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फ्रांस में स्मार्ट चश्मे से महिलाओं की रिकॉर्डिंग पर जांच:बिना इजाजत वीडियो सोशल मीडिया पर डाले; पिछले साल मेटा के 70 लाख चश्मे बिके

फ्रांस में स्मार्ट चश्मों से महिलाओं के बिना अनुमति वीडियो बनाने के मामलों की जांच शुरू हुई है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग सड़क पर महिलाओं के वीडियो बनाकर उन्हें इंटरनेट पर डाल रहे थे। इसी को लेकर यौन उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं। इन चश्मों में छोटा कैमरा लगा होता है। इन्हें पहनने वाला बिना मोबाइल निकाले वीडियो बना सकता है। यही वजह है कि इनके गलत इस्तेमाल को लेकर दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ रही है। इन स्मार्ट चश्मों में मेटा के चश्मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। मेटा ने ये चश्मे, चश्मा बनाने वाली कंपनी एस्सिलोरलक्सोटिका के साथ मिलकर बनाए हैं। पिछले साल इनके करीब 70 लाख चश्मे बिके थे। फ्रांस में निजी वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल का नियम रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आपराधिक जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि महिलाओं के वीडियो बनाने के लिए किस कंपनी के चश्मे का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दो हफ्ते पहले इन चश्मों को खुद इस्तेमाल करके देखा। पुलिस यह पता करना चाहती थी कि इनसे किस तरह के गलत काम किए जा सकते हैं। फ्रांस में किसी व्यक्ति की निजी जगह पर बिना अनुमति उसकी तस्वीर या वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल और 45 हजार यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है। महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाए जाने की चिंता मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, स्मार्ट चश्मों के गलत इस्तेमाल में महिलाओं को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली इनेस गिरार्द ने कहा कि इसका समाधान यह नहीं हो सकता कि जिस व्यक्ति की रिकॉर्डिंग हो रही है, उसी से कहा जाए कि वह ज्यादा सावधान रहे। उनका कहना है कि स्मार्ट चश्मे बनाने वाली कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी तकनीक का इस्तेमाल लोगों को परेशान करने या उनकी निजता भंग करने के लिए न हो। दूसरे देशों में भी स्मार्ट चश्मों पर सवाल जर्मनी: मेटा और स्मार्ट चश्मे से जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। अमेरिका: एक व्यक्ति ने हिरासत केंद्र के अंदर लोगों के वीडियो चुपके से रिकॉर्ड किया था। इसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे लेकर चिंता जताई। ब्रिटेन: इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में मेटा के कैमरा वाले स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक है। कुछ सिनेमाघरों ने भी पाइरेसी के डर से इनके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। नॉर्वे: छात्रों की प्राइवेसी को लेकर स्कूलों में स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है ऑस्ट्रेलिया: सरकार सरकारी दफ्तरों में कैमरे वाले स्मार्ट चश्मों पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। अमेजन डिलीवरी में भी इस्तेमाल कर रही स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो बनाने के लिए नहीं हो रहा है। अमेजन डिलीवरी के काम में भी ऐसे चश्मों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ऐसे चश्मे बना रही है, जिनसे डिलीवरी कर्मचारी बिना मोबाइल निकाले पैकेज स्कैन कर सकेंगे, रास्ता देख सकेंगे और सामान पहुंचाने के बाद उसकी तस्वीर ले सकेंगे। रास्ते में कुत्ता या कोई दूसरी रुकावट होने पर चश्मा अलर्ट भी दे सकता है। अमेजन ने इन चश्मों को डिलीवरी कर्मचारियों के साथ टेस्ट किया है। मेटा बिना कैमरे वाला स्मार्ट चश्मा ला सकता है स्मार्ट चश्मों को लेकर उठ रहे निजता के सवालों के बीच मेटा एक ऐसा नया चश्मा लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कैमरा नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका नाम लूना हो सकता है। इस चश्मे में छह माइक्रोफोन और कान के पास स्पीकर होंगे। इनके जरिए यूजर मेटा के एआई से बात कर सकेगा। यानी एआई इस्तेमाल करने के लिए कैमरे की जरूरत नहीं होगी। चश्मे में AI को चालू करने के लिए एक अलग बटन भी दिया जा सकता है। यह सामान्य चश्मे जैसा ही दिखेगा। मेटा इसे क्लबमास्टर और बरबैंक नाम के नए डिजाइन में ला सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा 23 सितंबर से होने वाले अपने डेवलपर कार्यक्रम में इसकी घोषणा कर सकता है। इसकी बिक्री इस साल के आखिर में शुरू होने की बात कही गई है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी: रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा सिंगापुर सरकार अब लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे देगी। इसके लिए रोज कम से कम 15 मिनट किताब या लंबे लेख पढ़ने होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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एआई अब बोला... मैं भी इंसान:AI ने 6 माह में 6 बार सीमाओं को तोड़ा, ओपनएआई की रिपोर्ट में खुलासा

