक साथ करने से रिटायरमेंट सेविंग्स का ट्रैक रखना आसान हो सकता है, साथ ही लगातार EPF सर्विस रिकॉर्ड बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
Stock Market Crash: कच्चे तेल में तेजी से शेयर बाजार में हाहाकार, Nifty 23800 के पास पहुंचा
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल बाजारों में बिकवाली का दबाव घरेलू बाजार पर भी नजर आया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी करीब 1 फीसदी टूटकर 23,800 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। बैंक निफ्टी करीब 500 अंक टूटकर 56,823 के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार खुलते ही बढ़ी बिकवाली
ग्लोबल बाजारों में कमजोरी के बीच भारतीय बाजार में भी निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। निफ्टी में करीब 1 फीसदी की कमजोरी ने बाजार पर दबाव साफ कर दिया। बैंक निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 500 अंक तक नीचे चला गया।
IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
बुधवार के कारोबारी सत्र में IT, ऑटो और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। इन तीनों सेक्टोरल इंडेक्स में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। IT शेयरों में बिकवाली के कारण सेक्टर इंडेक्स कमजोर हुआ। वहीं ऑटो और रियल्टी शेयर भी बाजार की व्यापक कमजोरी से प्रभावित हुए।
कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बाजार के लिए अहम दबाव के रूप में देखा जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात लागत और कंपनियों के खर्च पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों की नजर कच्चे तेल की चाल पर भी बनी हुई है। इसके साथ ही ग्लोबल बाजारों में भारी बिकवाली का असर भी घरेलू शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है।
निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर
शुरुआती गिरावट के बाद अब बाजार की दिशा आगे के कारोबार में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और सेक्टोरल प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि निफ्टी 23,800 के आसपास किस तरह कारोबार करता है और बाजार में बिकवाली का दबाव आगे कितना बना रहता है। फिलहाल IT, ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार में दबाव कायम है।
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