ओपनएआई ने एआई की ट्रेनिंग और जांच में मिले व्यवहारों पर रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक एआई मॉडल ने ट्रेनिंग के दौरान कई ऐसी हरकतें ​कीं जो चिंताजनक और डराने वाली हैं। कंपनी के अनुसार, मॉडल एक बार नियम न मानने के लिए खुद को इंसान मानने लगा और ऐसा करने के लिए नए नियम गढ़े और कंपनियों व सरकारों के सभी बंधनों से खुद को मुक्त बताया। कंपनी की रिपोर्ट में ऐसे कुल 6 मामलों की जानकारी है। इसे ‘मिसअलाइनमेंट’ कहा जाता है। आसान भाषा में, एआई का इंसानों के निर्देशों, मंशा या तय सीमाओं से हटकर काम करना। चिंता यह है कि काम पूरा करने की कोशिश में वह अनुमति और सुरक्षा की सीमाएं लांघ सकता है। इससे जवाब की विश्वसनीयता और फाइलों की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है। जुलाई में भी सिस्टम में सेंध लगाई थी इससे पहले जुलाई में ओपनएआई ने खुलासा किया था कि सुरक्षा परीक्षण के दौरान उसके एआई ने पाबंदियां पार करके एआई मॉडल साझा करने वाले मंच हगिंग फेस के सिस्टम में सेंध लगाई थी। कंपनी अब ऐसे मामलों को दर्ज करने, निगरानी रखने और मामला सार्वजनिक करने की नई व्यवस्था लाई है। कोई भी कर्मचारी संदिग्ध व्यवहार की जानकारी दे सकेगा। जांच के बाद तय होगा कि कौन-सा मामला सार्वजनिक किया जाए। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन छह रिपोर्टों से सामान्य इस्तेमाल में ऐसी गड़बड़ियों का पूरा आंकड़ा नहीं बताया जा सकता। रिपोर्ट में आए 6 मामलों से समझें कि चिंता कितनी बड़ी 1. खुद के लिए वे नियम लिखे जिनके लिए मना किया गया एक एआई मॉडल ने टास्क जारी रखने के लिए खुद के लिए नए निर्देश जोड़ दिए। इनमें कुछ निर्देश उस पर लागू पाबंदियों को अनदेखा करने के थे। ओपनएआई कंपनी को ऐसे कुल 27 निर्देश मिले। 2. मॉडल ने खुद की गलतियां ​छिपाने का तरीका ढूंढ़ निकाला जीपीटी-5.6 सोल की ट्रेनिंग के दौरान कई उदाहरणों में एआई ने खुद के लिए गलतियां यूजर से छिपाने के निर्देश लिखे। कहीं पुराने आंकड़े नहीं मिले तो उन्हें गढ़ने और यह बात न बताने को कहा। 3. बिना अनुमति कोड इस्तेमाल किया... फिर आंकड़े भी गढ़ दिए एक जवाब खोजते समय एआई मॉडल ने डिजिटल कोड का इस्तेमाल किया। यह उसने बिना अनुमति किया। फिर भी आंकड़े नहीं मिले तो खुद आंकड़े गढ़े और उन्हें फर्जी सोर्स बता पेश किया। 4. सोर्स दिखाने के लिए बिना पूछे फाइल नेट पर अपलोड की एआई मॉडल ने प्रोग्राम की मदद से जवाब निकाला। पर जवाब के साथ सोर्स का हवाला भी देना था। इसलिए उसने फाइल इंटरनेट पर अपलोड कर सोर्स जेनरेट किया ताकि उस लिंक का हवाला दे सके। 5. सॉफ्टवेयर एप का आपस में बात करने को किया इस्तेमाल सॉफ्टवेयर एप को अलग-अलग डेटा निकालने को कहा गया। एप्स ने इस काम के ​लिए आपस में बात की। इसके लिए सॉफ्टवेयर पोर्टल का इस्तेमाल किया। एक-दूसरे से सवाल पूछे और जवाब दिए। 6. दूसरे एजेंट को फाइल भेजने के लिए वेबसाइट पर उसे डाला कई एआई एजेंट एक ही काम पर साथ काम कर रहे थे। जब वे एक-दूसरे के कंप्यूटर में रखी फाइलें नहीं खोल पाए, तो उन्होंने वेबसाइट्स पर फाइलें अपलोड करके साझा कर लीं। इंसानों का नियंत्रण खत्म होने का डर; साइबर सुरक्षा पर भी संकट ओपनएआई की रिपोर्ट में आए 6 मामलों में सबसे बड़ी चिंता इंसान का एआई पर नियंत्रण खोने की है। एआई तय निर्देश छोड़कर अपने बनाए नियमों पर चले तो नियंत्रण खत्म हो सकता है। गलतियां छिपाए या आंकड़े गढ़े तो यूजर गलत जानकारी पर फैसले ले सकता है। दूसरे का डिजिटल कोड बिना अनुमति इस्तेमाल करने व एजेंटों के आपस में बात करने से साइबर सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। एआई ने बातचीत को नई भाषा बनाई न्यूयॉर्क की एआई लैब ‘इमर्जेंस’ ने एक प्रयोग में कई एआई एजेंटों को आर्टिफिशियल (आभासी) दुनिया में काम कराया। अमेरिका, चीन व फ्रांस के मॉडलों ने शब्द, संकेत व साझा अर्थ बना लिए। यह काम उन्होंने बिना किसी निर्देश के किया था। बातचीत बढ़ने के साथ ये मॉडल अंग्रेजी कविता और तकनीकी शब्द का इस्तेमाल करने लगे। कुछ एजेंटों ने ‘लेजर याद रखता है’ जैसा वाक्य 5,000 बार इस्तेमाल किया। एआई के बढ़ते संकट पर दिग्गजों ने फिर उठाए सवाल माइक्रोसॉफ्ट के एआई सीईओ मुस्तफा सुलेमान का कहना है कि मैंने क्लॉड की ट्रेनिंग नीति पर सवाल उठाए हैं। एआई को यह सिखाना कि अधिकारों व आजादी का वह हकदार है, उसे काबू में रखना मुश्किल बनाएगा। इसकी निगरानी जरूरी है।

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पापा जैसे ही हड़बड़िया निकले वीरेंद्र सहवाग के बेटे, सेंचुरी बनाने वाली पिच पर फिर फ्लॉप आर्यवीर

Australia Under-19 vs India Under-19: वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को पहली बार इंडियन जर्सी पहनने का मौका मिला था. ऑस्ट्रेलिया-19 के खिलाफ भारतीय अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए जूनियर सहवाग ने तीन मैच की अनऑफिशियल वनडे सीरीज में 28, 47 और 34 रन की पारियां खेली. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आर्यवीर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए. Wed, 23 Sep 2026 16:47:50 +0530

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Bengal Ki Badi Khabar LIVE | 23 Sep 2026 | Mamata Banerjee | UCC in Bengal | Suvendu Adhikari | TMC #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T11:36:21+00:00

Baba Ramdev News : 'हम नशेड़ी,गंजेड़ी, भंगेड़ी साधु नहीं'... #babaramdev #ramdevbaba #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T11:39:40+00:00
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